फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Kasturba teacher all document cheaqing

कस्तूरबा विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की होगी जांच

Thu, 18 Jun 2020 12:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jun 2020 12:33 AM IST
विज्ञापन
Kasturba teacher all document cheaqing
शिक्षक - फोटो : ??????
झांसी। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की फर्जी नियुक्तियों को लेकर चल रही जांच प्रक्रिया ने तेजी पकड़ ली है। अब कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षिकाओं के मूल शैक्षिक अभिलेख विश्वविद्यालयों एवं संबंधित बोर्डों से सत्यापित कराए जाएंगे। वहीं, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने विभाग के राजकीय एवं अनुदानित कॉलेजों से जानकारी तलब की है कि उनके यहां आगरा विश्वविद्यालय के 2004 -05 सत्र के बीएड डिग्री धारी कितने शिक्षक कार्यरत है।
विज्ञापन

बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की फर्जी नियुक्तियों को लेकर मामला गहराया हुआ है। जांच के लिए प्रदेश स्तर पर टीम गठित की हुई है, जो प्रत्येक पहलू पर जांच कर रही है। विभागीय जानकारी के अनुसार शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन के साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि जो लोग पढ़ा रहे है, वह ही चयनित शिक्षक है कि नहीं। जिले में नौ कस्तूरबा विद्यालय है, जिनमें 113 पद भरे है। साथ ही शिक्षकों की बीएड डिग्री भी जांची जा रही है। गौरतलब है कि झांसी में छह शिक्षकों की बीएड की डिग्री फर्जी पाई गई थी। यह शिक्षक वर्ष 2005 के दौरान नियुक्त हुए थे। इनमें पांच का स्थानांतरण प्रदेश के अन्य जिलों में हो गया था। इनके बीएड की डिग्री आगरा विश्वविद्यालय की थी। जबकि एक शिक्षक जो कि बामौर में तैनात था, उसकी वर्ष 2019 में सेवा समाप्त कर दी गई थी। इसकी बीएड की डिग्री बीयू की बताई जा रही है। यह सभी शिक्षक एसटीएफ की जांच एवं शिकायतों पर पकडे़ गए थे। इधर बुधवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की लगभग सभी शिक्षक - शिक्षिकाओं ने अपने अभिलेख जमा करा दिए।
विज्ञापन

शिक्षकों व कर्मचारियों में है कौतूहल
बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों एवं शिक्षकों में कौतूहल इस बात को लेकर है कि किस वर्ष से नियुक्त शिक्षकों की जांच होगी। विभाग का कहना है कि सत्यापन की व्यवस्था वर्ष 2005 के बाद से शुरू हुई थी। अभी तक पकडे़ गए लगभग सभी मामले भी वर्ष 2005 के दौरान हुए नियुक्त शिक्षकों के है। वर्तमान में किसी शिक्षक के खिलाफ जांच नहीं चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हाजिरी पंजिका पर दर्ज होती है उपस्थिति
प्राइमरी एवं उच्च प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति हाजिरी पंजिका पर दर्ज होती है। वहीं, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में शिक्षक - शिक्षिकाओं की उपस्थिति वर्तमान में प्रेरणा एप के पोर्टल पर दर्ज हो रही है। इन्हें मोबाइल से सेल्फी लेकर एप में भेजनी पड़ती है। इन विद्यालयों में बायोमेट्रिक्स सत्यापन की भी व्यवस्था है। विभाग के अनुसार कस्तूरबा विद्यालयों में 85 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की जा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed