{"_id":"6a3a22454865ddb1a30a1b91","slug":"jhansi-water-utility-payment-noc-now-mandatory-for-property-mutation-applications-2026-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi: अब नामांतरण के आवेदन में लगानी होगी जलकल भुगतान की एनओसी, नगर निगम ने जारी किया आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi: अब नामांतरण के आवेदन में लगानी होगी जलकल भुगतान की एनओसी, नगर निगम ने जारी किया आदेश
Tue, 23 Jun 2026 11:36 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Tue, 23 Jun 2026 11:36 AM IST
सार
अब ऑनलाइन नामांतरण दर्ज करने से पहले जलकल भुगतान की अनापत्ति प्रमाणपत्र भी अपलोड करने होगा। इसके बाद ही ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण की होगी।
विज्ञापन
नगर निगम, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नगर निगम में नामांतरण कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन के दौरान जलकल भुगतान की एनओसी भी लगानी पड़ेगी। तभी ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी। ये व्यवस्था तत्काल लागू कर दी गई है।
अब तक भवनों के नामांतरण के लिए नगर निगम संपत्ति की कुल कीमत का एक प्रतिशत शुल्क वसूलता था। इस हिसाब से 15 लाख रुपये कीमत के भवन का नामांतरण कराने के लिए भवन स्वामी को 15 हजार रुपये चुकाने पड़ते थे। नई उपविधि लागू होने के बाद अब एक हजार से 10,000 रुपये में भवन नामांतरण करा सकेंगे। बैनामा में संपत्ति के मूल्य के हिसाब से दरों का निर्धारण किया गया है। नई उपविधि लागू करने की प्रक्रिया चलने के बाद नामांतरण के आवेदन आने बेहद कम हो गया थे। अब इसमें वृद्धि के आसार हैं।
इसी बीच नगर निगम ने आवेदन के दौरान एक शर्त जोड़ी है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि नगर निगम की वेबसाइट पर अपलोड किए जाने वाले प्रपत्रों में गृहकरदाताओं द्वारा जल संस्थान की ओर से जारी जलकल के भुगतान की रसीद संलग्न नहीं की जाती है, जिससे जल संस्थान को जलकल की मद में वसूली प्रभावित हो रही है। ऐसे में ऑनलाइन नामांतरण दर्ज करने से पहले जलकल भुगतान की अनापत्ति प्रमाणपत्र भी अपलोड करने होगा। इसके बाद ही ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण की जा सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अब तक भवनों के नामांतरण के लिए नगर निगम संपत्ति की कुल कीमत का एक प्रतिशत शुल्क वसूलता था। इस हिसाब से 15 लाख रुपये कीमत के भवन का नामांतरण कराने के लिए भवन स्वामी को 15 हजार रुपये चुकाने पड़ते थे। नई उपविधि लागू होने के बाद अब एक हजार से 10,000 रुपये में भवन नामांतरण करा सकेंगे। बैनामा में संपत्ति के मूल्य के हिसाब से दरों का निर्धारण किया गया है। नई उपविधि लागू करने की प्रक्रिया चलने के बाद नामांतरण के आवेदन आने बेहद कम हो गया थे। अब इसमें वृद्धि के आसार हैं।
विज्ञापन
इसी बीच नगर निगम ने आवेदन के दौरान एक शर्त जोड़ी है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार ने बताया कि नगर निगम की वेबसाइट पर अपलोड किए जाने वाले प्रपत्रों में गृहकरदाताओं द्वारा जल संस्थान की ओर से जारी जलकल के भुगतान की रसीद संलग्न नहीं की जाती है, जिससे जल संस्थान को जलकल की मद में वसूली प्रभावित हो रही है। ऐसे में ऑनलाइन नामांतरण दर्ज करने से पहले जलकल भुगतान की अनापत्ति प्रमाणपत्र भी अपलोड करने होगा। इसके बाद ही ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण की जा सकेगी।
विज्ञापन