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निजीकरण के खिलाफ लामबंद हुए बीमाकर्मी
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झांसी। बीमा कंपनियों के निजीकरण के खिलाफ बुधवार को बीमा कंपनी कर्मचारी एकदिनी हड़ताल पर रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकारी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निजीकरण के प्रस्ताव को तत्काल निरस्त किए जाने की मांग की।
साधारण बीमा कंपनी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बीमाकर्मियों ने कचेहरी चौराहा स्थित द न्यू इंडिया एंश्योरेंस कंपनी के मंडलीय कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। आंदोलित कर्मचारियों ने यहां एक सभा भी की। वक्ताओं ने सभा को संबोधित करते हुए कहा बीमा कंपनियों ने देश की आर्थिक तरक्की को नई दिशा दी लेकिन, अब सरकार जानबूझकर उसको नष्ट करना चाहती है। बीमा कंपनियों के निजीकरण से देश को आर्थिक नुकसान झेलना होगा। यूनियन नेताओं ने अगस्त 2017 से लंबित वेतन पुनरीक्षण को शीघ्र लागू करने, 1995 पेंशन स्कीम लागू करने, बीमा उद्योग के सार्वजनिक स्वरूप को बनाए रखने की मांग की। इस संबंध में एक ज्ञापन भी प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए भेजा गया। प्रदर्शन में न्यू इंडिया इंश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस समेत अन्य के कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान संजीव मेहरोत्रा, कैलाश चंद्र, उमेश दीक्षित, महाराज सिंह, अमिता श्रीवास्तव, सुरुचि पांडेय, दिनेश चंद्र, राहुल मिश्रा, राकेश त्रिपाठी, नितिन वर्मा, ओमप्रकाश, ताराचंद्र वर्मा समेत अन्य उपस्थित थे।
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साधारण बीमा कंपनी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बीमाकर्मियों ने कचेहरी चौराहा स्थित द न्यू इंडिया एंश्योरेंस कंपनी के मंडलीय कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। आंदोलित कर्मचारियों ने यहां एक सभा भी की। वक्ताओं ने सभा को संबोधित करते हुए कहा बीमा कंपनियों ने देश की आर्थिक तरक्की को नई दिशा दी लेकिन, अब सरकार जानबूझकर उसको नष्ट करना चाहती है। बीमा कंपनियों के निजीकरण से देश को आर्थिक नुकसान झेलना होगा। यूनियन नेताओं ने अगस्त 2017 से लंबित वेतन पुनरीक्षण को शीघ्र लागू करने, 1995 पेंशन स्कीम लागू करने, बीमा उद्योग के सार्वजनिक स्वरूप को बनाए रखने की मांग की। इस संबंध में एक ज्ञापन भी प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए भेजा गया। प्रदर्शन में न्यू इंडिया इंश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस समेत अन्य के कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान संजीव मेहरोत्रा, कैलाश चंद्र, उमेश दीक्षित, महाराज सिंह, अमिता श्रीवास्तव, सुरुचि पांडेय, दिनेश चंद्र, राहुल मिश्रा, राकेश त्रिपाठी, नितिन वर्मा, ओमप्रकाश, ताराचंद्र वर्मा समेत अन्य उपस्थित थे।
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