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हिंदुत्व को नजरअंदाज कर सौ साल तक भी कोई सरकार नहीं चला पाएगा : स्वामी जितेंद्रानंद
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद ने कहा कि अशोक सिंघल ने सनातन धर्म को वह परिभाषा दी कि हिंदुत्व को नजरअंदाज करके अगले सौ साल तक भी कोई सरकार नहीं चला पाएगा। 21वीं सदी के हिंदुत्व के उद्धार का कोई नायक है तो वह अशोक सिंघल हैं। वह दीनदयाल सभागार में विश्व हिंदू परिषद की ओर से अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।
स्वामी जितेंद्रानंद ने कहा कि मुगलों ने मंदिर तोड़े, विश्वविद्यालय ही जलाए, क्योंकि मंदिर तत्कालीन भारत की अर्थव्यवस्था के आधार थे। आज 20 लाख मंदिर हैं। आठ लाख मंदिर सिख, बौद्ध, जैन के हैं। 12 लाख हिंदू समाज के हैं। चार लाख मंदिर सरकार चलाती है। मंदिरों के चढ़ावे के पैसे से शिक्षा, स्वास्थ्य, संपर्क और संस्कार का काम किया जाता है। कहा कि जब प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बना तो कुछ लोग कहते थे कि क्या मंदिर बनने से रोजगार मिल जाएगा तो कोई कहता था कि मंदिर की जगह अस्पताल बनाओ। ऐसे धर्मनिरपेक्ष लोगों को किसी दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल की जगह स्कूल या अस्पताल बनाने की बात करते मैंने नहीं सुना है।
गांव में असली जेन जी
उन्होंने कहा कि कि इन दिनों जेन-जी शब्द चर्चा में है। दिल्ली की सड़कों पर उतरने वाले जेन-जी हैं तो फिर 15 दिन में हरिद्वार से गंगाजल का कांवड़ लेकर अपने-अपने गांव में चढ़ाने वाले 4.80 करोड़ लोग कौन हैं। असली जेन-जी गांव में बसता है। स्वामी जितेंद्रानंद ने कहा कि मोदी के सत्ता में आते ही अशोक सिंघल ने बयान दिया था कि एक हजार साल की गुलामी के बाद पहली बार हिंदू शासक देश की गद्दी पर बैठा है। इसलिए अपेक्षा ज्यादा है। बोले कि अशोक सिंघल की सोच दूरगामी थी।
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हिंदुओं को जागृत करने में लगा सिंघल का पूरा जीवन : सरेंद्र
मुख्य वक्ता विहिप के केंद्रीय संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने बताया कि अशोक सिंघल ने हिंदुओं को जागृत करने के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। राम मंदिर निर्माण आंदोलन की शुरुआत उन्होंने ही की। उन्होंने जगह-जगह रथ यात्राएं निकालीं। शिलापूजन किया, ईंट पूजन किया और झांसी में विभिन्न कार्यों के दौरान राम मंदिर को बनाने के लिए अपना तन, मन, धन का सहयोग दिया। पंडोखर धाम के पीठाधीश्वर गुरुशरण महाराज ने भी विचार रखे। महानगर अध्यक्ष रमेश अग्रवाल ने आभार जताया। कार्यक्रम में प्रांत अध्यक्ष राजीव महाना, प्रांत मंत्री राजीव पोरवाल, प्रांतीय उपाध्यक्ष विनोद अग्रवाल, महंत मोहन गिरी, संत मोहिनी बिहारी दास, महामंडलेश्वर भावनाचंद सरस्वती, बीजेपी क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू, विधायक जवाहर राजपूत, विधायक राजीव सिंह पारीछा, एमएलसी डॉ. बाबूलाल तिवारी, पवन गौतम, जमुना कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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झांसी। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद ने कहा कि अशोक सिंघल ने सनातन धर्म को वह परिभाषा दी कि हिंदुत्व को नजरअंदाज करके अगले सौ साल तक भी कोई सरकार नहीं चला पाएगा। 21वीं सदी के हिंदुत्व के उद्धार का कोई नायक है तो वह अशोक सिंघल हैं। वह दीनदयाल सभागार में विश्व हिंदू परिषद की ओर से अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।
स्वामी जितेंद्रानंद ने कहा कि मुगलों ने मंदिर तोड़े, विश्वविद्यालय ही जलाए, क्योंकि मंदिर तत्कालीन भारत की अर्थव्यवस्था के आधार थे। आज 20 लाख मंदिर हैं। आठ लाख मंदिर सिख, बौद्ध, जैन के हैं। 12 लाख हिंदू समाज के हैं। चार लाख मंदिर सरकार चलाती है। मंदिरों के चढ़ावे के पैसे से शिक्षा, स्वास्थ्य, संपर्क और संस्कार का काम किया जाता है। कहा कि जब प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बना तो कुछ लोग कहते थे कि क्या मंदिर बनने से रोजगार मिल जाएगा तो कोई कहता था कि मंदिर की जगह अस्पताल बनाओ। ऐसे धर्मनिरपेक्ष लोगों को किसी दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल की जगह स्कूल या अस्पताल बनाने की बात करते मैंने नहीं सुना है।
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गांव में असली जेन जी
उन्होंने कहा कि कि इन दिनों जेन-जी शब्द चर्चा में है। दिल्ली की सड़कों पर उतरने वाले जेन-जी हैं तो फिर 15 दिन में हरिद्वार से गंगाजल का कांवड़ लेकर अपने-अपने गांव में चढ़ाने वाले 4.80 करोड़ लोग कौन हैं। असली जेन-जी गांव में बसता है। स्वामी जितेंद्रानंद ने कहा कि मोदी के सत्ता में आते ही अशोक सिंघल ने बयान दिया था कि एक हजार साल की गुलामी के बाद पहली बार हिंदू शासक देश की गद्दी पर बैठा है। इसलिए अपेक्षा ज्यादा है। बोले कि अशोक सिंघल की सोच दूरगामी थी।
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हिंदुओं को जागृत करने में लगा सिंघल का पूरा जीवन : सरेंद्र
मुख्य वक्ता विहिप के केंद्रीय संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने बताया कि अशोक सिंघल ने हिंदुओं को जागृत करने के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। राम मंदिर निर्माण आंदोलन की शुरुआत उन्होंने ही की। उन्होंने जगह-जगह रथ यात्राएं निकालीं। शिलापूजन किया, ईंट पूजन किया और झांसी में विभिन्न कार्यों के दौरान राम मंदिर को बनाने के लिए अपना तन, मन, धन का सहयोग दिया। पंडोखर धाम के पीठाधीश्वर गुरुशरण महाराज ने भी विचार रखे। महानगर अध्यक्ष रमेश अग्रवाल ने आभार जताया। कार्यक्रम में प्रांत अध्यक्ष राजीव महाना, प्रांत मंत्री राजीव पोरवाल, प्रांतीय उपाध्यक्ष विनोद अग्रवाल, महंत मोहन गिरी, संत मोहिनी बिहारी दास, महामंडलेश्वर भावनाचंद सरस्वती, बीजेपी क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू, विधायक जवाहर राजपूत, विधायक राजीव सिंह पारीछा, एमएलसी डॉ. बाबूलाल तिवारी, पवन गौतम, जमुना कुशवाहा आदि मौजूद रहे।