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फर्जी माल की नहीं गलेगी दाल
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Dec 2016 12:59 AM IST
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- फोटो : demo
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ज्यादा खरीद, कम बिक्री और बचा माल ज्यादा दिखाने का खेल करने व्यापारियों की दाल अब नहीं गल पाएगी। वाणिज्य कर विभाग ने स्टॉक में गड़बड़ी दिखाने वाले ऐसे व्यापारियों से निपटने की तैयारी कर ली है। इन व्यापारियों का ब्योरा जल्द ही आयकर विभाग को भेजा जाएगा, जिससे फर्जीवाड़ा करने वालों पर कार्रवाई हो सके।
खरीद की तुलना में कम बिक्री दिखाने वाले व्यापारियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए वाणिज्य कर कमिश्नर मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं कि ऐसे व्यापारियों का विवरण आयकर विभाग भेजा जाए, ताकि व्यापारियों द्वारा दिखायी जा रही पूंजी व लेखा पुस्तकों में दिखायी जा रही व्यापारिक स्थिति का मिलान किया जा सके। यदि पूंजी का उचित स्रोत प्रमाणित नहीं होता है तो आयकर अफसर व्यापारी पर कर व अर्थदंड की कार्रवाई कर सकेंगे। कमिश्नर ने निर्देशों में हवाला दिया कि राजकीय विभागों द्वारा विभिन्न वस्तुओं की भारी मात्रा में खरीद की जाती है, परंतु उनके द्वारा यह नहीं देखा जाता है कि व्यापारी पंजीकृत है अथवा नहीं। ऐसे में सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वह केवल पंजीकृत व्यापारियों से ही खरीद करें। बाद में विभागों द्वारा की गई बल्क परचेज की सूचनाओं की समीक्षा होगी।
झांसी शहर व जिले में इलेक्ट्रानिक्स, दवा, लोहा, टायर-ट्यूब, रेस्टोंरेंट आदि के करीब पांच सौ व्यापारी ऐसे हैं, जो खरीद अधिक व बिक्री कम दिखा रहे हैं। इनका ब्योरा आयकर विभाग भेजा जा रहा है।
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मेवालाल गुप्ता, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन
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खरीद की तुलना में कम बिक्री दिखाने वाले व्यापारियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए वाणिज्य कर कमिश्नर मुख्यालय ने निर्देश दिए हैं कि ऐसे व्यापारियों का विवरण आयकर विभाग भेजा जाए, ताकि व्यापारियों द्वारा दिखायी जा रही पूंजी व लेखा पुस्तकों में दिखायी जा रही व्यापारिक स्थिति का मिलान किया जा सके। यदि पूंजी का उचित स्रोत प्रमाणित नहीं होता है तो आयकर अफसर व्यापारी पर कर व अर्थदंड की कार्रवाई कर सकेंगे। कमिश्नर ने निर्देशों में हवाला दिया कि राजकीय विभागों द्वारा विभिन्न वस्तुओं की भारी मात्रा में खरीद की जाती है, परंतु उनके द्वारा यह नहीं देखा जाता है कि व्यापारी पंजीकृत है अथवा नहीं। ऐसे में सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वह केवल पंजीकृत व्यापारियों से ही खरीद करें। बाद में विभागों द्वारा की गई बल्क परचेज की सूचनाओं की समीक्षा होगी।
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झांसी शहर व जिले में इलेक्ट्रानिक्स, दवा, लोहा, टायर-ट्यूब, रेस्टोंरेंट आदि के करीब पांच सौ व्यापारी ऐसे हैं, जो खरीद अधिक व बिक्री कम दिखा रहे हैं। इनका ब्योरा आयकर विभाग भेजा जा रहा है।
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