{"_id":"5776b9834f1c1b0b7279b500","slug":"now-two-days-a-week-will-be-able-to-talk-to-prisoners","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब सप्ताह में दो दिन कैदी से बात कर सकेंगे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब सप्ताह में दो दिन कैदी से बात कर सकेंगे
Jhansi
Updated Sat, 02 Jul 2016 12:12 AM IST
विज्ञापन
अब सप्ताह में दो दिन कैदी से बात कर सकेंगे
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। अब जिला कारागार में बंद अपने करीबी से बात करना आसान हो जाएगा। इसके तहत परिजनों को सप्ताह में दो बार फोन से बात करने का मौका मिलेगा। जेल प्रशासन ‘ई-मुलाकात’ सुविधा सात जुलाई से शुरू कर देगा। इसके लिए कंप्यूटर और आवश्यक उपकरण लगाए जा चुके हैं।
कारागार में बंद कैदियों से मुलाकात करने के लिए आने वाले परिचित व परिजनों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। मुलाकातियों को पहले रजिस्ट्रेशन के लिए लाइन लगानी पड़ती है। फिर मुलाकात के लिए लाइन लगानी पड़ती है। इससे पूरा दिन बर्बाद हो जाता है। वहीं, इस प्रक्रिया में जेल प्रशासन के पास भी मुलाकातियों का रिकार्ड भी ज्यादा समय तक सुरक्षित नहीं रह पाता है। मगर अब ऐसा नहीं होगा, जेल प्रशासन के सामने कंप्यूटर पर क्लिक करते ही मुलाकाती व कैदी का सारा विवरण सामने होगा। ऐसा ‘ई-मुलाकात’ सिस्टम शुरू होने से होगा। इसके लिए जेल के बाहर दो काउंटर बनाए गए हैं, जो पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत हैं। इन काउंटरों पर मुलाकात करने वाले की फोटो खींची जाएगी और आईडी के हिसाब से विवरण अंकित किया जाएगा। इसके बाद मुलाकाती को फोटो खिंची पर्ची थमाई जाएगी ताकि वह जेल में जाकर मुलाकात कर सके।
वहीं, जेल के अंदर टेलीफोन बूथ बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो एक माह के अंदर शुरू हो जाएगी। इस बूथ से बंदी अपने परिवार अथवा परिचित से हफ्ते में दो बार बात कर सकेगा। इसके लिए कैदी को वह दो मोबाइल नंबर जेल प्रशासन को देने होंगे, जिन पर वह बात करेगा। जेल प्रशासन इन नंबरों का संबंधित थाना पुलिस से वेरीफिकेशन करवाएगा। पुलिस की रिपोर्ट आने के बाद ही दिए गए नंबरों पर बात करने की जेल प्रशासन अनुमति देगा।
विज्ञापन
जेल अधीक्षक एके मिश्रा ने बताया कि ‘ई-मुलाकात’ सिस्टम लगभग तैयार हो गया है। एक सप्ताह के अंदर इसे चालू करवा दिया जाएगा। इसके तहत अपनी फोटो लगी पर्ची से मुलाकाती जेल में जाकर कैदी से मुलाकात कर सकेगा। जेल के अंदर जल्द ही टेलीफोन बूथ शुरू कर दिया जाएगा, जहां से कैदी अपने दिए गए दो मोबाइल नंबरों पर सप्ताह में दो बार बात कर सकेंगे। यह सुविधा भी जल्द शुरू करवा दी जाएगी।
विज्ञापन
कारागार में बंद कैदियों से मुलाकात करने के लिए आने वाले परिचित व परिजनों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। मुलाकातियों को पहले रजिस्ट्रेशन के लिए लाइन लगानी पड़ती है। फिर मुलाकात के लिए लाइन लगानी पड़ती है। इससे पूरा दिन बर्बाद हो जाता है। वहीं, इस प्रक्रिया में जेल प्रशासन के पास भी मुलाकातियों का रिकार्ड भी ज्यादा समय तक सुरक्षित नहीं रह पाता है। मगर अब ऐसा नहीं होगा, जेल प्रशासन के सामने कंप्यूटर पर क्लिक करते ही मुलाकाती व कैदी का सारा विवरण सामने होगा। ऐसा ‘ई-मुलाकात’ सिस्टम शुरू होने से होगा। इसके लिए जेल के बाहर दो काउंटर बनाए गए हैं, जो पूरी तरह से कंप्यूटरीकृत हैं। इन काउंटरों पर मुलाकात करने वाले की फोटो खींची जाएगी और आईडी के हिसाब से विवरण अंकित किया जाएगा। इसके बाद मुलाकाती को फोटो खिंची पर्ची थमाई जाएगी ताकि वह जेल में जाकर मुलाकात कर सके।
विज्ञापन
वहीं, जेल के अंदर टेलीफोन बूथ बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जो एक माह के अंदर शुरू हो जाएगी। इस बूथ से बंदी अपने परिवार अथवा परिचित से हफ्ते में दो बार बात कर सकेगा। इसके लिए कैदी को वह दो मोबाइल नंबर जेल प्रशासन को देने होंगे, जिन पर वह बात करेगा। जेल प्रशासन इन नंबरों का संबंधित थाना पुलिस से वेरीफिकेशन करवाएगा। पुलिस की रिपोर्ट आने के बाद ही दिए गए नंबरों पर बात करने की जेल प्रशासन अनुमति देगा।
विज्ञापन
जेल अधीक्षक एके मिश्रा ने बताया कि ‘ई-मुलाकात’ सिस्टम लगभग तैयार हो गया है। एक सप्ताह के अंदर इसे चालू करवा दिया जाएगा। इसके तहत अपनी फोटो लगी पर्ची से मुलाकाती जेल में जाकर कैदी से मुलाकात कर सकेगा। जेल के अंदर जल्द ही टेलीफोन बूथ शुरू कर दिया जाएगा, जहां से कैदी अपने दिए गए दो मोबाइल नंबरों पर सप्ताह में दो बार बात कर सकेंगे। यह सुविधा भी जल्द शुरू करवा दी जाएगी।