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पराली जलाने पर निरस्त होंगे शस्त्र लाइसेंस, होगी सख्त कार्रवाई
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झांसी। विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने पराली/फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर बैठक की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यदि पराली और फसल अवशेष को खेत में आग लगायी जाती है, तो शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया जायेगा। साथ ही कठोर कार्यवाही भी की जायेगी।
डीएम ने उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में पराली प्रबंधन के लिए अभी से योजना बना लें। नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों के साथ बैठक करते हुये खेत में आग नहीं लगाने की जानकारी दें और लोगों को भी जागरुक करें। खंड विकास अधिकारी निगरानी समितियों के साथ बैठक करें और उन्हें जागरुक करें कि वह गांव में सतत दृष्टि बनाये रखें। गांव में उपयुक्त स्थान को चिन्हित करते हुये भूसा बैंक स्थापित की जाए, ताकि उसे एनटीपीसी को बेचा जा सके। एनटीपीसी को भूसा बेचे जाने से प्राप्त धनराशि ग्राम निधि में जमा होगी। जिससे ग्राम के विकास कार्य कराए जा सकेंगे। बीडीओ को निर्देश दिए गए कि मनरेगा से प्रत्येक गांव में दो-दो गड्ढे तैयार किये जाये। जिसमें पराली और कृषि अवशेष डाल कर उससे खाद बनाये जाने की जानकारी दी जाए। इस मौके पर सीडीओ शैलेष कुमार, एडीएम राम अक्षयवर चौहान, एडीएम संजय कुमार पांडेय, नगर मजिस्ट्रेट सलिल पटेल, डीएफ ओ वीके मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी केके सिंह, सीवीओ डॉ. वाई एस तोमर समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
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डीएम ने उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में पराली प्रबंधन के लिए अभी से योजना बना लें। नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों के साथ बैठक करते हुये खेत में आग नहीं लगाने की जानकारी दें और लोगों को भी जागरुक करें। खंड विकास अधिकारी निगरानी समितियों के साथ बैठक करें और उन्हें जागरुक करें कि वह गांव में सतत दृष्टि बनाये रखें। गांव में उपयुक्त स्थान को चिन्हित करते हुये भूसा बैंक स्थापित की जाए, ताकि उसे एनटीपीसी को बेचा जा सके। एनटीपीसी को भूसा बेचे जाने से प्राप्त धनराशि ग्राम निधि में जमा होगी। जिससे ग्राम के विकास कार्य कराए जा सकेंगे। बीडीओ को निर्देश दिए गए कि मनरेगा से प्रत्येक गांव में दो-दो गड्ढे तैयार किये जाये। जिसमें पराली और कृषि अवशेष डाल कर उससे खाद बनाये जाने की जानकारी दी जाए। इस मौके पर सीडीओ शैलेष कुमार, एडीएम राम अक्षयवर चौहान, एडीएम संजय कुमार पांडेय, नगर मजिस्ट्रेट सलिल पटेल, डीएफ ओ वीके मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी केके सिंह, सीवीओ डॉ. वाई एस तोमर समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
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