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अब झांसी पुरातत्व क्षेत्रीय कार्यालय करेगा बुंदेलखंड के प्राचीन स्मारकों की देखभाल
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झांसी। झांसी में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग का क्षेत्रीय कार्यालय बनेगा, जिसके माध्यम से बुंदेलखंड की 169 प्राचीन पुरातात्विक धरोहरों को संरक्षित किया जाएगा। नए कार्यालय भवन के लिए जगह की तलाश शुरू कर दी गई है। कार्यालय के संचालन के लिए विभाग द्वारा कर्मचारियों की भी तैनाती की जाएगी। पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण की दृष्टि से सरकार का ये फैसला मील का पत्थर माना जा रहा है।
बुंदेलखंड में पुरातात्विक धरोहरों की भरमार है। अधिकांश बदहाल हैँ। अभी इनका संरक्षण पुरातत्व विभाग के लखनऊ सर्किल से किया जाता है। लेकिन, अब झांसी में विभाग का क्षेत्रीय कार्यालय बनाया जा रहा है, जिसके माध्यम से बुंदेलखंड के सातों जनपदों की पुरातात्विक धरोहरों की देखभाल की जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि क्षेत्रीय कार्यालय किले में स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा विभाग द्वारा अन्य उपयुक्त जगह की तलाश की जा रही है। दस दिन के भीतर कार्यालय निर्माण के लिए जमीन चिह्नित करने का काम पूरा कर लिया जाएगा। दो-तीन दिन के भीतर विभाग की टीम यहां सर्वे करने आने वाली है।
झांसी में क्षेत्रीय कार्यालय बन जाने से पुरातात्विक धरोहरों का संरक्षण और भी बेहतर ढंग से होगा। पुरातत्व विभाग द्वारा कार्यालय निर्माण के लिए जमीन को लेकर चर्चा की गई है। प्रशासन की ओर से इसमें पूरी मदद की जा रही है।
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- आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी
अद्भुत हैं स्मारक
झांसी। बुंदेलखंड में कई अद्भुत प्राचीन स्मारक हैं, जिनकी खूबसूरती देखने और शोध कार्य के लिए विदेशों से भी लोग आते हैं। बुंदेलखंड में वैष्णव, शैव, शाक्त, बौद्ध व जैन धर्म के महत्वपूर्ण प्राचीन स्मारक तथा मंदिर हैं, जो भारतीय धर्मों की एकजुटता को भी प्रदर्शित करते हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के संरक्षण में झांसी के 20, ललितपुर के 70, महोबा के 30, बांदा के 25, जालौन के नौ, चित्रकूट के 6 और हमीरपुर के तीन प्राचीन स्मारक हैं।
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बुंदेलखंड में पुरातात्विक धरोहरों की भरमार है। अधिकांश बदहाल हैँ। अभी इनका संरक्षण पुरातत्व विभाग के लखनऊ सर्किल से किया जाता है। लेकिन, अब झांसी में विभाग का क्षेत्रीय कार्यालय बनाया जा रहा है, जिसके माध्यम से बुंदेलखंड के सातों जनपदों की पुरातात्विक धरोहरों की देखभाल की जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि क्षेत्रीय कार्यालय किले में स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा विभाग द्वारा अन्य उपयुक्त जगह की तलाश की जा रही है। दस दिन के भीतर कार्यालय निर्माण के लिए जमीन चिह्नित करने का काम पूरा कर लिया जाएगा। दो-तीन दिन के भीतर विभाग की टीम यहां सर्वे करने आने वाली है।
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झांसी में क्षेत्रीय कार्यालय बन जाने से पुरातात्विक धरोहरों का संरक्षण और भी बेहतर ढंग से होगा। पुरातत्व विभाग द्वारा कार्यालय निर्माण के लिए जमीन को लेकर चर्चा की गई है। प्रशासन की ओर से इसमें पूरी मदद की जा रही है।
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- आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी
अद्भुत हैं स्मारक
झांसी। बुंदेलखंड में कई अद्भुत प्राचीन स्मारक हैं, जिनकी खूबसूरती देखने और शोध कार्य के लिए विदेशों से भी लोग आते हैं। बुंदेलखंड में वैष्णव, शैव, शाक्त, बौद्ध व जैन धर्म के महत्वपूर्ण प्राचीन स्मारक तथा मंदिर हैं, जो भारतीय धर्मों की एकजुटता को भी प्रदर्शित करते हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के संरक्षण में झांसी के 20, ललितपुर के 70, महोबा के 30, बांदा के 25, जालौन के नौ, चित्रकूट के 6 और हमीरपुर के तीन प्राचीन स्मारक हैं।