फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   On strike, the lockout banks

कर्मचारी हड़ताल पर, बैंकों में रही तालाबंदी

Wed, 01 Mar 2017 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 01 Mar 2017 12:55 AM IST
विज्ञापन
On strike, the lockout banks
कर्मचारी हड़ताल पर, बैंकों में रही तालाबंदी - फोटो : amar ujala, jhansi news
केंद्र सरकार द्वारा मांगे न माने जाने के विरोध में मंगलवार को सभी बैंकों के कर्मचारी एक दिन की हड़ताल पर रहे। इससे जिले में लगभग सात सौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। इस दौरान बैंक कर्मचारियों ने एसबीआई मुख्य शाखा पर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार की नीतियों को कोसा। 
विज्ञापन

कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से मंगलवार को सुबह से ही बैंकों की शाखाओं में ताले लटके रहे, जिससे बैंक आने वाले लोगों को मायूसी उठानी पड़ी। इस दौरान हड़ताली कर्मचारी ध्यानचंद स्टेडियम के सामने स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के सामने इकट्ठा हुए। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकार श्रम कानूनों में बदलाव कर श्रमिक संगठनों के अधिकारों में दखल देने की कोशिश कर रही है। सरकार की श्रम नीतियां कर्मचारी विरोधी हैं। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न मांगे उठाईं गईं। 
विज्ञापन

इस मौके पर जिला संयोजक अशोक महावर, अनिल अड़जरिया, जिला उप संयोजक अनिल खत्री, ज्ञानेंद्र मोहन अवस्थी, निधि, आर के जुनेजा, सुधीर त्रिपाठी, पी के सेठी, सुशील साहू, जे एन पाठक, दिनेश नारायण श्रीवास्तव, भानसिंह कुशवाहा, मुरारी लाल तिवारी, वी डी बबेले, मेवालाल मौजूद रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सात सौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित  
हड़ताल में समाशोधन गृह (क्लीयरिंग हाउस) ठप रहने के कारण 300 करोड़ रुपये के 25 हजार चेक और ड्राफ्ट क्लीयर नहीं हो पाए। इसके अलावा लगभग तीन सौ करोड़ रुपये के नेफ्ट और आरटीजीएस से लेनदेन का काम भी नहीं हो पाया। बैंक अधिकारियों ने बताया कि जिले में लगभग सौ करोड़ रुपये की प्रतिदिन जमा और निकासी होती है जो हड़ताल के कारण नहीं हो पाई। 


बैंक कर्मचारियों ने यह रखीं मांगें 
---------------------------
- श्रमिक संगठनों के अधिकारों में सरकारी हस्तक्षेप न हो
- नोटबंदी के समय बैंक कर्मचारियों ने ओवरटाइम किया है, इसका अतिरिक्त भत्ता दिया जाए
- नए वेतनमान की प्रक्रिया शुरू की जाए
- बैंकों में अधिकारियों और कर्मचारियों को नियुक्तियां की जाएं
- नौकरी के समय छुट्टी न लेने पर मिलने वाली राशि को आयकर मुक्त किया जाए
- पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट की उपदान सीमा को हटाया जाए
- बैंक कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की तरह पेंशन दी जाए
- बैंकों में भी अनुकंपा नियुक्ति लागू की जाए
- डूब चुके ऋणों की बसूली के लिए कड़े कदम उठाए जाएं
- जानबूूझकर ऋण न चुकाने वालों पर फौजदारी का मुकदमा हो
- पांच दिन की बैंकिंग सेवा शुरू की जाए।

ग्रामीण बैंक कर्मी भी हड़ताल पर रहे 
यूनाइटेड फोरम ऑफ आरआरबी यूनियन के आह्वान पर बैंकिंग संगठनों की देशव्यापी हड़ताल में सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के कर्मचारी भी शामिल रहे। कर्मचारियों ने ग्रामीण बैंकों के निजीकरण का विरोध किया। इस दौरान ग्रामीण बैंक के ग्वालियर रोड स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर प्रदर्शन हुआ। इस मौके पर एस के मेहरा, रजनीश श्रीवास्तव, सौरभ जैन, वाइ एस यादव, ए के गौतम, राकेश राय, अनुष्का जसौरिया, एस के यादव, साकेत सोनी, निहाल चंद्र शिवहरे मौजूद रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed