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नहीं खुलेगी मंडी, विवाद बरकरार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 06 Dec 2016 12:56 AM IST
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नहीं खुलेगी मंडी, विवाद बरकरार
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। गल्ला मंडी में जिंस की खरीद-भुगतान की नई शर्तों को लेकर कच्चे आढ़तियों की बैठक में सहमति नहीं बन सकी। पक्के आढ़तियों द्वारा जिंस खरीद पर कमीशन सवा परसेंट से एक परसेंट किए जाने, टैक्स पेड बिल लेकर सहमति नहीं बनने पर गल्ला मंडी में 25 दिनों से कारोबार ठप चल रहा है। ऐसे में मंडी में रोजाना दस से बारह हजार कुंतल जिंस की आवक प्रभावित हो रही है। मंडी सचिव ने कच्चे और पक्के आढ़तियों की बुधवार को बैठक बुलाई है।
गल्ला मंडी में साढ़े चार सौ गल्ला व्यापारियों में करीब साढ़े तीन सौ व्यापारी कच्ची आढ़त यानि कमीशन पर और करीब सत्तर से अस्सी व्यापारी पक्की आढ़त पर काम करते हैं। कच्चे आढ़तियों द्वारा किसानों से सीधे जिंस खरीदी जाती है, जिसकी बोली पक्के आढ़तियों द्वारा लगाई जाती है।
जिंस की खरीद पर कच्चे आढ़तियों को सवा परसेंट कमीशन दिया जाता है। लेकिन, नोटबंदी के चलते पक्के आढ़तियों ने जिंस की खरीद-भुगतान प्रणाली बदलकर पक्का टैक्स पेड बिल देने और खरीद पर कमीशन की राशि एक प्रतिशत करने की शर्त रखी है। जिसे कच्चे आढ़तियों ने नकार दिया है।
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इसका हल निकालने के लिए सोमवार को गल्ला मंडी में कच्चे आढ़तियों की बैठक में पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि यदि पक्के आढ़तिया सीधे किसान से जिंस की खरीद करना चाहते है, तो वह तैयार हैं। लेकिन, पहले सभी कच्चे आढ़तियों का पूर्व का भुगतान कर दिया जाए। वह खरीद की तारीख का बिल मंजूर करेंगे। वह सवा परसेंट कमीशन पर ही काम करेंगे।
तय हुआ कि पुराने सिस्टम से ही व्यापार किया जाएगा। इससे सोमवार को भी व्यापार ठप रहा। मंडी सचिव ने दोनों पक्षों की बैठक बुधवार को बुलाई है, ताकि सहमति बनाई जा सके। कच्चे आढ़तिया गल्ला व्यापार संघ के अध्यक्ष संतोष चौबे ने कहा कि वह पुराने सिस्टम के तहत ही काम करेंगे। बैठक में महामंत्री रवींद्र कुमार जैन व संचालन भरत पुरोहित ने किया।
पल्लेदारों की मजदूरी में आएगी परेशानी
ललितपुर। पक्के आढ़तियों यदि द्वारा जिंस के भुगतान में टैक्स पेड बिल मांगने और चेक से भुगतान करने की शर्त मंजूर होने पर पल्लेदारों की मजदूरी प्रभावित होगी। ऐसे में कच्चे आढ़तियों को किसानों को भी अलग-अलग जिंस के भुगतान के चेक देने में भी दिक्कत आएगी। ऐसे में कच्चा आढ़तिया पक्के आढ़तियों की इन शर्तों के तहत काम करने को राजी नहीं है।
ललितपुर की मंडी में ही होता है कमीशन पर कच्ची आढ़त का काम
प्रदेश भर की सभी गल्ला मंडियों में सिर्फ ललितपुर की गल्ला मंडी में ही कच्ची आढ़त का व्यापार होता है। बाकी अन्य जनपदों में गल्ला मंडी में पक्की आढ़त का ही काम होता है, जिसमें पक्के आढ़तिया सीधे किसान से खरीद करते हैं। जबकि जनपद की गल्ला मंडी में कच्चे आढ़तिया किसान से जिंस खरीदकर पक्के आढ़तिया को निर्धारित कमीशन पर बेचते है। किसानों को कच्चे आढ़तिया के माध्यम से ही उसकी फसल का भुगतान किया जाता है।
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गल्ला मंडी में साढ़े चार सौ गल्ला व्यापारियों में करीब साढ़े तीन सौ व्यापारी कच्ची आढ़त यानि कमीशन पर और करीब सत्तर से अस्सी व्यापारी पक्की आढ़त पर काम करते हैं। कच्चे आढ़तियों द्वारा किसानों से सीधे जिंस खरीदी जाती है, जिसकी बोली पक्के आढ़तियों द्वारा लगाई जाती है।
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जिंस की खरीद पर कच्चे आढ़तियों को सवा परसेंट कमीशन दिया जाता है। लेकिन, नोटबंदी के चलते पक्के आढ़तियों ने जिंस की खरीद-भुगतान प्रणाली बदलकर पक्का टैक्स पेड बिल देने और खरीद पर कमीशन की राशि एक प्रतिशत करने की शर्त रखी है। जिसे कच्चे आढ़तियों ने नकार दिया है।
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इसका हल निकालने के लिए सोमवार को गल्ला मंडी में कच्चे आढ़तियों की बैठक में पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि यदि पक्के आढ़तिया सीधे किसान से जिंस की खरीद करना चाहते है, तो वह तैयार हैं। लेकिन, पहले सभी कच्चे आढ़तियों का पूर्व का भुगतान कर दिया जाए। वह खरीद की तारीख का बिल मंजूर करेंगे। वह सवा परसेंट कमीशन पर ही काम करेंगे।
तय हुआ कि पुराने सिस्टम से ही व्यापार किया जाएगा। इससे सोमवार को भी व्यापार ठप रहा। मंडी सचिव ने दोनों पक्षों की बैठक बुधवार को बुलाई है, ताकि सहमति बनाई जा सके। कच्चे आढ़तिया गल्ला व्यापार संघ के अध्यक्ष संतोष चौबे ने कहा कि वह पुराने सिस्टम के तहत ही काम करेंगे। बैठक में महामंत्री रवींद्र कुमार जैन व संचालन भरत पुरोहित ने किया।
पल्लेदारों की मजदूरी में आएगी परेशानी
ललितपुर। पक्के आढ़तियों यदि द्वारा जिंस के भुगतान में टैक्स पेड बिल मांगने और चेक से भुगतान करने की शर्त मंजूर होने पर पल्लेदारों की मजदूरी प्रभावित होगी। ऐसे में कच्चे आढ़तियों को किसानों को भी अलग-अलग जिंस के भुगतान के चेक देने में भी दिक्कत आएगी। ऐसे में कच्चा आढ़तिया पक्के आढ़तियों की इन शर्तों के तहत काम करने को राजी नहीं है।
ललितपुर की मंडी में ही होता है कमीशन पर कच्ची आढ़त का काम
प्रदेश भर की सभी गल्ला मंडियों में सिर्फ ललितपुर की गल्ला मंडी में ही कच्ची आढ़त का व्यापार होता है। बाकी अन्य जनपदों में गल्ला मंडी में पक्की आढ़त का ही काम होता है, जिसमें पक्के आढ़तिया सीधे किसान से खरीद करते हैं। जबकि जनपद की गल्ला मंडी में कच्चे आढ़तिया किसान से जिंस खरीदकर पक्के आढ़तिया को निर्धारित कमीशन पर बेचते है। किसानों को कच्चे आढ़तिया के माध्यम से ही उसकी फसल का भुगतान किया जाता है।