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Jhansi News: मेडिकल कॉलेज में रैगिंग, जूनियर नाम नहीं बता पाया तो सीनियर ने पीट दिया
Tue, 04 Oct 2022 12:45 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 04 Oct 2022 12:45 AM IST
सार
ये घटना शुक्रवार देर रात की है। बताया गया कि 2019 बैच के सीनियर छात्र ने 2020 बैच के मॉनीटर को पेन ड्राइव देने के लिए हॉस्टल में बुलाया। मॉनीटर के साथ एक और छात्र था। इस दौरान एक सीनियर ने साथ आए छात्र से पूछा कि वह उसका नाम बताए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में इस साल रैगिंग का दूसरा मामला सामने आया है। नाम न बता पाने पर सीनियर ने जूनियर छात्र की पिटाई कर दी। पीड़ित ने मामले की शिकायत एंटी रैगिंग कमेटी से की। जांच में सीनियर छात्र दोषी पाया गया है।
ये घटना शुक्रवार देर रात की है। बताया गया कि 2019 बैच के सीनियर छात्र ने 2020 बैच के मॉनीटर को पेन ड्राइव देने के लिए हॉस्टल में बुलाया। मॉनीटर के साथ एक और छात्र था। इस दौरान एक सीनियर ने साथ आए छात्र से पूछा कि वह उसका नाम बताए। कॉलेज अधिकारियों के मुताबिक जब जूनियर नाम नहीं बता पाया तो सीनियर ने उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद पीड़ित छात्र ने मामले की शिकायत एंटी रैगिंग कमेटी से की।
हालांकि, फिर उसने कमेटी को दूसरा पत्र देकर कहा कि हॉस्टल में पहुंचने पर वो सिर नीचे किए था, ऐसे में वो देख नहीं पाया कि किसने उसके साथ मारपीट की। तीसरा प्रार्थनापत्र देकर कहा कि वह तनाव में आ गया है, इसलिए अपनी शिकायत को वापस ले रहा है। कमेटी को लगा कि पीड़ित सीनियर्स के दबाव में शिकायत वापस ले रहा है। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक हुई। जांच के दौरान आरोपी दो सीनियर छात्रों में से एक ने बता दिया कि किसने जूनियर की पिटाई की है। इससे पहले भी जूनियर छात्रों की पिटाई में सीनियर्स इसी साल दोषी मिल चुके हैं।
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हॉस्टल, कोर्स से निष्कासन से लेकर दंड तक का प्रावधान
बताया गया कि रैगिंग की पुष्टि होने पर हॉस्टल, कोर्स से निष्कासन से लेकर दोषी छात्र पर एक लाख रुपये तक का दंड लगाया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि कमेटी के बीच हॉस्टल से निष्कासन और अर्थदंड लगाने की सहमति बन गई है।
एमबीबीएस 2019 बैच के जूनियर छात्र द्वारा 2020 बैच के छात्र की हॉस्टल में पिटाई करने की पुष्टि हो गई है। अगली बैठक में दंड की घोषणा कर दी जाएगी। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।
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ये घटना शुक्रवार देर रात की है। बताया गया कि 2019 बैच के सीनियर छात्र ने 2020 बैच के मॉनीटर को पेन ड्राइव देने के लिए हॉस्टल में बुलाया। मॉनीटर के साथ एक और छात्र था। इस दौरान एक सीनियर ने साथ आए छात्र से पूछा कि वह उसका नाम बताए। कॉलेज अधिकारियों के मुताबिक जब जूनियर नाम नहीं बता पाया तो सीनियर ने उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद पीड़ित छात्र ने मामले की शिकायत एंटी रैगिंग कमेटी से की।
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हालांकि, फिर उसने कमेटी को दूसरा पत्र देकर कहा कि हॉस्टल में पहुंचने पर वो सिर नीचे किए था, ऐसे में वो देख नहीं पाया कि किसने उसके साथ मारपीट की। तीसरा प्रार्थनापत्र देकर कहा कि वह तनाव में आ गया है, इसलिए अपनी शिकायत को वापस ले रहा है। कमेटी को लगा कि पीड़ित सीनियर्स के दबाव में शिकायत वापस ले रहा है। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक हुई। जांच के दौरान आरोपी दो सीनियर छात्रों में से एक ने बता दिया कि किसने जूनियर की पिटाई की है। इससे पहले भी जूनियर छात्रों की पिटाई में सीनियर्स इसी साल दोषी मिल चुके हैं।
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हॉस्टल, कोर्स से निष्कासन से लेकर दंड तक का प्रावधान
बताया गया कि रैगिंग की पुष्टि होने पर हॉस्टल, कोर्स से निष्कासन से लेकर दोषी छात्र पर एक लाख रुपये तक का दंड लगाया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि कमेटी के बीच हॉस्टल से निष्कासन और अर्थदंड लगाने की सहमति बन गई है।
एमबीबीएस 2019 बैच के जूनियर छात्र द्वारा 2020 बैच के छात्र की हॉस्टल में पिटाई करने की पुष्टि हो गई है। अगली बैठक में दंड की घोषणा कर दी जाएगी। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।