लॉकडाउन के बाद मजदूरों के लौटते ही पेयजल महायोजना के काम को गति मिलना शुरू हो गया है। जलनिगम ने माताटीला बांध से 1700 मिलीमीटर डाया की नई पाइप लाइन को डालना शुरू कर दिया है। साथ ही बबीना में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, बिजौली में भूतल जलाशय और हंसारी में पानी की टंकी व भूतल जलाशय बनाने का काम शुरू हो गया है। पेयजल महायोजना के दूसरे चरण में माताटीला बांध से झांसी तक उच्च क्षमता की पाइप लाइन से पानी लाया जाना है। काम को 600.42 करोड़ में पूरा होना है, जिसमें अभी तक 85 करोड़ रुपये जलनिगम को मिल चुके हैं। दूसरे चरण के काम के लिए इस्राइल की तहल कंपनी का टेंडर मिला है। कंपनी ने लॉकडाउन के बाद भी पिछले पांच महीने में 13 फीसदी काम पूरा कर लिया है। बबीना के पास चार हेक्टेयर जमीन में जलशोधन केंद्र का काम तेजी से चल रहा है। यहां पानी घुमाने के लिए चार बड़ी नालियां बनाई जा रही हैं। महायोजना के दूसरे चरण का काम 13 फीसदी पूरा कर लिया है। मजदूरों की प्रतिदिन थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। रजिस्टर में मजदूरों का स्वास्थ्य संबंधी पूरा लेखा जोखा रखा जा रहा है। अमित कुमार, अधिशासी अभियंता परियोजना । दूसरे चरण में होने वाले काम दूसरे चरण में 16 जोन में पानी पहुंचाने के लिए माताटीला बांध से 195 एमएलडी क्षमता की पाइप लाइन से बबीना तक पानी लाया जाएगा। बबीना में बनने वाले नए जल शोधन संयंत्र से पानी को शुद्ध किया जाएगा। पानी को झांसी लाया जाएगा। माताटीला बांध पर एक सीपी टैंक, माताटीला से बबीना तक 24.50 किलोमीटर तक कच्चे पानी के लिए 1,700 मिलीमीटर व्यास की पाइप लाइन डाली जाएगी। जल शोधित पानी के लिए बबीना से झांसी तक 27.50 किलोमीटर की पाइप लाइन डाली जाएगी। 11 भूमिगत जलाशय (सीडब्लूआर), नौ टंकियां और 228 किलोमीटर क्षेत्र में पाइप लाइन डाली जाएंगी।