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विधायक जी भूल गए हमारी सड़क, मोहल्ले के अंदर जाने का भी रास्ता नहीं
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झांसी। झांसी सदर के शहरी इलाके में आंतरिक सड़कों का हाल बुरा है। कई मोहल्लों में जाने का पक्का रास्ता ही नहीं है। शिव परिवार कॉलोनी, वर्मा कॉलोनी, पंचवटी समेत कई मोहल्लों में नारकीय स्थिति है। आने-जाने का रास्ता नाले के पानी में डूबा रहता है। गलियों से गाड़ियां निकलना तक मुश्किल रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार चुनाव के दौरान उनसे हालत दुरुस्त कराने की बात कही गई लेकिन, आज तक यहां के हालात जस के तस हैं।
शहर की मुख्य सड़कें भले कुछ बेहतर दिखाई पड़ती हों लेकिन, कॉलोनियों की भीतरी सड़कों की सुध कोई नहीं ले रहा। शहर के भीतर सबसे बुरी दशा में शिव परिवार कॉलोनी समेत आसपास रहने वालों की है। यहां करीब बारह सौ लोग रहते हैं लेकिन, आने-जाने का कोई पक्का रास्ता नहीं है। कच्चे रास्ते से ही कॉलोनी के लोग आते जाते हैं। इस रास्ते में भी दो फीट तक गंदा पानी भरा रहता है। महिलाएं एवं बच्चे कभी निकल नहीं पाते। बच्चों को घरों पर पढ़ाने के लिए कोई राजी नहीं होता। स्थानीय लोगों का कहना है चुनाव के दौरान उनसे वायदा करके वोट लिए गए लेकिन, पांच साल बीतने के बाद भी काम नहीं हुआ।
पंचवटी, वर्मा कॉलोनी, लहर गिर्द, छनियापुरा, करगुवा जी, छोटी माता मंदिर के आसपास, प्रेमनगर में नगरा, लक्ष्मीगेट बाहर से बकरा मंडी के आसपास, राजपूत कॉलोनी के पीछे, भट्टागांव, आईटीआई कॉलोनी समेत कई कॉलोनियों का यही हाल है। इनको जोड़ने वाली सड़कें कई साल से खस्ता हाल हैं। यहां लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान उनकी समस्याएं निपटाने का भरोसा दिलाया जाता है लेकिन, बाद में सुनवाई नहीं होती। इसी तरह पुराने शहर में लोग जाम की समस्या से भी हलाकान हैं। रोजाना घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है। विधानसभा चुनाव से पहले जाम से निजात के भी वायदे किए गए थे लेकिन, आज तक वह दिन नहीं आया।
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पांच साल में नई बनवाई 176 सड़क, दूसरी जनसुविधाओं पर भी खर्च की विधायक निधि
विधायक रवि शर्मा का कहना है कि उन्होंने सबसे ज्यादा ध्यान शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरूस्त कराने पर ही दिया। विधायक निधि, बुंदेलखंड विकास निधि, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम से मदद लेकर उन्होंने शहर के विभिन्न सड़कों एवं गलियां दुरूस्त कराई। विधायक निधि से ही कचेहरी चौराहा से रिसाला चुंगी के बीच 1.43 करोड़, रिसाला चुंगी से गेट नंबर एक से होते हुए गेट नंबर तीन तक सड़ निर्माण 2.62 करोड़, फिल्टर रोड रेलवे क्रासिंग से ग्वालियर रोड तिराहा 93 लाख, इलाइट चौराहा से सर्किट हाउस 99 लाख, वार्ड नंबर 23 संगर्रा में बल्ली पाल के मकान से प्रमोद पाल के मकान, गुमनावारा मेन रोड से पिछोर बड़ागांव गेट से पहूंज मार्ग तक, पंचवटी में प्रज्ञा श्रीवास्तव के मकान से नरेश वर्मा के मकान तक एपेक्स निर्माण, हमसफर पत्थर की टाल से खाती बाबा मंदिर के बीच सड़क, रेलवे क्रासिंग के समीप खुशी बिल्डिंग मैटेरियल से आकश दुबे के मकान तक इंटरलाकिंग, वार्ड नंबर 40 राम मंदिर छोटी माता मंदिर के आसपास सड़क निर्माण, वार्ड नंबर 39 दतिया गेट बाहर शीतला मंदिर के पीछे थापक बाग में इंटरलाकिंग का काम, वार्ड नंबर 31 में सूती मिल पावर हाउस के बगल में अभिषेक की दुकान के आसपास, वार्ड नंबर 23 लहरगिर्द में सीसी रोड एवं नाली निर्माण, वार्ड संख्या 53 मसीहागंज में नाथ की कोठी के आगे हमसफर पत्थर की टाल के सामने के पूरे इलाके अन्य तमाम इलाकों में काम कराए गए। नगर निगम की मदद से गलियों के भीतर एपेक्स बिछवाने का काम हुआ। विधायक का दावा है कि उनके कार्यकाल में जितनी सड़कें एवं गलियां बनवाई गई इसके पहले कभी भी नहीं बनवाई गई हैं।
रास्ते में नाले का गंदा पानी भरा रहता है। नगर निगम में शिकायत करने पर पंप लगाकर यह पानी निकाला जाता है। कई बार सड़क-नाली बनवाने की मांग की गई। आज तक सुनवाई नहीं हुई।
प्रदीप साहू
रास्ता न होने की वजह से महिलाओं एवं बच्चों को काफी परेशानी होती हैं। महिलाएं इस वजह से अकेले नहीं निकल पाती हैं। चुनाव के दौरान हम लोगों से इस समस्या को दूर कराने का वायदा किया था। वायदा नहीं पूरा हुआ।
परमानंद वर्मा
सड़क खराब होने से यहां कई बार दुर्घटनाएं हो जाती हैं। वाहन चालक गिर पड़ते हैं। विधायक जी से कई बार मांग की गई लेकिन, सड़क सही नहीं हुई
जितेंद्र साहू
सड़क पूरी तरह से खराब हो चुकी। अक्सर यहां दुर्घटनाएं हो जाती हैं। हम लोगों ने कई बार इस सड़क को ठीक कराने की मांग की। आज तक यह सड़क नहीं बनी।
रोहित
कॉलोनी के भीतर आने-जाने का कोई रास्ता ही नहीं है। कच्चे रास्ते में नाले का पानी भरा रहता है। चुनाव से पहले कई दफे वायदे हुए लेकिन, आज तक यह पूरा नहीं हुआ।
मुन्ना लाल सेन
सड़क न होने से बच्चों को काफी परेशानी होती है। घरों पर उनको ट्यूशन पढ़ाने को भी कोई राजी नहीं होता।
सुनील कुमार
हम लोगों को बहुत दिक्कत होती है। हम लोग अकेले नहीं निकल पाते। निकलने का रास्ता न होने से कई-कई हफ्ते घरों में ही कैद रहना पड़ता है।
निधि
सड़क की बहुत जरूरत है। कोई सुनवाई नहीं होती। सड़कों पर गंदा पानी भरा होने से पूरे मोहल्ले में दुर्गंध रहती है।
गीता
अलग-बगल प्लॉट में गंदा पानी भरा रहता है। इस वजह से यहां डेंगू एवं मलेरिया का प्रकोप रहता है। सड़क बन जाए तब हम लोगों को इससे छूटकारा मिल जाए।
बल्ली कुशवाहा
सड़क की जरूरत सबसे ज्यादा है। चुनाव से पहले कई बार वायदा किया गया लेकिन, आज तक हमारी कॉलोनी की सड़क नहीं बनवाई गई।
लक्ष्मी नारायण
सड़क न होने से बड़ी परेशानी है। हम लोग घर से बाहर निकल ही नहीं पाते। घरों में कैद होकर रह गए हैं।
लता
बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। उनकी पढ़ाई रूक गई है। टीचर भी घर पर आकर पढ़ाने को राजी नहीं होते। कई लोग इस वजह से यहां रहने को राजी नहीं होते।
मो.जमील कुरैशी
चुनाव तक सभी सड़क बनवाने का वायदा कर रहे थे लेकिन, अब कोई नहीं सुनवाई कर रहा। हम लोग चक्कर काटकर परेशान हो गए।
प्रदीप साहू
हमारे मोहल्ले की सड़क पिछले कई वर्ष से खराब पड़ी हुई है। हम लोग कई बार गुहार लगा चुके लेकिन, हमारी सुनवाई नहीं हुई।
नरेंद्र वर्मा
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शहर की मुख्य सड़कें भले कुछ बेहतर दिखाई पड़ती हों लेकिन, कॉलोनियों की भीतरी सड़कों की सुध कोई नहीं ले रहा। शहर के भीतर सबसे बुरी दशा में शिव परिवार कॉलोनी समेत आसपास रहने वालों की है। यहां करीब बारह सौ लोग रहते हैं लेकिन, आने-जाने का कोई पक्का रास्ता नहीं है। कच्चे रास्ते से ही कॉलोनी के लोग आते जाते हैं। इस रास्ते में भी दो फीट तक गंदा पानी भरा रहता है। महिलाएं एवं बच्चे कभी निकल नहीं पाते। बच्चों को घरों पर पढ़ाने के लिए कोई राजी नहीं होता। स्थानीय लोगों का कहना है चुनाव के दौरान उनसे वायदा करके वोट लिए गए लेकिन, पांच साल बीतने के बाद भी काम नहीं हुआ।
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पंचवटी, वर्मा कॉलोनी, लहर गिर्द, छनियापुरा, करगुवा जी, छोटी माता मंदिर के आसपास, प्रेमनगर में नगरा, लक्ष्मीगेट बाहर से बकरा मंडी के आसपास, राजपूत कॉलोनी के पीछे, भट्टागांव, आईटीआई कॉलोनी समेत कई कॉलोनियों का यही हाल है। इनको जोड़ने वाली सड़कें कई साल से खस्ता हाल हैं। यहां लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान उनकी समस्याएं निपटाने का भरोसा दिलाया जाता है लेकिन, बाद में सुनवाई नहीं होती। इसी तरह पुराने शहर में लोग जाम की समस्या से भी हलाकान हैं। रोजाना घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है। विधानसभा चुनाव से पहले जाम से निजात के भी वायदे किए गए थे लेकिन, आज तक वह दिन नहीं आया।
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पांच साल में नई बनवाई 176 सड़क, दूसरी जनसुविधाओं पर भी खर्च की विधायक निधि
विधायक रवि शर्मा का कहना है कि उन्होंने सबसे ज्यादा ध्यान शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरूस्त कराने पर ही दिया। विधायक निधि, बुंदेलखंड विकास निधि, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम से मदद लेकर उन्होंने शहर के विभिन्न सड़कों एवं गलियां दुरूस्त कराई। विधायक निधि से ही कचेहरी चौराहा से रिसाला चुंगी के बीच 1.43 करोड़, रिसाला चुंगी से गेट नंबर एक से होते हुए गेट नंबर तीन तक सड़ निर्माण 2.62 करोड़, फिल्टर रोड रेलवे क्रासिंग से ग्वालियर रोड तिराहा 93 लाख, इलाइट चौराहा से सर्किट हाउस 99 लाख, वार्ड नंबर 23 संगर्रा में बल्ली पाल के मकान से प्रमोद पाल के मकान, गुमनावारा मेन रोड से पिछोर बड़ागांव गेट से पहूंज मार्ग तक, पंचवटी में प्रज्ञा श्रीवास्तव के मकान से नरेश वर्मा के मकान तक एपेक्स निर्माण, हमसफर पत्थर की टाल से खाती बाबा मंदिर के बीच सड़क, रेलवे क्रासिंग के समीप खुशी बिल्डिंग मैटेरियल से आकश दुबे के मकान तक इंटरलाकिंग, वार्ड नंबर 40 राम मंदिर छोटी माता मंदिर के आसपास सड़क निर्माण, वार्ड नंबर 39 दतिया गेट बाहर शीतला मंदिर के पीछे थापक बाग में इंटरलाकिंग का काम, वार्ड नंबर 31 में सूती मिल पावर हाउस के बगल में अभिषेक की दुकान के आसपास, वार्ड नंबर 23 लहरगिर्द में सीसी रोड एवं नाली निर्माण, वार्ड संख्या 53 मसीहागंज में नाथ की कोठी के आगे हमसफर पत्थर की टाल के सामने के पूरे इलाके अन्य तमाम इलाकों में काम कराए गए। नगर निगम की मदद से गलियों के भीतर एपेक्स बिछवाने का काम हुआ। विधायक का दावा है कि उनके कार्यकाल में जितनी सड़कें एवं गलियां बनवाई गई इसके पहले कभी भी नहीं बनवाई गई हैं।
रास्ते में नाले का गंदा पानी भरा रहता है। नगर निगम में शिकायत करने पर पंप लगाकर यह पानी निकाला जाता है। कई बार सड़क-नाली बनवाने की मांग की गई। आज तक सुनवाई नहीं हुई।
प्रदीप साहू
रास्ता न होने की वजह से महिलाओं एवं बच्चों को काफी परेशानी होती हैं। महिलाएं इस वजह से अकेले नहीं निकल पाती हैं। चुनाव के दौरान हम लोगों से इस समस्या को दूर कराने का वायदा किया था। वायदा नहीं पूरा हुआ।
परमानंद वर्मा
सड़क खराब होने से यहां कई बार दुर्घटनाएं हो जाती हैं। वाहन चालक गिर पड़ते हैं। विधायक जी से कई बार मांग की गई लेकिन, सड़क सही नहीं हुई
जितेंद्र साहू
सड़क पूरी तरह से खराब हो चुकी। अक्सर यहां दुर्घटनाएं हो जाती हैं। हम लोगों ने कई बार इस सड़क को ठीक कराने की मांग की। आज तक यह सड़क नहीं बनी।
रोहित
कॉलोनी के भीतर आने-जाने का कोई रास्ता ही नहीं है। कच्चे रास्ते में नाले का पानी भरा रहता है। चुनाव से पहले कई दफे वायदे हुए लेकिन, आज तक यह पूरा नहीं हुआ।
मुन्ना लाल सेन
सड़क न होने से बच्चों को काफी परेशानी होती है। घरों पर उनको ट्यूशन पढ़ाने को भी कोई राजी नहीं होता।
सुनील कुमार
हम लोगों को बहुत दिक्कत होती है। हम लोग अकेले नहीं निकल पाते। निकलने का रास्ता न होने से कई-कई हफ्ते घरों में ही कैद रहना पड़ता है।
निधि
सड़क की बहुत जरूरत है। कोई सुनवाई नहीं होती। सड़कों पर गंदा पानी भरा होने से पूरे मोहल्ले में दुर्गंध रहती है।
गीता
अलग-बगल प्लॉट में गंदा पानी भरा रहता है। इस वजह से यहां डेंगू एवं मलेरिया का प्रकोप रहता है। सड़क बन जाए तब हम लोगों को इससे छूटकारा मिल जाए।
बल्ली कुशवाहा
सड़क की जरूरत सबसे ज्यादा है। चुनाव से पहले कई बार वायदा किया गया लेकिन, आज तक हमारी कॉलोनी की सड़क नहीं बनवाई गई।
लक्ष्मी नारायण
सड़क न होने से बड़ी परेशानी है। हम लोग घर से बाहर निकल ही नहीं पाते। घरों में कैद होकर रह गए हैं।
लता
बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। उनकी पढ़ाई रूक गई है। टीचर भी घर पर आकर पढ़ाने को राजी नहीं होते। कई लोग इस वजह से यहां रहने को राजी नहीं होते।
मो.जमील कुरैशी
चुनाव तक सभी सड़क बनवाने का वायदा कर रहे थे लेकिन, अब कोई नहीं सुनवाई कर रहा। हम लोग चक्कर काटकर परेशान हो गए।
प्रदीप साहू
हमारे मोहल्ले की सड़क पिछले कई वर्ष से खराब पड़ी हुई है। हम लोग कई बार गुहार लगा चुके लेकिन, हमारी सुनवाई नहीं हुई।
नरेंद्र वर्मा