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आन लाइन होंगी 66 पुस्तकालयों की किताबें

Thu, 21 Apr 2016 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 21 Apr 2016 01:22 AM IST
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liberary will be online
books, jhansi hindi news - फोटो : demo
झांसी। उत्तर प्रदेश के 66 सक्रिय जिला पुस्तकालयों में उपलब्ध पुस्तकें  जल्द ही आन लाइन होंगी। इसके लिए एनआईसी ने ई ग्रंथालय साफ्टवेयर तैयार किया है, जिसकी वेबसाइट पर यह पुस्तकें अपलोड करने का काम चल रही है। इसी क्रम में जिला पुस्तकालय ने भी लगभग 500 पुस्तकें  अपलोड करवा दी हैं।   
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उल्लेखनीय है विद्यार्थियों, शोध कर्ताओं एवं पुस्तक प्रेमियों को आमतौर पर विषय विशेष की पुस्तकें पढ़ने के लिए परेशान होना पड़ता है, उनके संबंधित जिले की लाइब्रेरी में पुस्तक उपलब्ध न होने पर पाठकों को अन्य जिलों की लाइब्रेरियों की ओर रुख करना पड़ता है। ऐसे में पाठक के समक्ष अक्सर कई दिक्कतें पेश आती रहती हैं।
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इन्हीं परेशानियों को दृष्टिगत रख नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाजी ने ई ग्रंथालय नामक साफ्टवेयर तैयार किया है, इसके तहत यूपी की सभी जिला लाइब्रेरियों को जोड़ कर और संयुक्त कैटलाक बनाया है, ताकि एक लाइब्रेरी की पुस्तक दूसरे जिले में बैठा पाठक आराम से नेट ई ग्रंथालय वेबसाइट पर पढ़ सके । हालांकि, इस सुविधा का नि:शुल्क लाभ वही उठा सकते हैं, जो जिला पुस्तकालयों के सदस्य होंगे। क्योंकि, वेबसाइट के  पासवर्ड की जानकारी सदस्यों को ही दी जाएगी।
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विद्युत कटौती बनी परेशानी
पुस्तकों कीअपलोड प्रक्रिया में इन दिनों विद्युत कटौती एवं नेट कनेक्टिविटी का व्यवधान परेशानी का सबब बना हुआ है। विभाग के अनुसार अगर यह सुचारु रूप से चलती तो अभी तक हजारों पुस्तके अपलोड हो जातीं।

दुर्लभ पुस्तकों की प्रदर्शनी लगेगी लाइब्रेेरी मेें
पुस्तक दिवस के अवसर पर 23 अप्रैल को कचहरी चौराहा के समीप शिक्षा भवन परिसर में स्थित जिला पुस्तकालय में उपलब्ध दुर्लभ पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जो एक दिवसीय होगी। यह जानकारी जिला पुस्तकालय अध्यक्ष मधुलिका खरे ने दी है।


45 हजार पुस्तकों व पांडुलिपियों का संग्रह
वर्ष 1959 में स्थापित जिला लाइब्रेरी में लगभग 45 हजार पुस्तकाें एवं पांडुलिपियों का संग्रह है, जिसमें बुंदेलखंड साहित्य, संस्कृति, इतिहास से जुड़ी सैकड़ों पुस्तकें हैं, इनके अध्ययन के लिए देश के कई हिस्सों से शोधार्थी समय - समय पर आते रहते हैं। वर्तमान में जिला पुस्तकालय के 50 अजीवन एवं 2573 साधारण सदस्य हैं। वहीं, सदस्यता के लिए सुरक्षित शुल्क बतौर 500 रुपया लिया जाता है, जो सदस्यता समाप्त होते ही वापस कर दिया जाता है। 
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