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मूंगफली की खरीद में किसानों के साथ जमकर हुई लूट
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झांसी। मूंगफली की खरीद में किसानों के साथ जमकर अवैध वसूली हुई है। जांच में भी ये बात सामने आई है। टीम ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। इस मामले में कइयों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
जिले में इस बार मूंगफली का अच्छा उत्पादन हुआ है। इसकी खरीद के लिए जिले में आधा दर्जन खरीद केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर अब तक ढाई हजार मीट्रिक टन से अधिक मूंगफली की खरीद की जा चुकी है। उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव यूनियन लिमिटेड (पीसीयू) द्वारा भोजला मंडी में संचालित किए जा रहे दो केंद्रों की खरीद प्रक्रिया की शुरुआत होते ही शिकायतें सामने आने लगी थीं। किसानों का आरोप था कि भले ही सरकार ने मूंगफली का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,275 रुपये प्रति क्विंटल तय कर रखा है, लेकिन उन्हें इससे 250 से 300 रुपये कम का भुगतान किया जा रहा है। इतना ही नहीं, 35 किलो मूंगफली की जगह 36 किलो 500 ग्राम की अतिरिक्त तौल की जा रही है। इस डेढ़ किलोग्राम अतिरिक्त मूंगफली का उन्हें कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जा रहा है। लगातार सामने आ रहीं शिकायतों के बाद बृहस्पतिवार को बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा व गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत मंडी पहुंचे थे। उन्होंने भी खरीद केंद्रों पर उक्त गड़बड़ियां पकड़ीं थीं।
विधायकों की ओर से इसकी लिखित शिकायत जिलाधिकारी से की गई थी। डीएम आंद्रा वामसी ने मामले की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राम अक्षयवर चौहान की अगुवाई में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था, जिसमें उपायुक्त एवं उप निबंधक सहकारिता तथा सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता को शामिल किया गया था। कमेटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है। पीड़ित पक्ष व आरोपियों के बयान भी लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। किसानों के आरोप सही पाए गए हैं। इस गड़बड़ी के लिए उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव यूनियन लिमिटेड कुछ अफसर व खरीद केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
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एमएसपी अधिक होने से केंद्रों पर पहुंच रही मूंगफली
झांसी। सरकार की ओर से मूंगफली का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,275 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। जिले में मूंगफली की दो किस्म देसी और बटाली का उत्पादन होता है। इसमें बटाली का अस्सी फीसदी उत्पादन होता है। 20 फीसदी हिस्सा देसी का है। बटाली मूंगफली का बाजार भाव अधिकतम 4,400 रुपये चल रहा है, जो एमएसपी से कहीं कम है। ऐसे में मूंगफली की बिक्री के लिए खरीद केंद्रों पर किसानों की जमकर भीड़ उमड़ रही है।
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जिले में इस बार मूंगफली का अच्छा उत्पादन हुआ है। इसकी खरीद के लिए जिले में आधा दर्जन खरीद केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर अब तक ढाई हजार मीट्रिक टन से अधिक मूंगफली की खरीद की जा चुकी है। उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव यूनियन लिमिटेड (पीसीयू) द्वारा भोजला मंडी में संचालित किए जा रहे दो केंद्रों की खरीद प्रक्रिया की शुरुआत होते ही शिकायतें सामने आने लगी थीं। किसानों का आरोप था कि भले ही सरकार ने मूंगफली का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,275 रुपये प्रति क्विंटल तय कर रखा है, लेकिन उन्हें इससे 250 से 300 रुपये कम का भुगतान किया जा रहा है। इतना ही नहीं, 35 किलो मूंगफली की जगह 36 किलो 500 ग्राम की अतिरिक्त तौल की जा रही है। इस डेढ़ किलोग्राम अतिरिक्त मूंगफली का उन्हें कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जा रहा है। लगातार सामने आ रहीं शिकायतों के बाद बृहस्पतिवार को बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा व गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत मंडी पहुंचे थे। उन्होंने भी खरीद केंद्रों पर उक्त गड़बड़ियां पकड़ीं थीं।
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विधायकों की ओर से इसकी लिखित शिकायत जिलाधिकारी से की गई थी। डीएम आंद्रा वामसी ने मामले की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राम अक्षयवर चौहान की अगुवाई में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था, जिसमें उपायुक्त एवं उप निबंधक सहकारिता तथा सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता को शामिल किया गया था। कमेटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है। पीड़ित पक्ष व आरोपियों के बयान भी लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। किसानों के आरोप सही पाए गए हैं। इस गड़बड़ी के लिए उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव यूनियन लिमिटेड कुछ अफसर व खरीद केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
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एमएसपी अधिक होने से केंद्रों पर पहुंच रही मूंगफली
झांसी। सरकार की ओर से मूंगफली का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,275 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। जिले में मूंगफली की दो किस्म देसी और बटाली का उत्पादन होता है। इसमें बटाली का अस्सी फीसदी उत्पादन होता है। 20 फीसदी हिस्सा देसी का है। बटाली मूंगफली का बाजार भाव अधिकतम 4,400 रुपये चल रहा है, जो एमएसपी से कहीं कम है। ऐसे में मूंगफली की बिक्री के लिए खरीद केंद्रों पर किसानों की जमकर भीड़ उमड़ रही है।