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मंत्री के आगे लेट गया पिटाई से क्षुब्ध साधु
ब्यूरो
Updated Sun, 13 Dec 2015 12:52 AM IST
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झांसी। वृंदावन के एक साधु ने उरई स्टेशन पर तैनात दो सिपाहियों पर मारपीट का आरोप लगाया है। झांसी स्टेशन पर वह केंद्रीय मंत्री उमा भारती के मिलने पर उनके आगे आकर लेट गया और अपनी पीड़ा सुनाई। केंद्रीय मंत्री ने आरपीएफ को बुलाकर जांच के आदेश दिए।
शनिवार की सुबह पांच बजे केंद्रीय मंत्री उमा भारती दिल्ली से झांसी आईं। वह जब प्लेटफार्म से स्टेशन के बाहर निकल रहीं थीं, तभी मुख्य द्वार के निकट एक साधु उनके सामने आकर लेट गया। इसके बाद वृंदावन मथुरा निवासी साधु हनुमान दास ने अपनी पीड़ा बताई।
कहा कि वह राप्ती सागर एक्सप्रेस के विकलांग कोच में सवार होकर कानपुर से झांसी आ रहा था। उरई स्टेशन पर दो महिलाएं कोच में बैठने के लिए आईं। चूंकि, कोच में बैठे अन्य यात्रियों ने दरवाजा बंद कर रखा था। इस कारण महिलाएं बाहर से शोर मचा रहीं थीं। इस बीच पहुंचे दो आरपीएफ सिपाहियों ने गेट खुलवाया और महिलाओं के कोच में पहुंचने के बाद उन्हें सिपाहियों ने नीचे उतार दिया।
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विरोध करने पर सिपाहियों ने मारपीट की। बाद में वह दूसरी ट्रेन में बैठकर झांसी आए। इस पर केंद्रीय मंत्री ने आरपीएफ को बुलाकर तुरंत मामले की जांच के आदेश दिए। इस दौरान साधु ने आरपीएफ को मामले की लिखित शिकायत भी दी। आरपीएफ कमांडेंट आशीष मिश्र के निर्देश पर सहायक कमांडेंट प्यारेलाल ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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शनिवार की सुबह पांच बजे केंद्रीय मंत्री उमा भारती दिल्ली से झांसी आईं। वह जब प्लेटफार्म से स्टेशन के बाहर निकल रहीं थीं, तभी मुख्य द्वार के निकट एक साधु उनके सामने आकर लेट गया। इसके बाद वृंदावन मथुरा निवासी साधु हनुमान दास ने अपनी पीड़ा बताई।
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कहा कि वह राप्ती सागर एक्सप्रेस के विकलांग कोच में सवार होकर कानपुर से झांसी आ रहा था। उरई स्टेशन पर दो महिलाएं कोच में बैठने के लिए आईं। चूंकि, कोच में बैठे अन्य यात्रियों ने दरवाजा बंद कर रखा था। इस कारण महिलाएं बाहर से शोर मचा रहीं थीं। इस बीच पहुंचे दो आरपीएफ सिपाहियों ने गेट खुलवाया और महिलाओं के कोच में पहुंचने के बाद उन्हें सिपाहियों ने नीचे उतार दिया।
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विरोध करने पर सिपाहियों ने मारपीट की। बाद में वह दूसरी ट्रेन में बैठकर झांसी आए। इस पर केंद्रीय मंत्री ने आरपीएफ को बुलाकर तुरंत मामले की जांच के आदेश दिए। इस दौरान साधु ने आरपीएफ को मामले की लिखित शिकायत भी दी। आरपीएफ कमांडेंट आशीष मिश्र के निर्देश पर सहायक कमांडेंट प्यारेलाल ने मामले की जांच शुरू कर दी है।