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मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन बंद होने से हजारों श्रद्धालु अमावस्या पर नहीं जा पा रहे चित्रकूट
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झांसी। कोरोना काल में चित्रकूट के लिए मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन न होने से बुंदेलखंड के हजारों श्रद्धालु भगवान कामतानाथ की परिक्रमा नहीं कर पा रहे हैं। वैसे इन दिनों में प्रतिदिन पांच हजार से अधिक श्रद्धालु सफर करते थे, जिनसे रेलवे को लाखों रुपये का राजस्व अर्जित होता था।
बुंदेलखंड के चित्रकूट स्थित भगवान कामतानाथ की परिक्रमा का मथुरा वृंदावन की तरह बेहद महत्व है। यहां पर हर महीने अमावस्या पर लगने वाले मेले के अवसर पर बुंदेलखंड के हजारों श्रद्धालु भगवान के दर्शन व परिक्रमा करने के लिए जाते हैं। रेलवे श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेले के अवसर पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन करता है। यहां तक जाने के लिए ट्रेन का सफर सुगम है। किराया भी बसों की तुलना में दस फीसदी ही लगता है। सुरक्षित व समय की बचत होती है। हर बार स्पेशल ट्रेनों में बैठकर बीस हजार से अधिक श्रद्धालु सफर करते हैं। मगर कोरोना काल में रेलवे ने मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन पिछले दस महीने से बंद कर रखा है। हालांकि, अभी एक पैसेंजर ट्रेन को स्पेशल बनाकर चलाया जा रहा है, लेकिन इस ट्रेन में सिर्फ कंफर्म टिकट वाले यात्री ही सफर कर सकते हैं। ट्रेनें न चलने से श्रद्धालु निराश हैं।
इन स्टेशनों से चढ़ते हैं श्रद्धालु
झांसी के साथ ही ओरछा, बरुआसागर, निवाड़ी, मगरपुर, टेहरका, रानीपुर रोड, मऊरानीपुर, रोरा, हरपालपुर, घुटई, बेलाताल, कुलपहाड़, चरखारी रोड, महोबा, बरीपुरा, कबरई, मुटौंध, खैरार स्टेशनों से श्रद्धालु सवार होते हैं।
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बुंदेलखंड के चित्रकूट स्थित भगवान कामतानाथ की परिक्रमा का मथुरा वृंदावन की तरह बेहद महत्व है। यहां पर हर महीने अमावस्या पर लगने वाले मेले के अवसर पर बुंदेलखंड के हजारों श्रद्धालु भगवान के दर्शन व परिक्रमा करने के लिए जाते हैं। रेलवे श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेले के अवसर पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन करता है। यहां तक जाने के लिए ट्रेन का सफर सुगम है। किराया भी बसों की तुलना में दस फीसदी ही लगता है। सुरक्षित व समय की बचत होती है। हर बार स्पेशल ट्रेनों में बैठकर बीस हजार से अधिक श्रद्धालु सफर करते हैं। मगर कोरोना काल में रेलवे ने मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन पिछले दस महीने से बंद कर रखा है। हालांकि, अभी एक पैसेंजर ट्रेन को स्पेशल बनाकर चलाया जा रहा है, लेकिन इस ट्रेन में सिर्फ कंफर्म टिकट वाले यात्री ही सफर कर सकते हैं। ट्रेनें न चलने से श्रद्धालु निराश हैं।
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इन स्टेशनों से चढ़ते हैं श्रद्धालु
झांसी के साथ ही ओरछा, बरुआसागर, निवाड़ी, मगरपुर, टेहरका, रानीपुर रोड, मऊरानीपुर, रोरा, हरपालपुर, घुटई, बेलाताल, कुलपहाड़, चरखारी रोड, महोबा, बरीपुरा, कबरई, मुटौंध, खैरार स्टेशनों से श्रद्धालु सवार होते हैं।
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