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छतों पर टंगे होर्डिंग्स से ढाई करोड़ वसूलेगा नगर निगम
Jhansi
Updated Thu, 01 Mar 2018 12:55 AM IST
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- फोटो : demo
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अवैध होर्डिंग के खिलाफ चल रहे अभियान के दूसरे चरण में अब बिना अनुमति के छतों पर लगे होर्डिंग की बारी आ गई है। नगर निगम ने ऐसे 42 मकान चिह्नित किए गए हैं, जहां अनुमति लिए बिना ही छतों पर होर्डिंग लगा दिए गए। इन सभी से विज्ञापन कर के रूप में ढाई करोड़ रुपये की वसूली होगी। सभी को नोटिस जारी कर कहा गया है कि एक सप्ताह में पैसा जमा नहीं किया तो तहसील के माध्यम से वसूली होगी।
यदि कोई अपने मकान की छत पर होर्डिंग लगाना चाहता है तो उसे इसके लिए नगर निगम से अनुमति लेनी अनिवार्य है। इसके लिए स्ट्रक्चरल इंजीनियर से होर्डिंग का डिजाइन बनवाकर प्रमाणपत्र लगाकर अनुमति लेने की प्रक्रिया है। इस सर्टिफिकेट में मकान की उम्र और उसकी मजबूती का आकलन किया जाता है। 80 पैसा वर्ग फीट सालाना के हिसाब से पैसा जमा करना अनिवार्य है। लेकिन, मकान मालिक होर्डिंग लगाने में नियमों के किसी मानक का पालन नहीं कर रहे हैं और मनमाने तरीके से मकानों के ऊपर होर्डिंग लगाए हुए हैं। इससे मकान मालिक तो मोटा मुनाफा कमा रहे हैं, पर नगर निगम को राजस्व की चपत लगा रहे हैं। स्थिति यह है कि महानगर में किसी भी मकान की छत पर होर्डिंग लगाने के लिए स्ट्रक्चरल इंजीनियर की अनुमति नहीं ली गई है। ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है। जिन 42 मकानों की सूची बनाई गई है, उनमें किसी से 17 लाख रुपये, किसी से 11 लाख रुपये तो किसी से 19 लाख रुपये वसूल किए जाएंगे। सभी मकान ऐसे हैं, जिनकी छत पर तीन तो किसी की छत पर दो बड़े- बड़े होर्डिंग लगे हुए हैं।
एक जुलाई 2015 से जोड़ा गया
छतों पर होर्डिंग लगाने का काम कोई नया नहीं है, फिर भी नगर निगम ने एक जुलाई 15 से मार्च 18 तक का पैसा जोड़ा है। वसूली का नोटिस पहुंचते ही छतों पर होर्डिंग लगाने वाले मकान स्वामी नगर निगम के चक्कर लगाने लगे हैं। वह सिफारिशियों को लेकर घूम रहे हैं कि पैसा माफ करा दो, लेकिन उन्हें राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
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किसी को छोड़ेंगे नहीं
छतों के ऊपर होर्डिंग लगाने की किसी ने अनुमति नहीं ली है। मकानों का चिह्नीकरण हो रहा है और अभी 42 मकान चिह्नित किए गए हैं। किसी को छोड़ेंगे नहीं, बल्कि सभी से वसूली होगी। जो मकान स्वामी पैसा जमा नहीं करेंगे, उनकी तहसील से वसूली कराई जाएगी।
- प्रताप सिंह भदौरिया, नगर आयुक्त
खतरनाक हैं बीकेडी चौराहा पर लगीं होर्डिंग
बीकेडी चौराहा पर दुकान के ऊपर लगीं होर्डिंग काफी खतरनाक हैं। नियमत: पांच मंजिल या 18 मीटर ऊंची बिल्डिंग पर अधिकतम तीन मीटर ऊंचाई की होर्डिंग लगाई जा सकती है। लेकिन, यहां पर नियमों को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से होर्डिंग लगा दी गईं हैं। बिल्डिंग कितना बोझा उठा सकती है, इसका कोई मानक तय नहीं किया गया है। बल्कि, मानकों को दरकिनार कर मोटा मुनाफा कमाने के लिए बिल्डिंग के दोनों ओर होर्डिंग लगा दिए गए हैं। बिल्डिंग मेन चौराहा पर है। लोहे का स्ट्रक्चर इतना भारी होता है कि यदि कोई हादसा हो गया तो जनहानि होना तय है।
टैक्स चोरी करने वालों में डॉक्टर व नेताजी भी
ऐसा कोई प्रमुख चौराहा नहीं है, जहां मकानों के ऊपर बिना अनुमति के होर्डिंग न लगी हो, जिनके मकानों के ऊपर यह होर्डिंग टंगी हैं, उनमें बड़े कारोबारी, चिकित्सक, राजनीतिक या फिर समाज के भद्रजन हैं। ऐसे लोग नगर निगम की लाखों रुपये की टैक्स चोरी कर रहे हैं।
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यदि कोई अपने मकान की छत पर होर्डिंग लगाना चाहता है तो उसे इसके लिए नगर निगम से अनुमति लेनी अनिवार्य है। इसके लिए स्ट्रक्चरल इंजीनियर से होर्डिंग का डिजाइन बनवाकर प्रमाणपत्र लगाकर अनुमति लेने की प्रक्रिया है। इस सर्टिफिकेट में मकान की उम्र और उसकी मजबूती का आकलन किया जाता है। 80 पैसा वर्ग फीट सालाना के हिसाब से पैसा जमा करना अनिवार्य है। लेकिन, मकान मालिक होर्डिंग लगाने में नियमों के किसी मानक का पालन नहीं कर रहे हैं और मनमाने तरीके से मकानों के ऊपर होर्डिंग लगाए हुए हैं। इससे मकान मालिक तो मोटा मुनाफा कमा रहे हैं, पर नगर निगम को राजस्व की चपत लगा रहे हैं। स्थिति यह है कि महानगर में किसी भी मकान की छत पर होर्डिंग लगाने के लिए स्ट्रक्चरल इंजीनियर की अनुमति नहीं ली गई है। ऐसे में कभी भी हादसा हो सकता है। जिन 42 मकानों की सूची बनाई गई है, उनमें किसी से 17 लाख रुपये, किसी से 11 लाख रुपये तो किसी से 19 लाख रुपये वसूल किए जाएंगे। सभी मकान ऐसे हैं, जिनकी छत पर तीन तो किसी की छत पर दो बड़े- बड़े होर्डिंग लगे हुए हैं।
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एक जुलाई 2015 से जोड़ा गया
छतों पर होर्डिंग लगाने का काम कोई नया नहीं है, फिर भी नगर निगम ने एक जुलाई 15 से मार्च 18 तक का पैसा जोड़ा है। वसूली का नोटिस पहुंचते ही छतों पर होर्डिंग लगाने वाले मकान स्वामी नगर निगम के चक्कर लगाने लगे हैं। वह सिफारिशियों को लेकर घूम रहे हैं कि पैसा माफ करा दो, लेकिन उन्हें राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
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किसी को छोड़ेंगे नहीं
छतों के ऊपर होर्डिंग लगाने की किसी ने अनुमति नहीं ली है। मकानों का चिह्नीकरण हो रहा है और अभी 42 मकान चिह्नित किए गए हैं। किसी को छोड़ेंगे नहीं, बल्कि सभी से वसूली होगी। जो मकान स्वामी पैसा जमा नहीं करेंगे, उनकी तहसील से वसूली कराई जाएगी।
- प्रताप सिंह भदौरिया, नगर आयुक्त
खतरनाक हैं बीकेडी चौराहा पर लगीं होर्डिंग
बीकेडी चौराहा पर दुकान के ऊपर लगीं होर्डिंग काफी खतरनाक हैं। नियमत: पांच मंजिल या 18 मीटर ऊंची बिल्डिंग पर अधिकतम तीन मीटर ऊंचाई की होर्डिंग लगाई जा सकती है। लेकिन, यहां पर नियमों को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से होर्डिंग लगा दी गईं हैं। बिल्डिंग कितना बोझा उठा सकती है, इसका कोई मानक तय नहीं किया गया है। बल्कि, मानकों को दरकिनार कर मोटा मुनाफा कमाने के लिए बिल्डिंग के दोनों ओर होर्डिंग लगा दिए गए हैं। बिल्डिंग मेन चौराहा पर है। लोहे का स्ट्रक्चर इतना भारी होता है कि यदि कोई हादसा हो गया तो जनहानि होना तय है।
टैक्स चोरी करने वालों में डॉक्टर व नेताजी भी
ऐसा कोई प्रमुख चौराहा नहीं है, जहां मकानों के ऊपर बिना अनुमति के होर्डिंग न लगी हो, जिनके मकानों के ऊपर यह होर्डिंग टंगी हैं, उनमें बड़े कारोबारी, चिकित्सक, राजनीतिक या फिर समाज के भद्रजन हैं। ऐसे लोग नगर निगम की लाखों रुपये की टैक्स चोरी कर रहे हैं।