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सीएमओ बोले, मोर्चरी में पोस्टमार्टम की कोई टाइमिंग नहीं!

Wed, 29 Jul 2020 01:15 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2020 01:15 AM IST
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no timeing of postmartam in morchery
झांसी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जीके निगम का दरोगा के साथ बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रिकॉर्डिंग में वह डॉक्टर न होने की शिकायत करने वाले दरोगा को डांटते सुनाई दे रहे हैं। जबकि, दरोगा ने पोस्टमार्टम में कई घंटों से खड़े मृतक के परिजनों की मदद के लिए सीएमओ को फोन लगाया था।
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सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग में सुनाई दे रहा है कि गुरसराय कस्बा इंचार्ज रंजन त्रिपाठी सीएमओ को फोन मिलाते हैं। फोन उठता है तो दरोगा बोलते हैं कि जय हिंद सर! रंजन त्रिपाठी बोल रहा हूं कस्बा इंचार्ज गुरसराय। दरोगा आगे बोलते हैं कि वह मउरानीपुर में खड़े हैं। उनके साथ में फॉरेंसिक की टीम भी है। डेडबॉडी की सील खोलनी थी लेकिन मउरानीपुर मोर्चरी में कोई नहीं है। इस पर सीएमओ जवाब देते हैं कि मउरानीपुर वालों से पूछो कि कहां गए हैं। कोई तो स्टाफ का होगा। डॉक्टर भी वहीं रहते हैं। इस पर दरोगा कहता है कि एक बार आप फोन कर दीजिए। बस इतना सुनते ही सीएमओ उखड़ जाते हैं। वह कहने लगते हैं कि हम फोन करेंगे। तुम वहां नहीं देख सकते हो। इस पर दरोगा बोलते हैं कि आप जिले के चीफ मेडिकल ऑफिसर हैं। इसलिए बात की। फिर दरोगा पूछते हैं कि टाइमिंग क्या है मोर्चरी में पोस्टमार्टम की, तो सीएमओ जवाब देते हैं कि कोई टाइमिंग नहीं होती है। घटना से नाराज दरोगा कहते हैं कि ठीक है। फिर वह लीक कर देते हैं ऑडियो रिकॉर्डिंग। इस पर सीएमओ चुप्पी साध लेते हैं और फोन कट जाता है। इस आडियो के वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चा है कि जब सीएमओ ऑन ड्यूटी दरोगा की नहीं सुनते तो आम आदमी की क्या सुनवाई होगी। इस मामले में सीएमओ डॉ. जीके निगम का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
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हमने ऐसा किया होता तो निलंबित कर दिए जाते
दरोगा रंजन त्रिपाठी ने बताया कि ऑडियो रविवार का है। मृतक के परिजन तीन-चार घंटे से पोस्टमार्टम के इंतजार में खड़े थे तो उन्होंने मदद के लिए सीएमओ को फोन लगाया था। वह यह भी जानना चाहते थे कि पोस्टमार्टम का समय क्या है लेकिन सीएमओ बोले कि कोई समय नहीं है। सीएमओ लिखकर दे दें तो वह पीएम के लिए नहीं जाया करें। सीएमओ ने गैर जिम्मेदाराना बात की है। अगर मुझसे ऐसी गलती हुई होती तो पहले निलंबित, लाइन हाजिर होता फिर जांच शुरू होती। उन्होंने कहा कि हम पब्लिक सर्वेंट हैं, हमारी लोगों के प्रति जिम्मेदारी बनती है।
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सीएमओ की कार्यप्रणाली से जनप्रतिनिधि भी खफा
सीएमओ की कार्यप्रणाली से भाजपा के विधायक तक खफा हैं। हाल ही में हुए स्वास्थ्य मंत्री से जनपद के दौरान सदर विधायक रवि शर्मा और मऊरानीपुर विधायक बिहारी लाल आर्य सीएमओ की शिकायत तक कर चुके हैं। दोनों विधायकों ने तो यहां तक कह दिया था कि सीएमओ को कुछ जानकारी नहीं होती है। पता नहीं कैसे विभाग चला रहे हैं। वहीं, गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत तक लखनऊ में स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह से सीएमओ की कार्यप्रणाली की शिकायत कर चुके हैं।
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