{"_id":"68016294bfea589bc4058904","slug":"more-colour-than-standard-in-food-health-colorless-jhansi-news-c-11-1-jhs1004-535333-2025-04-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: खाद्य पदार्थों में मानक से ज्यादा रंग, सेहत बेरंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: खाद्य पदार्थों में मानक से ज्यादा रंग, सेहत बेरंग
विज्ञापन
होली से पहले फरवरी में खाद्य विभाग ने लिए थे 33 नमूने, जांच में 21 हो गए फेल
नामचीन दुकान के नमूने भी हुए फेल, बेसन में मिला जाला, समोसे की चटनी में दोगुना रंग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। इस साल होली से पहले फरवरी में खाद्य विभाग की टीम ने जनपद में कई स्थानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए थे। इनमें से 33 नमूनों की जांच रिपोर्ट अब आई है। इनमें 21 यानी लगभग दो तिहाई नमूने फेल मिले हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। बताया गया कि दूध के आठ सैंपल में पांच अधोमानक मिले हैं। वहीं, आलू बंडा में इस्तेमाल होने वाले बेसन में जाला मिला है तो समोसे की चटनी में दोगुने से ज्यादा खाद्य रंग की मिलावट की पुष्टि जांच रिपोर्ट में हुई है।
राजस्थान के भरतपुर और मेरठ की लैब में नमूनों की जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में खोआ के 11 नमूनों में चार में वसा की कमी पाई गई है। खोआ में वसा की मात्रा 30 फीसदी होनी चाहिए, जो 24 से 28 प्रतिशत के बीच पाई गई है। मसाले की 12 में 10 नमूने फेल हो गए हैं। दाल के भी चार नमूने फेल हुए हैं। इनमें मानक से ज्यादा टूटन मिली है। वहीं, नगर की नामचीन दुकान में आलू बंडा बनाने में इस्तेमाल होने वाले बेसन में जाला मिला है, जो सेहत के लिए खतरनाक है। बेसन में मटर की मिलावट की भी पुष्टि हुई है। इसके अलावा, एक दुकान के समोसे, आलू बंडा में डाली जाने वाली धनिया की चटनी में 220 पार्ट्स पर मिलियन (पीपीएम) खाद्य रंग की मिलावट पाई गई है, जबकि ये अधिकतम 100 पीपीएम होना चाहिए।
जवाब देने के लिए 30 दिन का मौका, फिर दायर होगा वाद
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नमूना फेल होने पर जिन दुकानदारों को नोटिस दिया गया है, उनके पास 30 दिन में जवाब देने का मौका है। उसके बाद एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा।
विज्ञापन
दोबारा जांच करवाने के लिए ये शुल्क तय
खाद्य पदार्थ फीस (रुपये में)
दाल, चावल - 9,000
खाद्य मसाला - 12,500
खोआ - 14,000
दूध - 19,000
(नोट : अन्य खाद्य पदार्थों की दोबारा जांच कराने की दरें अलग-अलग हैं।)
वर्जन...
जिनके यहां से लिए गए नमूने फेल हुए हैं, उन सभी दुकानदारों को नोटिस भेजा गया है। जिन्हें खाद्य पदार्थ की दोबारा जांच करवानी है, उन्हें निर्धारित फीस जमा करनी होगी। इसके बाद नमूने दूसरी लैब में जांच के लिए भेजे जाएंगे। - चितरंजन कुमार, जिला अभिहित अधिकारी
कैंसर से लेकर किडनी डैमेज होने तक का खतरा
झांसी। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता का कहना है कि लंबे समय तक मानक से ज्यादा खाद्य रंग मिला खाद्य पदार्थ खाने से कैंसर से लेकर किडनी डैमेज होने तक का खतरा रहता है। वहीं, अधिक मात्रा में जाला मिला खाद्य पदार्थ का सेवन करने उल्टी, दस्त आदि की समस्या हो सकती है।
विज्ञापन
नामचीन दुकान के नमूने भी हुए फेल, बेसन में मिला जाला, समोसे की चटनी में दोगुना रंग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। इस साल होली से पहले फरवरी में खाद्य विभाग की टीम ने जनपद में कई स्थानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए थे। इनमें से 33 नमूनों की जांच रिपोर्ट अब आई है। इनमें 21 यानी लगभग दो तिहाई नमूने फेल मिले हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। बताया गया कि दूध के आठ सैंपल में पांच अधोमानक मिले हैं। वहीं, आलू बंडा में इस्तेमाल होने वाले बेसन में जाला मिला है तो समोसे की चटनी में दोगुने से ज्यादा खाद्य रंग की मिलावट की पुष्टि जांच रिपोर्ट में हुई है।
राजस्थान के भरतपुर और मेरठ की लैब में नमूनों की जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में खोआ के 11 नमूनों में चार में वसा की कमी पाई गई है। खोआ में वसा की मात्रा 30 फीसदी होनी चाहिए, जो 24 से 28 प्रतिशत के बीच पाई गई है। मसाले की 12 में 10 नमूने फेल हो गए हैं। दाल के भी चार नमूने फेल हुए हैं। इनमें मानक से ज्यादा टूटन मिली है। वहीं, नगर की नामचीन दुकान में आलू बंडा बनाने में इस्तेमाल होने वाले बेसन में जाला मिला है, जो सेहत के लिए खतरनाक है। बेसन में मटर की मिलावट की भी पुष्टि हुई है। इसके अलावा, एक दुकान के समोसे, आलू बंडा में डाली जाने वाली धनिया की चटनी में 220 पार्ट्स पर मिलियन (पीपीएम) खाद्य रंग की मिलावट पाई गई है, जबकि ये अधिकतम 100 पीपीएम होना चाहिए।
विज्ञापन
जवाब देने के लिए 30 दिन का मौका, फिर दायर होगा वाद
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नमूना फेल होने पर जिन दुकानदारों को नोटिस दिया गया है, उनके पास 30 दिन में जवाब देने का मौका है। उसके बाद एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा।
विज्ञापन
दोबारा जांच करवाने के लिए ये शुल्क तय
खाद्य पदार्थ फीस (रुपये में)
दाल, चावल - 9,000
खाद्य मसाला - 12,500
खोआ - 14,000
दूध - 19,000
(नोट : अन्य खाद्य पदार्थों की दोबारा जांच कराने की दरें अलग-अलग हैं।)
वर्जन...
जिनके यहां से लिए गए नमूने फेल हुए हैं, उन सभी दुकानदारों को नोटिस भेजा गया है। जिन्हें खाद्य पदार्थ की दोबारा जांच करवानी है, उन्हें निर्धारित फीस जमा करनी होगी। इसके बाद नमूने दूसरी लैब में जांच के लिए भेजे जाएंगे। - चितरंजन कुमार, जिला अभिहित अधिकारी
कैंसर से लेकर किडनी डैमेज होने तक का खतरा
झांसी। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता का कहना है कि लंबे समय तक मानक से ज्यादा खाद्य रंग मिला खाद्य पदार्थ खाने से कैंसर से लेकर किडनी डैमेज होने तक का खतरा रहता है। वहीं, अधिक मात्रा में जाला मिला खाद्य पदार्थ का सेवन करने उल्टी, दस्त आदि की समस्या हो सकती है।