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ग्यारह जोड़ों ने कबूला एक दूसरे को
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अंजुमन बिसातयान के विवाह सामूहिक विवाह सामारोह में का निकाह हुआ। अमर उजाला
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अंजुमन बिसातयान कमेटी की ओर से ऋषि कुंज स्थित एक विवाह घर में सामूहिक शादी सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें ग्यारह जोेड़ों का निकाह किया गया। इस मौके पर कमेटी की ओर से नव विवाहित जोड़ों को उपहार भेंट किये गए। अतिथियों ने दूल्हा व दुल्हन को आशीर्वाद दिया।
कमेटी की ओर से हुईं शादियों में वर-वधू की ओर से सैकड़ों लोग निकाह के साक्षी बने। सुबह से ही आयोजकों के द्वारा शादी घर में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाने लगा। बारातियों के स्वागत सत्कार में कोई कमी नहीं हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा था। शाम होते ही शादी घर में बारातों के आने का दौर शुरू हो गया। एक-एक कर बारातों का शादी घर में प्रवेश शुरू हुआ। बारात के आते ही आयोजकों द्वारा जलपान को वितरित किया जाने लगा।
कार्यक्रम में बारात व बारातियों के स्वागत सत्कार का ध्यान रखा जा रहा था। गर्मी को देखते स्टेज के साथ ही दुल्हन के कमरों के अलावा अतिथियों के लिए कूलरों व पंखों के भी विशेष इंतजाम किये गए थे।
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शादी मेें आए लोगों को प्रीतिभोज कराया गया। आयोजकों के द्वारा दूल्हा व दुल्हन को उपहार के रूप में घरेलू सामानों को भेंट किया गया। निकाह पढ़ाने की रस्म हाफिज मुस्लिम ने अदा कराई।
निकाह के बाद रुखसती की रस्म की गई। कार्यक्रम में शाहिद उर्फ अत्ती भइया, रज्जू भाई, हाजी सांई, रिजवान, राजू, साबिर, हनीफ, पप्पू गौस, हाजी पप्पू, दानिश, शोहेब, गफ्फार मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जैनुल आबेदीन व शाहिद ने किया।
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कमेटी की ओर से हुईं शादियों में वर-वधू की ओर से सैकड़ों लोग निकाह के साक्षी बने। सुबह से ही आयोजकों के द्वारा शादी घर में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाने लगा। बारातियों के स्वागत सत्कार में कोई कमी नहीं हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा था। शाम होते ही शादी घर में बारातों के आने का दौर शुरू हो गया। एक-एक कर बारातों का शादी घर में प्रवेश शुरू हुआ। बारात के आते ही आयोजकों द्वारा जलपान को वितरित किया जाने लगा।
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कार्यक्रम में बारात व बारातियों के स्वागत सत्कार का ध्यान रखा जा रहा था। गर्मी को देखते स्टेज के साथ ही दुल्हन के कमरों के अलावा अतिथियों के लिए कूलरों व पंखों के भी विशेष इंतजाम किये गए थे।
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शादी मेें आए लोगों को प्रीतिभोज कराया गया। आयोजकों के द्वारा दूल्हा व दुल्हन को उपहार के रूप में घरेलू सामानों को भेंट किया गया। निकाह पढ़ाने की रस्म हाफिज मुस्लिम ने अदा कराई।
निकाह के बाद रुखसती की रस्म की गई। कार्यक्रम में शाहिद उर्फ अत्ती भइया, रज्जू भाई, हाजी सांई, रिजवान, राजू, साबिर, हनीफ, पप्पू गौस, हाजी पप्पू, दानिश, शोहेब, गफ्फार मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जैनुल आबेदीन व शाहिद ने किया।