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19 बरस कागजों में कैद रही केन-बेतवा लिंक परियोजना जमीन में उतरने को तैयार

Sun, 08 Aug 2021 01:45 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 08 Aug 2021 01:45 AM IST
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Ken-Betwa link project, which has been imprisoned in papers for 19 years, is ready to hit the ground
19 सालों से कागजों में कैद रही केन-बेतवा लिंक परियोजना जमीन पर उतरने को तैयार
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- अक्तूबर माह में शिलान्यास की तैयारी, सर्वे को अंतिम रूप देने में जुटा सिंचाई विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड की महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना आखिरकार 19 सालों के बाद जमीन पर उतरने जा रही है। अक्तूबर माह में पेयजल परियोजना के शिलान्यास की तैयारी है। सिंचाई विभाग जोर-शोर से इसकी तैयारियों में जुटा है। पिछले दिनों दिल्ली से आई विशेषज्ञ टीम भी स्थानीय अभियंताओं के साथ सर्वे में जुटी है।
आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार एक्शन मोड़ में है। महत्वपूर्ण परियोजनाओं को किसी भी कीमत पर आरंभ कर देने के निर्देश भी शासन स्तर से अफसरों को दिए गए हैं। इसके चलते 19 साल से कागजों में अटकी केन-बेतवा लिंक परियोजना के जमीन में उतरने का रास्ता साफ हो गया। यह परियोजना लंबे समय तक राजनीतिक विवादों के चलते अटकी रही। 10 मार्च 2021 को केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच सहमति बन सकी। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए इन दिनों सर्वे समेत अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। दिल्ली की विशेषज्ञ एजेंसी की भी मदद ली जा रही है। सिंचाई विभाग अक्तूबर माह से इसका निर्माण कार्य आरंभ कराने की तैयारी में है।
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लिंक परियोजना के माध्यम से मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के पांच जिलों की कुल 6,35,661 हेक्टेयर भूमि सिंचित होनी है। परियोजना के मुताबिक उप्र के बांदा व मप्र के छतरपुर जिले की सीमा पर बोधन गांव के निकट गंगोई बांध से केन नदी को तीस मीटर चौड़ी कंक्रीटनहर बनाकर आगे ले जाना है। धसान नदी पर एक टनल (सुरंग) बनाकर आगे बढ़ाया जाएगा। छतरपुर के हरपालपुर से होकर यूपी के मऊरानीपुर बार्डर से मध्य प्रदेश के जतारा तहसील के गांवों से होकर इस नहर को बरुआसागर बांध के ऊपर से होते हुए ओरछा के निचले हिस्से में स्थित नोट घाट पुल में मिला दिया जाएगा। नहर का पूरा डूब व प्रभावित क्षेत्र मध्यप्रदेश में है। अधीक्षण अभियंता शीलवंत उपाध्याय के मुताबिक परियोजना के लिए काम तेजी से किया जा रहा है। जल्द ही शिलान्यास कराकर काम आगे बढ़ाया जाएगा।
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इनसेट
बुंदेलखंड में 2.51 लाख हेक्टेयर जमीन होगी सिंचित, पीने का भी मिलेगा पानी
झांसी। केन-बेतवा लिंक परियोजना से बुंदेलखंड की कुल करीब 2.51 लाख हेक्टेयर जमीन सिंचित हो सकेगी। परियोजना से झांसी, ललितपुर, महोबा एवं हमीरपुर में 21 लाख जनसंख्या को 67 मिलियन क्यूबिक मीटर पीने का पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसकी मदद से झांसी का 17488 हेक्टयर कृषि रकबा एवं ललितपुर में 3533 हेक्टेयर रकबा सिंचित हो सकेगा। लिंक परियोजना का सबसे बड़ा फायदा झांसी के सभी नहरों एवं तालाबों के हमेशा भरे रहने के तौर पर मिलेगा। सपरार, खपरार, लखेरी जैसे बांध भी आसानी से भरे जा सकेंगे। अभियंताओं के मुताबिक बरियापुर पिकप वीयर, पारीछा, वीयर, बरुआसागर में बांध निर्माण एवं पुर्नस्थापना का कार्य होगा। झांसी को प्रेशराइज्ड पाइप सिस्टम एवं माइक्रो-इरीगेशन सिस्टम का फायदा मिलेगा। हमीरपुर स्थित मौदहा बांध को बेतवा लिंक नहर से जोड़कर बांध भरा जाएगा।
इनसेट
परियोजना की मदद से सिंचित होने वाला रकबा
झांसी 17488 हेक्टेयर
ललितपुर 3533 हेक्टेयर
महोबा 37564 हेक्टेयर
बांदा 192479 हेक्टेयर
हमीरपुर 26900 हेक्टेयर
मिलने वाला पेयजल (एमसीएम में)
झांसी 14.66
ललितपुर 31.98
महोबा 20.13
हमीरपुर 2.79
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