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जहरखुरानी का शिकार बने पिता-पुत्री
झांसी/ब्यूरो
Updated Thu, 18 Feb 2016 12:58 AM IST
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झांसी। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर पैसेंजर ट्रेन के इंतजार में बैठे एक पिता-पुत्री को बदमाश ने जहरीली चाय पिला दी। इससे दोनों अचेत हो गए। इस बीच बदमाश उनके बैग में रखी नकदी लेकर रफूचक्कर हो गया।
छतरपुर के अनौठा निवासी संतोष (45) दिल्ली में मजदूरी करता है। मंगलवार की रात वह किसी ट्रेन से अपनी पुत्री ज्योति (11) के साथ झांसी आया। सुबह महोबा की तरफ जाने वाली पैसेंजर के इंतजार में पिता-पुत्री मुख्य द्वार के सामने प्लेटफार्म एक पर स्थित एक चबूतरे पर बैठ गए।
इसी बीच उनके पास एक वृद्ध सा दिखने वाला व्यक्ति आया और उनसे बातचीत करने लगा। वृद्ध व्यक्ति ने कहा कि वह भी पैसेंजर का इंतजार कर रहा है। इसी बीच वृद्ध ने चाय खरीदी और पिता-पुत्री को भी आग्रह कर पीने के लिए दे दी। चाय पीते ही दोनों अचेत हो गए।
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सुबह जब अन्य लोगों ने दोनों को चबूतरे पर अचेत अवस्था में देखा तो डिप्टी एसएस (वाणिज्य) एसपी लाल को जानकारी दी। डिप्टी एसएस की सूचना पर आरपीएफ, जीआरपी व रेलवे चिकित्सक मौके पर पहुंच गए। पिता-पुत्री को उल्टियां कराई र्गइं। मगर वह पूरी तरह होश में नहीं आ सके। पास ही पीड़ित का खुला बैग रखा था।
हालांकि, इस दौरान उक्त पीड़ित नाम, पता के अलावा यही बता सका कि उसके बैग में मजदूरी के नौ हजार रुपये रखे थे, जो बैग से गायब हैं। सूचना पर करीब एक घंटे बाद आई 108 नंबर एंबुलेंस से दोनों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।
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छतरपुर के अनौठा निवासी संतोष (45) दिल्ली में मजदूरी करता है। मंगलवार की रात वह किसी ट्रेन से अपनी पुत्री ज्योति (11) के साथ झांसी आया। सुबह महोबा की तरफ जाने वाली पैसेंजर के इंतजार में पिता-पुत्री मुख्य द्वार के सामने प्लेटफार्म एक पर स्थित एक चबूतरे पर बैठ गए।
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इसी बीच उनके पास एक वृद्ध सा दिखने वाला व्यक्ति आया और उनसे बातचीत करने लगा। वृद्ध व्यक्ति ने कहा कि वह भी पैसेंजर का इंतजार कर रहा है। इसी बीच वृद्ध ने चाय खरीदी और पिता-पुत्री को भी आग्रह कर पीने के लिए दे दी। चाय पीते ही दोनों अचेत हो गए।
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सुबह जब अन्य लोगों ने दोनों को चबूतरे पर अचेत अवस्था में देखा तो डिप्टी एसएस (वाणिज्य) एसपी लाल को जानकारी दी। डिप्टी एसएस की सूचना पर आरपीएफ, जीआरपी व रेलवे चिकित्सक मौके पर पहुंच गए। पिता-पुत्री को उल्टियां कराई र्गइं। मगर वह पूरी तरह होश में नहीं आ सके। पास ही पीड़ित का खुला बैग रखा था।
हालांकि, इस दौरान उक्त पीड़ित नाम, पता के अलावा यही बता सका कि उसके बैग में मजदूरी के नौ हजार रुपये रखे थे, जो बैग से गायब हैं। सूचना पर करीब एक घंटे बाद आई 108 नंबर एंबुलेंस से दोनों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।