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Jhansi News: न लार्वा की जांच शुरू हुई और न ही कीटनाशक का छिड़काव
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जुलाई का पहला सप्ताह बीत गया है और बारिश भी हो रही है। ऐसे में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। इसके बावजूद, अभी तक न कीटनाशक का छिड़काव शुरू नहीं हुआ है। लार्वा की जांच भी शुरू नहीं हुई है। ऐसे में जिम्मेदारों का कहना है कि चूंकि अभी तक शासन से डीबीसी (डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर) की तैनाती का आदेश नहीं मिला है, इसलिए लार्वा की जांच शुरू करना संभव नहीं है।
जुलाई में मच्छरों का प्रकोप तेजी से फैलता है। छतों, गमलों आदि में पानी की ठहराव होने की वजह से लार्वा पनपता है। जिससे मलेरिया, डेंगू आदि मच्छर भी पनपते हैं। इसके चलते हर वर्ष शासन के आदेश पर जून के मध्य तक डीबीसी की तैनाती कर दी जाती है। तैनाती के बाद डीबीसी को एक सप्ताह तक लार्वा की पहचान करने की ट्रेनिंग दी जाती है। जुलाई के पहले सप्ताह से शहर में 18, चिरगांव में छह, मऊरानीपुर में दो व गुरसराय में एक डीबीसी की तैनाती होती है। वे घर-घर जाकर लार्वा की जांच करते हैं। लार्वा मिलने पर न सिर्फ उसे नष्ट करते हैं, बल्कि कीटनाशक का छिड़काव भी करते हैं। इसके अलावा मलेरिया विभाग लार्वा मिलने पर नोटिस देने की भी कार्रवाई करता है। लेकिन, इस बार यह सभी गतिविधियां ठप पड़ी हुईं हैं। शासन से डीबीसी की तैनाती के संबंध में कोई आदेश नहीं आया है।
जिला मलेरिया अधिकारी आरके त्रिपाठी ने बताया कि गत वर्ष जून में डीबीसी की तैनात का आदेश शासन से मिला था। इस बार अभी तक कोई आदेश नहीं आया है, इसलिए लार्वा की जांच, नष्ट करना और कीटनाशक का छिड़काव शुरू करना संभव नहीं है।
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झांसी। जुलाई का पहला सप्ताह बीत गया है और बारिश भी हो रही है। ऐसे में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने लगा है। इसके बावजूद, अभी तक न कीटनाशक का छिड़काव शुरू नहीं हुआ है। लार्वा की जांच भी शुरू नहीं हुई है। ऐसे में जिम्मेदारों का कहना है कि चूंकि अभी तक शासन से डीबीसी (डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर) की तैनाती का आदेश नहीं मिला है, इसलिए लार्वा की जांच शुरू करना संभव नहीं है।
जुलाई में मच्छरों का प्रकोप तेजी से फैलता है। छतों, गमलों आदि में पानी की ठहराव होने की वजह से लार्वा पनपता है। जिससे मलेरिया, डेंगू आदि मच्छर भी पनपते हैं। इसके चलते हर वर्ष शासन के आदेश पर जून के मध्य तक डीबीसी की तैनाती कर दी जाती है। तैनाती के बाद डीबीसी को एक सप्ताह तक लार्वा की पहचान करने की ट्रेनिंग दी जाती है। जुलाई के पहले सप्ताह से शहर में 18, चिरगांव में छह, मऊरानीपुर में दो व गुरसराय में एक डीबीसी की तैनाती होती है। वे घर-घर जाकर लार्वा की जांच करते हैं। लार्वा मिलने पर न सिर्फ उसे नष्ट करते हैं, बल्कि कीटनाशक का छिड़काव भी करते हैं। इसके अलावा मलेरिया विभाग लार्वा मिलने पर नोटिस देने की भी कार्रवाई करता है। लेकिन, इस बार यह सभी गतिविधियां ठप पड़ी हुईं हैं। शासन से डीबीसी की तैनाती के संबंध में कोई आदेश नहीं आया है।
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जिला मलेरिया अधिकारी आरके त्रिपाठी ने बताया कि गत वर्ष जून में डीबीसी की तैनात का आदेश शासन से मिला था। इस बार अभी तक कोई आदेश नहीं आया है, इसलिए लार्वा की जांच, नष्ट करना और कीटनाशक का छिड़काव शुरू करना संभव नहीं है।
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