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सफाई व्यवस्था ध्वस्त, ग्रामीणों को खुद साफ करनी पड़ रहीं नालियां
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मड़ावरा में स्वयं फावड़े से सफाई करता ग्रामीण
- फोटो : LALITPUR
मड़ावरा/ललितपुर। तहसील मुख्यालय का दर्जा प्राप्त ग्राम पंचायत मड़ावरा में ही सफाई का बुरा हाल है। जगह-जगह रास्ते में कचरा फैला है। नालियां भी सफाई के अभाव में बजबजा रही हैं। जिस कारण लोगों को खुद ही सफाई के लिए झाड़ू व फावड़ा उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा पेयजल की भी समस्या बनी हुई है।
कस्बे के लोग खुद को छला सा महसूस कर रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई का ढिढोरा पीटा जा रहा है लेकिन हकीकत में ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था चौपट है। न तो ठीक से सफाई हो रही है और न ही नालियों की निकासी। इससे लोगों को अपने आसपास खुद ही सफाई करनी पड़ रही है। वन विभाग रेस्ट हाउस के आसपास, कब्रिस्तान और मरघट के पास कचरा फैला पड़ा है। वहीं, ग्राम पंचायत द्वारा बनवाई गई कचरा ट्रालियां भी खड़ी हैं।
ग्राम के कन्हई कुशवाहा का कहना है कि शौचालय के अभाव में शौच के लिए परिजनों को बाहर जाना पड़ता है। शौचालय बनवाने के लिए कई बार कागज दिए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, जबकि नेताओं के चहेते कई परिवार ऐसे हैं जिनके यहां दो-दो शौचालय बनवा दिए गए।
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कस्बे के लोग खुद को छला सा महसूस कर रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत सफाई का ढिढोरा पीटा जा रहा है लेकिन हकीकत में ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था चौपट है। न तो ठीक से सफाई हो रही है और न ही नालियों की निकासी। इससे लोगों को अपने आसपास खुद ही सफाई करनी पड़ रही है। वन विभाग रेस्ट हाउस के आसपास, कब्रिस्तान और मरघट के पास कचरा फैला पड़ा है। वहीं, ग्राम पंचायत द्वारा बनवाई गई कचरा ट्रालियां भी खड़ी हैं।
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ग्राम के कन्हई कुशवाहा का कहना है कि शौचालय के अभाव में शौच के लिए परिजनों को बाहर जाना पड़ता है। शौचालय बनवाने के लिए कई बार कागज दिए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, जबकि नेताओं के चहेते कई परिवार ऐसे हैं जिनके यहां दो-दो शौचालय बनवा दिए गए।
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