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अब ये एंबुलेंस नहीं पकड़ पातीं रफ्तार... 50 में से 18 हो चुकी हैं उम्रदराज

Tue, 08 Mar 2022 01:59 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 08 Mar 2022 01:59 AM IST
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Now these ambulances are unable to catch the speed... 18 out of 50 have become old
झांसी। जिले में 50 में से 18 एंबुलेंस इतनी पुरानी हो चुकी हैं कि कब और कहां बंद पड़ जाएं कुछ कहा नहीं जा सकता। यूं तो एक एंबुलेंस को ढाई लाख किलोमीटर चलने के बाद आउटडेटेड मान लिया जाता है लेकिन यहां तो चार से पांच लाख किलोमीटर तक चलने के बाद भी मरीजों को लाने ले जाने का काम कर रही हैं। दो एंबुलेंस कंडम घोषित हो चुकी हैं लेकिन फिर भी इनका संचालन किया जा रहा है। यूं कहिए कि मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।
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झांसी में 108 की 26 और 102 की 24 एंबुलेंस हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो 32 एंबुलेंस ढाई लाख किलोमीटर से कम चली हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक एक एंबुलेंस की 2.5 किलोमीटर तक चलने की समय सीमा है। जबकि, टायर की क्षमता 50 हजार किलोमीटर चलने की होती है। यानी कि इतना चल जाने के बाद एंबुलेंस बदल जानी चाहिए। झांसी में हाल ही में कई नई एंबुलेंस आई भी हैं। मगर इसके बावजूद 18 एंबुलेंस ऐसी हैं, जो कि ढाई लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी हैं। इनमें नौ तो चार लाख और दो पांच लाख किलोमीटर का दायरा पार कर गई हैं। दो कंडम हो गई हैं। बताया गया कि एंबुलेंस नई होती है तो उसकी रफ्तार अच्छी रहती है और मरीज को जल्दी से अस्पताल भी पहुंचा देती हे। पुरानी होने की वजह से ये ज्यादा समय लेने लगती हैं। बार-बार खराब होने की भी आशंका रहती है। ऐसे में जिले में आउटडेटेड एंबुलेंस को बदलना जरूरी हो गया है।
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कितनी एंबुलेंस कितनी चलीं
संख्या किलोमीटर
32 2.5 लाख से कम
5 2.5 से 3 लाख तक
2 3 लाख से अधिक
9 4 लाख से अधिक
2 5 लाख से अधिक
एक एंबुलेंस के चलने का मानक 2.5 लाख किलोमीटर है। जबकि, टायर की 50 किलोमीटर। इस मानक के हिसाब से ही एंबुलेंस/टायर बदला जाता है। जिले को कई नई एंबुलेंस मिली भी हैं। - डॉ. विनोद यादव, पूर्व जेडी हेल्थ, झांसी।
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झांसी में सभी 50 एंबुलेंस की स्थिति बेहतर है। सभी की लगातार फिटनेस कराई जाती है। जो एंबुलेंस आउटडेटेड हो जाती हैं, उन्हें बदला जाता है। हाल ही में कई नई एंबुलेंस आई भी हैं। - दिनेश सिंह, मंडलीय प्रबंधक, 108, 102 एंबुलेंस।
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