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डिजिटल लाइट एंड साउंड शो को अनुमति का इंतजार
Fri, 01 Feb 2019 01:48 AM IST
देवेंद्र कुमार
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Fri, 01 Feb 2019 01:48 AM IST
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- फोटो : demo
किले में महारानी लक्ष्मीबाई की गौरवगाथा पर आधारित लाइट एंड साउंड शो का पिछले एक दशक से आयोजन हो रहा है। झांसी विकास प्राधिकरण ने इसे डिजिटल बनाने की योजना बनाई थी। इस पर चार करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी थी। लेकिन, पुरातत्व विभाग की अनुमति न मिलने की वजह से ये योजना अधर में लटकी हुई है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए झांसी विकास प्राधिकरण ने नवंबर 2008 में किले में लाइट एंड साउंड शो की शुरुआत की थी। इसमें अभिनेत्री सुष्मिता सेन और अभिनेता ओमपुरी की आवाज में 1857 के गदर की कहानी व्यक्त की जाती है। शो पुराना होने की वजह से इसके प्रति पर्यटकों का आकर्षण कम हो गया था। इसे दुबारा से लोकप्रिय बनाने के लिए जेडीए ने डिजिटल लाइट एंड साउंड शुरू करने की योजना बनाई थी। इस पर चार करोड़ रुपये तक खर्च करने की तैयारी थी। टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी। शो के नये संस्करण की अनुमति केंद्रीय पुरातत्व विभाग से मांगी गई थी। पिछले छह माह से जेडीए लगातार पुरातत्व विभाग से पत्राचार करता चला आ रहा है। लेकिन, अब तक अनुमति नहीं मिल पाई है। ऐसे में झांसी विकास प्राधिकरण का भी उत्साह ठंडा होता जा रहा है।
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पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए झांसी विकास प्राधिकरण ने नवंबर 2008 में किले में लाइट एंड साउंड शो की शुरुआत की थी। इसमें अभिनेत्री सुष्मिता सेन और अभिनेता ओमपुरी की आवाज में 1857 के गदर की कहानी व्यक्त की जाती है। शो पुराना होने की वजह से इसके प्रति पर्यटकों का आकर्षण कम हो गया था। इसे दुबारा से लोकप्रिय बनाने के लिए जेडीए ने डिजिटल लाइट एंड साउंड शुरू करने की योजना बनाई थी। इस पर चार करोड़ रुपये तक खर्च करने की तैयारी थी। टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी। शो के नये संस्करण की अनुमति केंद्रीय पुरातत्व विभाग से मांगी गई थी। पिछले छह माह से जेडीए लगातार पुरातत्व विभाग से पत्राचार करता चला आ रहा है। लेकिन, अब तक अनुमति नहीं मिल पाई है। ऐसे में झांसी विकास प्राधिकरण का भी उत्साह ठंडा होता जा रहा है।
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