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पार्षदों ने लगाया पक्षपात का आरोप
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झांसी। भाजपा पार्षदों के बाद अब विपक्षी दलों के पार्षद नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली से खफा हो गए हैं। मंगलवार को विपक्षी दलों के कई पार्षदों ने नगर आयुक्त से मुलाकात कर भेदभाव का आरोप लगाया। पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि उनके वार्डों के अन्य कार्यों को स्वीकृति नहीं दी गई, तो दो दिन बाद नगर निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
पिछले कुछ दिनों से नगर निगम प्रशासन और पार्षदों के बीच मनमुटाव की स्थिति बनी हुई है। अभी कुछ दिन पहले भाजपा के पार्षद नगर निगम की कार्यप्रणाली से नाराज होकर मंडलायुक्त से शिकायत करने का मन बनाया था। अपर आयुक्त ने फोन कर नगर निगम अधिकारियों को पार्षदों की समस्याएं सुनकर निस्तारण के निर्देश दिए थे। इसके बाद छुट्टी का दिन होने के बावजूद भाजपा पार्षदों की बैठक बुलाकर उनके वार्डों के कार्यों की स्वीकृति होने की जानकारी दी गई थी। तब जाकर भाजपा पार्षद शांत हुए थे। अब विपक्षी दलों के पार्षद नगर निगम प्रशासन से असंतुष्ट हो गए है। इसके पीछे का कारण वह भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों के प्रस्तावों को अधिक तवज्जो देकर स्वीकृत होना बता रहे हैं। इसको लेकर मंगलवार की सुबह विपक्षी दलों के पार्षद नगर आयुक्त से मिलने पहुंचे। पार्षदों ने आरोप लगाया कि 60 वार्डों के लिए कुछ दिन पहले ही स्वीकृत हुए कार्यों में ज्यादातर काम भाजपा पार्षदों के वार्डों के हैं। भाजपा पार्षदों के वार्डों में चार से पांच काम निकाले तो विपक्षी दलों के वार्डों में सिर्फ एक-एक। इस दौरान पार्षदों ने नगर आयुक्त के सामने आंकड़ा भी प्रस्तुत किया। पार्षदों ने कहा कि बीजेपी पार्षदों के वार्डों के लिए 5.14 करोड़ रुपये के काम स्वीकृत किए गए हैं। जबकि, अन्य पार्टियों के पार्षदों के वार्डों के लिए महज 2.14 करोड़ के।
बसपा के पार्षद महेश गौतम ने कहा कि नगर आयुक्त को दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। भाजपा की तरह ही दूसरे दलों के पार्षदों के वार्डों के कार्य स्वीकृत नहीं किए गए तो दो दिन बाद नगर निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, पार्षद विकास खत्री ने कहा कि नगर निगम प्रशासन पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाए का आरोप लगाया। इस दौरान पार्षद उमेश जोशी, कन्हैया कपूर, मो. जाबिर, सुलेमान मंसूरी, दिस्यू वर्मा, पुष्पेंद्र यादव, दीपू यादव, अरविंद, आशीष रायकवार मौजूद रहे।
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वर्जन..
पार्षद अपनी समस्याओं को लेकर नगर आयुक्त से मिलने पहुंचे थे। उनके आरोपों की जांच करने के आदेश मुझे मिले हैं। पत्रावली देखने के बाद ही आरोपों के संबंध में कुछ कहा जा सकेगा। - अरुण कुमार गुप्ता, अपर नगर आयुक्त।
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पिछले कुछ दिनों से नगर निगम प्रशासन और पार्षदों के बीच मनमुटाव की स्थिति बनी हुई है। अभी कुछ दिन पहले भाजपा के पार्षद नगर निगम की कार्यप्रणाली से नाराज होकर मंडलायुक्त से शिकायत करने का मन बनाया था। अपर आयुक्त ने फोन कर नगर निगम अधिकारियों को पार्षदों की समस्याएं सुनकर निस्तारण के निर्देश दिए थे। इसके बाद छुट्टी का दिन होने के बावजूद भाजपा पार्षदों की बैठक बुलाकर उनके वार्डों के कार्यों की स्वीकृति होने की जानकारी दी गई थी। तब जाकर भाजपा पार्षद शांत हुए थे। अब विपक्षी दलों के पार्षद नगर निगम प्रशासन से असंतुष्ट हो गए है। इसके पीछे का कारण वह भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों के प्रस्तावों को अधिक तवज्जो देकर स्वीकृत होना बता रहे हैं। इसको लेकर मंगलवार की सुबह विपक्षी दलों के पार्षद नगर आयुक्त से मिलने पहुंचे। पार्षदों ने आरोप लगाया कि 60 वार्डों के लिए कुछ दिन पहले ही स्वीकृत हुए कार्यों में ज्यादातर काम भाजपा पार्षदों के वार्डों के हैं। भाजपा पार्षदों के वार्डों में चार से पांच काम निकाले तो विपक्षी दलों के वार्डों में सिर्फ एक-एक। इस दौरान पार्षदों ने नगर आयुक्त के सामने आंकड़ा भी प्रस्तुत किया। पार्षदों ने कहा कि बीजेपी पार्षदों के वार्डों के लिए 5.14 करोड़ रुपये के काम स्वीकृत किए गए हैं। जबकि, अन्य पार्टियों के पार्षदों के वार्डों के लिए महज 2.14 करोड़ के।
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बसपा के पार्षद महेश गौतम ने कहा कि नगर आयुक्त को दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। भाजपा की तरह ही दूसरे दलों के पार्षदों के वार्डों के कार्य स्वीकृत नहीं किए गए तो दो दिन बाद नगर निगम परिसर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं, पार्षद विकास खत्री ने कहा कि नगर निगम प्रशासन पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाए का आरोप लगाया। इस दौरान पार्षद उमेश जोशी, कन्हैया कपूर, मो. जाबिर, सुलेमान मंसूरी, दिस्यू वर्मा, पुष्पेंद्र यादव, दीपू यादव, अरविंद, आशीष रायकवार मौजूद रहे।
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पार्षद अपनी समस्याओं को लेकर नगर आयुक्त से मिलने पहुंचे थे। उनके आरोपों की जांच करने के आदेश मुझे मिले हैं। पत्रावली देखने के बाद ही आरोपों के संबंध में कुछ कहा जा सकेगा। - अरुण कुमार गुप्ता, अपर नगर आयुक्त।