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शताब्दी एक्सप्रेस में कोच कंडक्टर से हाथापाई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 May 2017 01:21 AM IST
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train
- फोटो : train
शताब्दी एक्सप्रेस में टिकट मांगने पर एक वीआईपी के दो गनरों ने कोच कंडक्टर आरएस चटर्जी के साथ हाथापाई कर दी। घटना से आक्रोशित कोच के यात्रियों ने ग्वालियर स्टेशन पर चेन पुलिंग कर दी। बाद में वीआईपी और उनके दो गनर को जीआरपी ग्वालियर के सुपुर्द कर दिया गया।
बृहस्पतिवार की रात हबीबगंज से दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस के सी-3 कोच को झांसी से ट्रेन चलने के बाद काली बाड़ी अंदर सैयर गेट निवासी कोच कंडक्टर आरएस चटर्जी चेक कर रहे थे। ट्रेन के एक्जीक्यूटिव कोच में सवार एक वीआईपी के दो गनर भी सी- 3 कोच की सीट नंबर 44 और 49 पर बैठे थे। कोच कंडक्टर ने उनसे टिकट पूछा तो वे भड़क गए। टीटीई ने एतराज जताया तो गनरों ने उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी। इससे कोच में हंगामे की स्थिति बन गई। खबर लगने पर वीआईपी भी आ गए और वे भी रुआब दिखाने लगे। यह सब देख कोच में बैठे अन्य यात्री टीटीई के पक्ष में आ गए और उन्होंने वीआईपी और उनके गनरों का विरोध शुरू कर दिया। स्थिति भांप तीनों ने खुद को शांत कर लिया। लेकिन, ट्रेन के ग्वालियर पहुंचने पर कोच के यात्रियों ने चेन पुलिंग कर दी और टीटीई के हमलावरों को उतारने की जिद पर अड़ गए। बाद में शताब्दी एक्सप्रेस में तैनात आरपीएफ स्क्वॉयड की सूचना पर जीआरपी मौके पर पहुंच गई। कोच कंडक्टर की लिखित शिकायत पर जीआरपी ने वीआईपी व उनके दोनों गनरों को अपने कब्जे में ले लिया, तब कहीं जाकर ट्रेन आगे के लिए रवाना हो सकी।
इस मामले में आरपीएफ कमांडेंट आशीष मिश्रा ने बताया कि हाथापाई करने वाले यात्रियों को जीआरपी ग्वालियर को सौंप दिया गया है। कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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बृहस्पतिवार की रात हबीबगंज से दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस के सी-3 कोच को झांसी से ट्रेन चलने के बाद काली बाड़ी अंदर सैयर गेट निवासी कोच कंडक्टर आरएस चटर्जी चेक कर रहे थे। ट्रेन के एक्जीक्यूटिव कोच में सवार एक वीआईपी के दो गनर भी सी- 3 कोच की सीट नंबर 44 और 49 पर बैठे थे। कोच कंडक्टर ने उनसे टिकट पूछा तो वे भड़क गए। टीटीई ने एतराज जताया तो गनरों ने उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी। इससे कोच में हंगामे की स्थिति बन गई। खबर लगने पर वीआईपी भी आ गए और वे भी रुआब दिखाने लगे। यह सब देख कोच में बैठे अन्य यात्री टीटीई के पक्ष में आ गए और उन्होंने वीआईपी और उनके गनरों का विरोध शुरू कर दिया। स्थिति भांप तीनों ने खुद को शांत कर लिया। लेकिन, ट्रेन के ग्वालियर पहुंचने पर कोच के यात्रियों ने चेन पुलिंग कर दी और टीटीई के हमलावरों को उतारने की जिद पर अड़ गए। बाद में शताब्दी एक्सप्रेस में तैनात आरपीएफ स्क्वॉयड की सूचना पर जीआरपी मौके पर पहुंच गई। कोच कंडक्टर की लिखित शिकायत पर जीआरपी ने वीआईपी व उनके दोनों गनरों को अपने कब्जे में ले लिया, तब कहीं जाकर ट्रेन आगे के लिए रवाना हो सकी।
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इस मामले में आरपीएफ कमांडेंट आशीष मिश्रा ने बताया कि हाथापाई करने वाले यात्रियों को जीआरपी ग्वालियर को सौंप दिया गया है। कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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