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पानी बंटवारे में फंसा केन-बेतवा प्रोजेक्ट
amarujala
Updated Tue, 15 Aug 2017 12:42 AM IST
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river jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी।
केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने कहा कि केन-बेतवा गठजोड़ परियोजना तैयार है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच पानी के बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बन पाने के कारण इसका शुभारंभ नहीं हो पा रहा है। बुंदेलखंड के हित के लिए दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बैठकर मसले को सुलझा लेना चाहिए।
विकास भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि केन-बेतवा परियोजना शुरू करने की पूरी तैयारी है। पर्यावरण विभाग की मंजूरी मिल गई है। दोनों राज्यों के पानी के बंटवारे की समस्या पर केंद्र दखल नहीं कर सकता है। इसके लिए मुख्यमंत्रियों को ही समाधान निकालना पड़ेगा। उन्होंने गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज की घटना को दुखद बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री इंसेफेलाइटस की रोकथाम के लिए बहुत पहले से प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने संसद में कई बार मुद्दा उठाया। घटना की जांच हो रही है और जो भी दोषी होंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी।
झांसी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का प्रजेंटेशन देखने के बाद उन्होंने कहा कि यह बहुत बढ़िया है। इस पर काम शुरू हो जाएगा तो बेहतर परिणाम आएंगे। बुंदेलखंड और आसपास के पर्यटन स्थलों को जोड़ने का सर्किट बनाना उन्होंने अपना सपना बताया। इस योजना पर काम जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए हैं कि एक सप्ताह में स्वास्थ्य सेवाओं की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लें, ताकि किसी मरीज को किसी तरह की परेशानी न हो।
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केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने कहा कि केन-बेतवा गठजोड़ परियोजना तैयार है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच पानी के बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बन पाने के कारण इसका शुभारंभ नहीं हो पा रहा है। बुंदेलखंड के हित के लिए दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बैठकर मसले को सुलझा लेना चाहिए।
विकास भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि केन-बेतवा परियोजना शुरू करने की पूरी तैयारी है। पर्यावरण विभाग की मंजूरी मिल गई है। दोनों राज्यों के पानी के बंटवारे की समस्या पर केंद्र दखल नहीं कर सकता है। इसके लिए मुख्यमंत्रियों को ही समाधान निकालना पड़ेगा। उन्होंने गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज की घटना को दुखद बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री इंसेफेलाइटस की रोकथाम के लिए बहुत पहले से प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने संसद में कई बार मुद्दा उठाया। घटना की जांच हो रही है और जो भी दोषी होंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी।
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झांसी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का प्रजेंटेशन देखने के बाद उन्होंने कहा कि यह बहुत बढ़िया है। इस पर काम शुरू हो जाएगा तो बेहतर परिणाम आएंगे। बुंदेलखंड और आसपास के पर्यटन स्थलों को जोड़ने का सर्किट बनाना उन्होंने अपना सपना बताया। इस योजना पर काम जल्द शुरू किया जाएगा। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए हैं कि एक सप्ताह में स्वास्थ्य सेवाओं की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लें, ताकि किसी मरीज को किसी तरह की परेशानी न हो।
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