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मानदेय नहीं मिला तो करेंगे हड़ताल
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मानदेय नहीं मिला तो करेंगे हड़ताल
- ई-हॉस्पिटल कर्मचारियों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को दी चेतावनी
- पांच महीने से नहीं हुआ है भुगतान
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में ई-हॉस्पिटल योजना अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को पांच महीने का मानदेय नहीं मिला है। कर्मचारी मंगलवार को हड़ताल पर जाने वाले थे लेकिन किसी तरह कॉलेज प्रशासन ने उन्हें समझाकर शांत कराया। कर्मचारियों ने कॉलेज अधिकारियों को दो दिन का समय दिया है। इसके बाद कर्मचारी हड़ताल कर देंगे।
मेडिकल कॉलेज में ई-हॉस्पिटल के अंतर्गत अक्तूबर 2018 में कई कर्मचारी रखे गए थे। इन कर्मचारियों को पिछले पांच महीने से मानदेय नहीं दिया गया है। इससे नाराज कर्मचारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के शुभारंभ के दौरान हंगामा करने जा रहे थे। कॉलेज प्रशासन को भनक लग गई तो कर्मचारियों को आश्वासन देकर शांत करा दिया। मंगलवार को कर्मचारी फिर हड़ताल करने वाले थे लेकिन कॉलेज के अधिकारियों ने शासन स्तर पर बात कर जल्द भुगतान करवाने की बात कही। इस पर कर्मचारी मान गए। कर्मचारियों ने कहा कि पांच महीने से मानदेय नहीं मिलने से उनके सामने परिवार चलाने का संकट हो गया है। किसी तरह उधार लेकर वह दो समय का खाना खा पा रहे हैं। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि वह अपने बच्चों की स्कूल की फीस नहीं जमा कर पा रहे हैं। यदि शुक्रवार तक उन्हें भुगतान नहीं किया जाता है तो वह हड़ताल पर चले जाएंगे।
महीनों से पीएफ भी न मिलने का आरोप
ई-हॉस्पिटल का कार्य देख रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें कई महीनों का पीएफ का भुगतान भी नहीं किया गया है। निर्धारित मानदेय से कम उन्हें मिल रहा है। ईपीएफओ की वेबसाइट पर जाकर जब उन्होंने पीएफ की जानकारी देखी तो कई महीनों का पैसा नहीं दिख रहा है।
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वर्जन..
ई-हॉस्पिटल के नोडल अधिकारी ने कंपनी से कर्मचारियों का मानदेय भुगतान करने के लिए बात की है। कॉलेज के पास कंपनी का जो भी बिल आता है, उसका भुगतान कर दिया जाता है। कंपनी और कर्मचारियों के बीच मानदेय की क्या शर्तें हैं, वो दोनों जानते हैं। कॉलेज प्रशासन का मानदेय से कोई लेनादेना नहीं है।
- डॉ. हरीशचंद्र आर्या, सीएमएस।
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- ई-हॉस्पिटल कर्मचारियों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को दी चेतावनी
- पांच महीने से नहीं हुआ है भुगतान
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में ई-हॉस्पिटल योजना अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को पांच महीने का मानदेय नहीं मिला है। कर्मचारी मंगलवार को हड़ताल पर जाने वाले थे लेकिन किसी तरह कॉलेज प्रशासन ने उन्हें समझाकर शांत कराया। कर्मचारियों ने कॉलेज अधिकारियों को दो दिन का समय दिया है। इसके बाद कर्मचारी हड़ताल कर देंगे।
मेडिकल कॉलेज में ई-हॉस्पिटल के अंतर्गत अक्तूबर 2018 में कई कर्मचारी रखे गए थे। इन कर्मचारियों को पिछले पांच महीने से मानदेय नहीं दिया गया है। इससे नाराज कर्मचारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के शुभारंभ के दौरान हंगामा करने जा रहे थे। कॉलेज प्रशासन को भनक लग गई तो कर्मचारियों को आश्वासन देकर शांत करा दिया। मंगलवार को कर्मचारी फिर हड़ताल करने वाले थे लेकिन कॉलेज के अधिकारियों ने शासन स्तर पर बात कर जल्द भुगतान करवाने की बात कही। इस पर कर्मचारी मान गए। कर्मचारियों ने कहा कि पांच महीने से मानदेय नहीं मिलने से उनके सामने परिवार चलाने का संकट हो गया है। किसी तरह उधार लेकर वह दो समय का खाना खा पा रहे हैं। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि वह अपने बच्चों की स्कूल की फीस नहीं जमा कर पा रहे हैं। यदि शुक्रवार तक उन्हें भुगतान नहीं किया जाता है तो वह हड़ताल पर चले जाएंगे।
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महीनों से पीएफ भी न मिलने का आरोप
ई-हॉस्पिटल का कार्य देख रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें कई महीनों का पीएफ का भुगतान भी नहीं किया गया है। निर्धारित मानदेय से कम उन्हें मिल रहा है। ईपीएफओ की वेबसाइट पर जाकर जब उन्होंने पीएफ की जानकारी देखी तो कई महीनों का पैसा नहीं दिख रहा है।
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ई-हॉस्पिटल के नोडल अधिकारी ने कंपनी से कर्मचारियों का मानदेय भुगतान करने के लिए बात की है। कॉलेज के पास कंपनी का जो भी बिल आता है, उसका भुगतान कर दिया जाता है। कंपनी और कर्मचारियों के बीच मानदेय की क्या शर्तें हैं, वो दोनों जानते हैं। कॉलेज प्रशासन का मानदेय से कोई लेनादेना नहीं है।
- डॉ. हरीशचंद्र आर्या, सीएमएस।