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अब छात्र जंची कॉपियों को देख सकेंगे ऑन लाइन
झांसी / ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2015 11:40 PM IST
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राज्यपाल राम नाईक की मंशानुसार बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने ई- गवर्नेंस की दिशा में एक कदम और बढ़ा दिया है। अब छात्र-छात्राओं को अपनी लिखी कॉपियां जांचने के बाद उन्हें ऑनलाइन देखने का मौका मिल सकेगा। ऑन स्क्रीन जांची जा रहीं कॉपियों में यह व्यवस्था लागू होगी।
गौरतलब है कि हाल ही में राजभवन ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को प्रभावी ई- गवर्नेंस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने पूर्व में ही अधिकांश व्यवस्था को ऑनलाइन कर दिया है लेकिन पारदर्शिता बढ़ाने के लिए वह नित नए कदम उठा रहा है। इसी क्रम में बीयू ने अब ऑनस्क्रीन जांची जाने वाली कॉपियों को भी ऑनलाइन करने का फैसला लिया है। अब इच्छुक अभ्यर्थी पांच सौ रुपये का ऑनलाइन फॉर्म भरकर परीक्षक द्वारा जांची गई किसी भी विषय की कॉपी को ऑनलाइन देख सकेंगे। गौरतलब है कि मौजूदा समय में अंकों से असंतुष्ट छात्र को कॉपियां देखने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। कई बार छात्रों को सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम का सहारा लेकर कॉपियां देखनी पड़ती हैं लेकिन बीयू द्वारा जल्द लागू की जाने वाली व्यवस्था से पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा ही, साथ-साथ छात्रों का समय भी बचेगा। चूंकि, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में अभी बीटेक और बीएड की कॉपियों का ऑनस्क्रीन मूल्यांकन चल रहा है। इसलिए सबसे पहले बीटेक की कॉपियों पर ही यह व्यवस्था लागू होगी। जैसे-जैसे अन्य विषयों की कॉपियां ऑनस्क्रीन जंचनी शुरू हो जाएंगी, वैसे-वैसे उन विषयों में भी इसको प्रभावी कर दिया जाएगा।
मॉडल आंसर की भी योजना
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने अब मॉडल आंसर को लेकर भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। अब परीक्षा पूर्ण होने के बाद उनके सवालों के सटीक आंसर की एक कॉपी तैयार की जाएगी। इसी के जरिए परीक्षक कॉपियों की जांच करेगा। वहीं, ऑनस्क्रीन कॉपी देखने के लिए आवेदन करने वालों को भी यह कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके जरिए वह अपने द्वारा लिखे गए उत्तरों का मिलान कर सकेंगे।
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‘पारदर्शिता और कागजी प्रक्रिया में लगने वाले लंबे समय को मद्देनजर रखते हुए परीक्षा में लिखी गई कॉपियों के ऑनलाइन देखने की व्यवस्था यूनिवर्सिटी जल्द ही लागू करने जा रही है। प्रक्रिया लगभग पूर्ण हो चुकी है। ऑनस्क्रीन जांची जाने वाली कॉपियों को इसी सत्र से अभ्यर्थी ऑनलाइन देख सकेंगे। दूसरी तरफ मॉडल आंसर को लेकर भी काम तेजी से चल रहा है।’
- प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय, कुलपति
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गौरतलब है कि हाल ही में राजभवन ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को प्रभावी ई- गवर्नेंस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने पूर्व में ही अधिकांश व्यवस्था को ऑनलाइन कर दिया है लेकिन पारदर्शिता बढ़ाने के लिए वह नित नए कदम उठा रहा है। इसी क्रम में बीयू ने अब ऑनस्क्रीन जांची जाने वाली कॉपियों को भी ऑनलाइन करने का फैसला लिया है। अब इच्छुक अभ्यर्थी पांच सौ रुपये का ऑनलाइन फॉर्म भरकर परीक्षक द्वारा जांची गई किसी भी विषय की कॉपी को ऑनलाइन देख सकेंगे। गौरतलब है कि मौजूदा समय में अंकों से असंतुष्ट छात्र को कॉपियां देखने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। कई बार छात्रों को सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम का सहारा लेकर कॉपियां देखनी पड़ती हैं लेकिन बीयू द्वारा जल्द लागू की जाने वाली व्यवस्था से पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा ही, साथ-साथ छात्रों का समय भी बचेगा। चूंकि, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में अभी बीटेक और बीएड की कॉपियों का ऑनस्क्रीन मूल्यांकन चल रहा है। इसलिए सबसे पहले बीटेक की कॉपियों पर ही यह व्यवस्था लागू होगी। जैसे-जैसे अन्य विषयों की कॉपियां ऑनस्क्रीन जंचनी शुरू हो जाएंगी, वैसे-वैसे उन विषयों में भी इसको प्रभावी कर दिया जाएगा।
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मॉडल आंसर की भी योजना
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने अब मॉडल आंसर को लेकर भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। अब परीक्षा पूर्ण होने के बाद उनके सवालों के सटीक आंसर की एक कॉपी तैयार की जाएगी। इसी के जरिए परीक्षक कॉपियों की जांच करेगा। वहीं, ऑनस्क्रीन कॉपी देखने के लिए आवेदन करने वालों को भी यह कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके जरिए वह अपने द्वारा लिखे गए उत्तरों का मिलान कर सकेंगे।
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‘पारदर्शिता और कागजी प्रक्रिया में लगने वाले लंबे समय को मद्देनजर रखते हुए परीक्षा में लिखी गई कॉपियों के ऑनलाइन देखने की व्यवस्था यूनिवर्सिटी जल्द ही लागू करने जा रही है। प्रक्रिया लगभग पूर्ण हो चुकी है। ऑनस्क्रीन जांची जाने वाली कॉपियों को इसी सत्र से अभ्यर्थी ऑनलाइन देख सकेंगे। दूसरी तरफ मॉडल आंसर को लेकर भी काम तेजी से चल रहा है।’
- प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय, कुलपति