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‘कुबेर’ संभालेगा सरकारी खजाना
amarujala
Updated Wed, 11 Jul 2018 02:11 AM IST
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rupay, jhansi news
- फोटो : demo
ई-कुबेर के जरिये चंद मिनटों में विभागों को प्रदेश सरकार से विकास और निर्माण सहित अन्य कार्यों के लिए मिलने वाली धनराशि अब सीधे खाते में पहुंचेगी। इससे कार्यों में तेजी आने के साथ विभागों के झंझट कम हो जाएंगे। आज से 17 मंडल के 20 कोषागारों में यह व्यवस्था की जा रही है, जिसमें झांसी भी शामिल है।
बुधवार से लागू होने वाली इस नई व्यवस्था के तहत कोषागार के अधिकारी अब आरबीआई के पोर्टल पर काम करेंगे। आरबीआई के पोर्टल में डीडीओ पोर्टल होगा जिस पर काम करना होगा। डीडीओ पोर्टल के माध्यम से ही समस्त विभागों के राजकीय लेनदेन की प्रक्रिया होगी। कानपुर में एक साल के पायलट प्रोजेक्ट के बाद 17 मंडल और चार कोषागार में यह व्यवस्था शुरू हो रही है। मंडलों में नई व्यवस्था को शुरू करने से पहले 13 जून को जिले के अधिकारियों को ट्रेनिंग दी गई।
97 विभागों का भार
कोषागार में राज्य सरकार के अधीन 97 विभागों का लेनदेन रोजाना होता है। कागजी कार्रवाई से लेकर ट्रांसफर प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था। इसमें न कागजों को लेकर दौड़ना होगा और न ही इंतजार करना होगा। एक क्लिक पर चंद मिनटों में प्रदेश सरकार से विभागों को मिलने वाली धनराशि उनके खाते में पहुंचेगी।
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बुधवार से लागू होने वाली इस नई व्यवस्था के तहत कोषागार के अधिकारी अब आरबीआई के पोर्टल पर काम करेंगे। आरबीआई के पोर्टल में डीडीओ पोर्टल होगा जिस पर काम करना होगा। डीडीओ पोर्टल के माध्यम से ही समस्त विभागों के राजकीय लेनदेन की प्रक्रिया होगी। कानपुर में एक साल के पायलट प्रोजेक्ट के बाद 17 मंडल और चार कोषागार में यह व्यवस्था शुरू हो रही है। मंडलों में नई व्यवस्था को शुरू करने से पहले 13 जून को जिले के अधिकारियों को ट्रेनिंग दी गई।
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97 विभागों का भार
कोषागार में राज्य सरकार के अधीन 97 विभागों का लेनदेन रोजाना होता है। कागजी कार्रवाई से लेकर ट्रांसफर प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था। इसमें न कागजों को लेकर दौड़ना होगा और न ही इंतजार करना होगा। एक क्लिक पर चंद मिनटों में प्रदेश सरकार से विभागों को मिलने वाली धनराशि उनके खाते में पहुंचेगी।
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