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भारत में कोलंबस लाए थे मक्का
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 09 Apr 2017 12:35 AM IST
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- फोटो : demo
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान संस्थान के शैक्षणिक समन्वयक डा. बी गंगवार ने कहा कि दुनिया के साठ फीसदी लोगों का भोजन धान, मक्का और गेहूं है। मक्के की उत्पत्ति मैक्सिको में हुई थी, जिसे कोलंबस पुर्तगाल से भारत लाए थे। अब मक्का पूरी दुनिया में फैल गया है।
कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने कहा कि सभी शिक्षकों को शिक्षण कार्य के अलावा शोध कार्य भी करने अनिवार्य हैं। मक्का परियोजना की मुख्य अन्वेषक डा. विनीता देवी ने कहा कि मक्का गरीबों की फसल है। देश में इसकी खेत रबी, खरीफ और ग्रीष्म ऋतु में होती है, लेकिन बुंदेलखंड में मक्का की खेती केवल खरीफ के मौसम में होती है।
वर्षा ऋतु में पौधों को कम प्रकाश मिलता है, जिससे मक्का बहुत कम पैदा होता है। इसलिए इस क्षेत्र में विंटर मेज (रबी मक्का) की उन्नत किस्म के विकास को ध्यान में रखकर कृषि विज्ञान संस्थान में मक्का की किस्मों पर अनुसंधान हो रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि संकर किस्म निर्मल-707 (सफेद दाना) सुरभि गोल्ड (पीला दाना) की अधिक उपज होने की संभावना है।
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उन्होंने कहा कि अगले रबी फसल के सीजन में बिहार, उप्र, पंजाब, गुजरात की विभिन्न किस्मों का परीक्षण होगा, जिससे मक्का की अच्छी प्रजाति बुंदेलखंड के लिए विकसित की जा सकेगी।
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कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने कहा कि सभी शिक्षकों को शिक्षण कार्य के अलावा शोध कार्य भी करने अनिवार्य हैं। मक्का परियोजना की मुख्य अन्वेषक डा. विनीता देवी ने कहा कि मक्का गरीबों की फसल है। देश में इसकी खेत रबी, खरीफ और ग्रीष्म ऋतु में होती है, लेकिन बुंदेलखंड में मक्का की खेती केवल खरीफ के मौसम में होती है।
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वर्षा ऋतु में पौधों को कम प्रकाश मिलता है, जिससे मक्का बहुत कम पैदा होता है। इसलिए इस क्षेत्र में विंटर मेज (रबी मक्का) की उन्नत किस्म के विकास को ध्यान में रखकर कृषि विज्ञान संस्थान में मक्का की किस्मों पर अनुसंधान हो रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि संकर किस्म निर्मल-707 (सफेद दाना) सुरभि गोल्ड (पीला दाना) की अधिक उपज होने की संभावना है।
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उन्होंने कहा कि अगले रबी फसल के सीजन में बिहार, उप्र, पंजाब, गुजरात की विभिन्न किस्मों का परीक्षण होगा, जिससे मक्का की अच्छी प्रजाति बुंदेलखंड के लिए विकसित की जा सकेगी।