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सर्वार्थ सिद्धि योग में दर्शन होंगे चंद्र देव के
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झांसी। बुधवार चार नवंबर को करवा चौथ का पर्व उत्साह से मनाया जाएगा। सोलह शृंगार कर सुहागिन महिलाएं सर्वार्थ सिद्धि योग में मां गौरी की पूजा अर्चना करेंगी। चंद्रमा को छलनी से देखने के बाद पति की पूजा कर आरती करेगी। धार्मिक विद्वानों के अनुसार झांसी में चंद्रमा के दर्शन रात 8:30 बजे से होंगे।
देश में करवा चौथ का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष रहता है। प्रत्येक सुहागिन महिला दिन भर निर्जल व्रत रखकर शाम को शुभ मुहूर्त में चंद्र दर्शन व पूजा के बाद अपने पति के हाथों जल ग्रहण करती है। इस पर्व को लेकर हर साल महिलाओं में विशेष उत्साह रहता है। बाजारों में भी रौनक छा जाती है। धर्माचार्य हरीओम पाठक के अनुसार झांसी में रात 8:30 बजे चंद्र दर्शन होंगे। इस दौरान सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। करवा चौथ पर निर्जल व्रत रखने और चंद्र दर्शन व पूजा करने से महिलाओं के वैवाहिक जीवन में हमेशा सुख व शांति रहती है। वहीं करवा चौथ के त्योहार को लेकर सभी घरों में तैयारियां लगभग पूर्ण हो गई हैं।
ऐसे करें पूजा, यह है पूजन सामग्री
करवा चौथ पर सूर्योदय से पहले सुहागिन महिलाएं सरगी को ग्रहण करती हैं। इसके बाद भगवान की पूजा के उपरांत दिन भर निर्जल व्रत का संकल्प लिया जाता है। शाम को सोलह शृंगार कर पूजा की विधि तैयार की जाती है। पूजा सामग्री में मिट्टी का टोंटीदार करवा, पानी का लोटा, गंगाजल, दीपक, चंदन, कुमकुम, हल्दी, रोली, देशी घी, शहद, चीनी, साबुत चावल, सिंदूर, महावर, चूड़ी, बिछुआ, लकड़ी का आसन, छलनी व हलुआ आदि होता है।
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सास अपनी बहू को सरगी देती है। साथ ही शृंगार की सामग्री भी देती है। जो बहू सुबह तारों की छांव में पहनती है। वहीं, सुबह सरगी खाकर वह दिन भर निर्जल व्रत रखती है।
मुनमुन मल्होत्रा निवासी सीपरी
इस बार भी अपनी बहू को उपहार में सुहाग का पूरा सामान देने के साथ ही आकर्षक ज्वैलरी उपहार में दूंगी। त्योहार को लेकर घर में पूरी तैयारी कर ली गई है।
अंजू अग्रवाल निवासी कैलाश रेजीडेंसी
करवा चौथ का त्योहार लगभग सभी भारतीय परिवार उत्साह से मनाते हैं। बहू को शृंगार के सामान के साथ ही उपहार भी दूंगी। यह त्योहार आपसी रिश्तों को मजबूत करता है।
संजू मिश्रा निवासी गोंदू कंपाउंड
करवा चौथ का त्योहार हमें अपनी भारतीय प्राचीन परंपराओं से जोड़ता है। पर्व को लेकर विशेष उत्साह है। इस बार भी वह अपनी बहू को आकर्षक उपहार भेंट करूंगी।
राजेश्वरी यादव निवासी प्रेमगंज
करवा चौथ का इंतजार सभी सुहागिन महिलाओं को रहता है। त्योहार की तैयारियां भी एक माह पहले से शुरू हो जाती हैं। यह पर्व पति-पत्नी के साथ सास-बहू के लिए भी महत्वपूर्ण है।
गीता रावत सराफा बाजार
करवा चौथ पर अपनी चारों बहुओं वंदना, एकता, श्वेता, पूजा को आकर्षक उपहार देती हूं। साथ ही, सरगी भी खाने को दूंगी। यह त्योहार आत्मीय रिश्तों को और मजबूत करता है।
माधुरी मिश्रा निवासी ओम शांति नगर
करवा चौथ के पर्व का हमेशा सभी महिलाओं को इंतजार रहता है। यह त्योहार हम सभी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ता है। घर - घर रौनक भी छायी रहती है।
शालिनी पांडे निवासी कोतवाली की ढाल
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देश में करवा चौथ का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष रहता है। प्रत्येक सुहागिन महिला दिन भर निर्जल व्रत रखकर शाम को शुभ मुहूर्त में चंद्र दर्शन व पूजा के बाद अपने पति के हाथों जल ग्रहण करती है। इस पर्व को लेकर हर साल महिलाओं में विशेष उत्साह रहता है। बाजारों में भी रौनक छा जाती है। धर्माचार्य हरीओम पाठक के अनुसार झांसी में रात 8:30 बजे चंद्र दर्शन होंगे। इस दौरान सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। करवा चौथ पर निर्जल व्रत रखने और चंद्र दर्शन व पूजा करने से महिलाओं के वैवाहिक जीवन में हमेशा सुख व शांति रहती है। वहीं करवा चौथ के त्योहार को लेकर सभी घरों में तैयारियां लगभग पूर्ण हो गई हैं।
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ऐसे करें पूजा, यह है पूजन सामग्री
करवा चौथ पर सूर्योदय से पहले सुहागिन महिलाएं सरगी को ग्रहण करती हैं। इसके बाद भगवान की पूजा के उपरांत दिन भर निर्जल व्रत का संकल्प लिया जाता है। शाम को सोलह शृंगार कर पूजा की विधि तैयार की जाती है। पूजा सामग्री में मिट्टी का टोंटीदार करवा, पानी का लोटा, गंगाजल, दीपक, चंदन, कुमकुम, हल्दी, रोली, देशी घी, शहद, चीनी, साबुत चावल, सिंदूर, महावर, चूड़ी, बिछुआ, लकड़ी का आसन, छलनी व हलुआ आदि होता है।
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सास अपनी बहू को सरगी देती है। साथ ही शृंगार की सामग्री भी देती है। जो बहू सुबह तारों की छांव में पहनती है। वहीं, सुबह सरगी खाकर वह दिन भर निर्जल व्रत रखती है।
मुनमुन मल्होत्रा निवासी सीपरी
इस बार भी अपनी बहू को उपहार में सुहाग का पूरा सामान देने के साथ ही आकर्षक ज्वैलरी उपहार में दूंगी। त्योहार को लेकर घर में पूरी तैयारी कर ली गई है।
अंजू अग्रवाल निवासी कैलाश रेजीडेंसी
करवा चौथ का त्योहार लगभग सभी भारतीय परिवार उत्साह से मनाते हैं। बहू को शृंगार के सामान के साथ ही उपहार भी दूंगी। यह त्योहार आपसी रिश्तों को मजबूत करता है।
संजू मिश्रा निवासी गोंदू कंपाउंड
करवा चौथ का त्योहार हमें अपनी भारतीय प्राचीन परंपराओं से जोड़ता है। पर्व को लेकर विशेष उत्साह है। इस बार भी वह अपनी बहू को आकर्षक उपहार भेंट करूंगी।
राजेश्वरी यादव निवासी प्रेमगंज
करवा चौथ का इंतजार सभी सुहागिन महिलाओं को रहता है। त्योहार की तैयारियां भी एक माह पहले से शुरू हो जाती हैं। यह पर्व पति-पत्नी के साथ सास-बहू के लिए भी महत्वपूर्ण है।
गीता रावत सराफा बाजार
करवा चौथ पर अपनी चारों बहुओं वंदना, एकता, श्वेता, पूजा को आकर्षक उपहार देती हूं। साथ ही, सरगी भी खाने को दूंगी। यह त्योहार आत्मीय रिश्तों को और मजबूत करता है।
माधुरी मिश्रा निवासी ओम शांति नगर
करवा चौथ के पर्व का हमेशा सभी महिलाओं को इंतजार रहता है। यह त्योहार हम सभी को अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ता है। घर - घर रौनक भी छायी रहती है।
शालिनी पांडे निवासी कोतवाली की ढाल