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नहीं छूटा पीछा, जांच में फंसे जलसंस्थान के रिटायर्ड जीएम

Fri, 18 Nov 2016 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 18 Nov 2016 12:29 AM IST
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Missed chase, caught up in the investigation, a retired GM Jlsnsthan
jal nigam jhansi - फोटो : demo
 वर्मा के पेंशन सहित सभी भुगतानों पर भी रोक लगा दी गई है। मंडलायुक्त की देखरेख में वर्तमान महाप्रबंधक वीएन द्विवेदी आरोपों की जांच कर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। इस बीच ठेकेदारों के भुगतान भी रोक दिए गए हैं।
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रिटायर महाप्रबंधक आरपी वर्मा का झांसी में 25 अप्रैल 2015 से 22 अक्तूबर 2016 तक का कार्यकाल आरोपों से भरा रहा। भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते शासन ने सेवानिवृत्ति के एक हफ्ते पहले ही उनका स्थानांतरण मुख्यालय कर दिया था। रिटायरमेंट के बाद पेंशन समेत उनके सभी भुगतानों पर रोक लगा दी। शासन ने आरोपों की जांच के लिए अब मंडलायुक्त को जांच अधिकारी बनाया है। मंडलायुक्त के आदेश पर महाप्रबंधक वीएन द्विवेदी ने वर्मा पर लगाए गए आरोपों से जुड़े दस्तावेजों को जुटाना शुरू कर दिया है। जांच प्रभावित न हो, इस कारण उन्होंने छह कर्मचारियों को भी इधर-उधर कर दिया है।  
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गौरतलब है कि जलसंस्थान का महाप्रबंधक कार्यालय ही झांसी, ललितपुर और उरई जनपद कार्यालयों के लिए सामग्री की खरीद करता है। इसमें प्रमुख रूप से पाइप, कॉलम पाइप, ज्वाइंट, केबल, मोटर पंप, नट बोल्ट आदि की खरीद की जाती है। पिछले एक साल में लगभग दस करोड़ की सामग्री खरीदी र्गई। आरोप है कि महाप्रबंधक कार्यालय ने सामग्री की हर खरीद पुराने अनुबंधित दरों पर ही चहेते ठेकेदारों के जरिए करवा ली। अधिकारियों ने टेंडर प्रक्रिया कराके न तो नई रेट लिस्ट मंगवाने की जहमत उठाई। जल निगम में हो रही खरीद की दरों की भी अनदेखी की गई। नियमों को दरकिनार कर दुगने दामों में सामग्री की खरीद की गई। इस कारण हर खरीद पर सवाल खड़े किए गए। 
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जल संस्थान के कर्मचारी संजीव साहू ने मुख्यमंत्री समेत कई अधिकारियों से शिकायत की थी। सदर विधायक रवि शर्मा ने भी जलसंस्थान में भ्रष्टाचार का मामला उठाया था। इस कारण रिटायर्ड जीएम पर जांच का शिकंजा कसता जा रहा था। इस बाबत रिटायर महाप्रबंधक आरपी वर्मा से फोन पर बात करने की कोशिश की गई पर स्विच ऑफ मिला। 


‘ आरोपों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जब तक जांच पूरी नहीं होती है, तब तक संबंधित ठेकेदारों का बकाया भुगतान रोके रखा जाएगा।’
वीएन द्विवेदी, जीएम जल संस्थान। 


नई दरों पर होंगे टेंडर 
जल संस्थान के महाप्रबंधक वीएन द्विवेदी ने बताया कि जल निगम से सामग्री खरीद के नए रेट मांगे गए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने तक 2012 की ही दरों पर निविदाएं फाइनल की जाएगी। बशर्ते ठेकेदारों की उन रेटों पर आपसी सहमति हो। 
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