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Jhansi News: मंत्री ने पूछा-क्यों खराब पड़ी हैं सीटी स्कैन, एमआरआई मशीनें
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झांसी। महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की मंत्री बेबी रानी मौर्य ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पूछा कि सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें क्यों खराब पड़ी हैं। प्राचार्य ने उन्हें बताया कि मशीन को सुधरवाने के लिए शासन से बजट की मांग की जा चुकी है। साथ ही नई मशीन लगवाने के लिए भी पत्र लिखा जा चुका है। इस पर मंत्री ने पत्र उन्हें उपलब्ध कराने के लिए कहा।
मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में लगी एमआरआई और सीटी स्कैन मशीन एक दशक से ज्यादा पुरानी हो जाने के कारण आए दिन खराब हो जाती है। इस बार खराब हुई मशीनें सुधरवाने के लिए मेडिकल कॉलेज के पास बजट नहीं है। इस वजह से दो महीने बीतने के बाद भी दोनों मशीनें ठीक नहीं हो पाई हैं। मरीजों की इस समस्या को लगातार अमर उजाला उठा रहा है। शनिवार को विकास भवन में पत्रकार वार्ता के दौरान जब ये मामला प्रभारी मंत्री के सामने आया तो उन्होंने कॉलेज का निरीक्षण करने की बात कही। कुछ देर बाद प्रभारी मंत्री मेडिकल कॉलेज पहुंच गईं। उन्होंने इमरजेंसी में भर्ती मरीजों से पूछताछ की। इसके बाद रेडियोलॉजी विभाग पहुंचकर खराब पड़ी सीटी स्कैन, एमआरआई मशीन को देखा। मंत्री ने मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों से पूछा कि इतने समय में मशीन ठीक क्यों नहीं हो पाई है? प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने उन्हें बताया कि यहां पर नई सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन की जरूरत है। इस पर मंत्री ने कॉलेज प्रशासन की तरफ से शासन को लिखे गए पत्र प्राचार्य से उन्हें उपलब्ध कराने के लिए कहा। बोलीं कि वह इस मामले में शासन स्तर पर बात करेंगी।
निजी सेंटर करेगा सरकारी दरों पर एमआरआई
झांसी। प्रभारी मंत्री को प्राचार्य ने बताया कि एमआरआई जांच के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कराई जा रही है। एक निजी सेंटर से बात की गई है। सेंटर मेडिकल कॉलेज की सरकारी दरों पर मरीजों की एमआरआई जांच करने के लिए तैयार हो गया है। ब्यूरो
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मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में लगी एमआरआई और सीटी स्कैन मशीन एक दशक से ज्यादा पुरानी हो जाने के कारण आए दिन खराब हो जाती है। इस बार खराब हुई मशीनें सुधरवाने के लिए मेडिकल कॉलेज के पास बजट नहीं है। इस वजह से दो महीने बीतने के बाद भी दोनों मशीनें ठीक नहीं हो पाई हैं। मरीजों की इस समस्या को लगातार अमर उजाला उठा रहा है। शनिवार को विकास भवन में पत्रकार वार्ता के दौरान जब ये मामला प्रभारी मंत्री के सामने आया तो उन्होंने कॉलेज का निरीक्षण करने की बात कही। कुछ देर बाद प्रभारी मंत्री मेडिकल कॉलेज पहुंच गईं। उन्होंने इमरजेंसी में भर्ती मरीजों से पूछताछ की। इसके बाद रेडियोलॉजी विभाग पहुंचकर खराब पड़ी सीटी स्कैन, एमआरआई मशीन को देखा। मंत्री ने मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों से पूछा कि इतने समय में मशीन ठीक क्यों नहीं हो पाई है? प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने उन्हें बताया कि यहां पर नई सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन की जरूरत है। इस पर मंत्री ने कॉलेज प्रशासन की तरफ से शासन को लिखे गए पत्र प्राचार्य से उन्हें उपलब्ध कराने के लिए कहा। बोलीं कि वह इस मामले में शासन स्तर पर बात करेंगी।
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निजी सेंटर करेगा सरकारी दरों पर एमआरआई
झांसी। प्रभारी मंत्री को प्राचार्य ने बताया कि एमआरआई जांच के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कराई जा रही है। एक निजी सेंटर से बात की गई है। सेंटर मेडिकल कॉलेज की सरकारी दरों पर मरीजों की एमआरआई जांच करने के लिए तैयार हो गया है। ब्यूरो
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