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दस हजार से अधिक जनधन खाते फ्रीज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 20 Jan 2017 12:57 AM IST
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mony ,jhansi news
- फोटो : demo
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जिले के लगभग 10 हजार जनधन खातों को रिजर्व बैंक ने फ्रीज कर दिया है। इन खातों को जांच पड़ताल करने के बाद खोला जाएगा। साथ ही कुछ खातेदारों के बचत और चालू खातों पर भी रोक लगाई है जिसमें नोटबंदी के बाद अचानक कई लाख रुपये जमा हो गए। रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को निर्देशित किया है कि चालू और बचत खातों को 28 फरवरी तक आधार और पैनकार्ड से लिंक कर दें।
नोटबंदी के बाद जीरो बैलेंस पर खोले गए जनधन खातों में बड़ी मात्रा में पांच सौ और एक हजार के अमान्य नोट जमा हुए हैं। जिले में लगभग दो लाख जनधन एकाउंट हैं। इनमे नोटबंदी के बाद दो अरब से अधिक रुपये जमा हुए हैं। इन खातों में रुपये जमा करने की सीमा पचास हजार रुपये ही है। जिन खातों में सीमा से अधिक रुपये जमा हुए हैं उनके लेनदेन पर रिजर्व बैंक ने रोक लगा दी है। एसबीआई फोर्ट शाखा के प्रबंधक नीलू लाल ने बताया कि इन खातों से लेनदेन कब शुरू होगा इसके लिए कोई समय निर्धारित नहीं किया गया है।
इसके अलावा उन चालू और बचत खातों पर भी रोक लगाई गई है, जिसमें नोटबंदी के बाद कई लाख रुपये जमा हो गए। इसमें यह भी देखा गया है जब से खाते खुले हैं, तब से उसमें इतने रुपये जमा नहीं हुए, जितने नोटबंदी के बाद जमा हो गए। जिले में सभी प्रकार के कुल 16 लाख खाते हैं। इनमें नोटबंदी के बाद 20 अरब रुपये जमा हुए हैं। फ्रीज किए गए खातों की जानकारी बैंक अधिकारियों को भी नहीं है। इस कारण वे अपने ग्राहकों को जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
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खातों में सीमा से अधिक रुपये जमा होने के रिजर्व बैंक ने ही फ्रीज कर दिया है। जांच पड़ताल के बाद ही खोला जाएगा। इसमें कितना समय लगेगा यह जानकारी नहीं है।
सुनील चावला, लीड बैंक मैनेजर
28 फरवरी तक करें केवाईसी की शर्तें पूरी
जिन खातों में आधार कार्ड और पैन नंबर लिंक नहीं है। उन खाताधारकों को 28 फरवरी तक केवाईसी (ह्नो योर कस्टमर) की डिटेल खाते में लिंक करवाने का मौका दिया गया है। इसके बाद खातों के लेनदेन पर रोक भी लगाई जा सकती है। पीएनबी के उप क्षेत्रीय मंडल प्रबंधक बीबी थरेजा ने बताया कि रिजर्व बैंक ने सभी खातों में केवाईसी की शर्तों को पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके लिए खातेधारक अपनी शाखा में जाकर आधार कार्ड और पैन कार्ड की डिटेल मुहैया करवा दें। एसबीआई के मुख्य प्रबंधक आरआर सिंह ने बताया कि केवाईसी की शर्तों को पूरा न करने पर बैंक नेाटिस भेजेगा या फिर खातों के लेनदेन पर रोक लगा दी जाएगी। पैनकार्ड न होने पर फार्म 60, 61 को भर सकते हैं। केवाईसी का मतलब ग्राहकों का ब्यौरा।
जानिए फार्म 60 और 61 को
खाते में पचास हजार रुपये से अधिक जमा करने पर बैंक पैन नंबर मांगता है। इससे आपके लेनदेन की जानकारी आयकर विभाग के पास पहुंच जाती है। पैन नंबर न होने पर फार्म 60 या 61 भरा जाता है। फार्म साठ व्यक्तिगत इनकम के लिए और फार्म 61 कृषि आय के लिए भरा जाता है। यह फार्म इस बात का प्रमाण होता है कि जो राशि आपने जमा की है वह टैक्स के दायरे में नहीं है।
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नोटबंदी के बाद जीरो बैलेंस पर खोले गए जनधन खातों में बड़ी मात्रा में पांच सौ और एक हजार के अमान्य नोट जमा हुए हैं। जिले में लगभग दो लाख जनधन एकाउंट हैं। इनमे नोटबंदी के बाद दो अरब से अधिक रुपये जमा हुए हैं। इन खातों में रुपये जमा करने की सीमा पचास हजार रुपये ही है। जिन खातों में सीमा से अधिक रुपये जमा हुए हैं उनके लेनदेन पर रिजर्व बैंक ने रोक लगा दी है। एसबीआई फोर्ट शाखा के प्रबंधक नीलू लाल ने बताया कि इन खातों से लेनदेन कब शुरू होगा इसके लिए कोई समय निर्धारित नहीं किया गया है।
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इसके अलावा उन चालू और बचत खातों पर भी रोक लगाई गई है, जिसमें नोटबंदी के बाद कई लाख रुपये जमा हो गए। इसमें यह भी देखा गया है जब से खाते खुले हैं, तब से उसमें इतने रुपये जमा नहीं हुए, जितने नोटबंदी के बाद जमा हो गए। जिले में सभी प्रकार के कुल 16 लाख खाते हैं। इनमें नोटबंदी के बाद 20 अरब रुपये जमा हुए हैं। फ्रीज किए गए खातों की जानकारी बैंक अधिकारियों को भी नहीं है। इस कारण वे अपने ग्राहकों को जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
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खातों में सीमा से अधिक रुपये जमा होने के रिजर्व बैंक ने ही फ्रीज कर दिया है। जांच पड़ताल के बाद ही खोला जाएगा। इसमें कितना समय लगेगा यह जानकारी नहीं है।
सुनील चावला, लीड बैंक मैनेजर
28 फरवरी तक करें केवाईसी की शर्तें पूरी
जिन खातों में आधार कार्ड और पैन नंबर लिंक नहीं है। उन खाताधारकों को 28 फरवरी तक केवाईसी (ह्नो योर कस्टमर) की डिटेल खाते में लिंक करवाने का मौका दिया गया है। इसके बाद खातों के लेनदेन पर रोक भी लगाई जा सकती है। पीएनबी के उप क्षेत्रीय मंडल प्रबंधक बीबी थरेजा ने बताया कि रिजर्व बैंक ने सभी खातों में केवाईसी की शर्तों को पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके लिए खातेधारक अपनी शाखा में जाकर आधार कार्ड और पैन कार्ड की डिटेल मुहैया करवा दें। एसबीआई के मुख्य प्रबंधक आरआर सिंह ने बताया कि केवाईसी की शर्तों को पूरा न करने पर बैंक नेाटिस भेजेगा या फिर खातों के लेनदेन पर रोक लगा दी जाएगी। पैनकार्ड न होने पर फार्म 60, 61 को भर सकते हैं। केवाईसी का मतलब ग्राहकों का ब्यौरा।
जानिए फार्म 60 और 61 को
खाते में पचास हजार रुपये से अधिक जमा करने पर बैंक पैन नंबर मांगता है। इससे आपके लेनदेन की जानकारी आयकर विभाग के पास पहुंच जाती है। पैन नंबर न होने पर फार्म 60 या 61 भरा जाता है। फार्म साठ व्यक्तिगत इनकम के लिए और फार्म 61 कृषि आय के लिए भरा जाता है। यह फार्म इस बात का प्रमाण होता है कि जो राशि आपने जमा की है वह टैक्स के दायरे में नहीं है।