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Jhansi: पुलिस विभाग में टीए और डीए न मिलने पर इंस्टाग्राम पर घमासान, बर्खास्त सिपाही की रील से मची खलबली
Mon, 10 Aug 2026 01:07 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Mon, 10 Aug 2026 01:07 PM IST
सार
एसएसपी का कहना है कि जितना डीए-टीए के बकाया होने की बात कही जा रही है, वह गलत है। इस मामले की जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है। रिपोर्ट जल्द ही देने के लिए कहा गया है।
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एसएसपी कार्यालय, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पुलिस विभाग में वर्षों से अटके टीए (यात्रा भत्ता) और डीए (महंगाई भत्ता) को लेकर इंस्टाग्राम पर घमासान छिड़ गया है। रविवार दोपहर बर्खास्त सिपाही सुनील शुक्ला ने इंस्टाग्राम पर झांसी पुलिसकर्मियों के कई साल से टीए-डीए बकाया होने को लेकर एक रील अपलोड की। इसके जरिये सुनील ने कहा कि झांसी में तैनात सिपाही, दीवान, दरोगा को कई साल से टीए डीए लटकाए रखा गया है। संबंधित बाबू इसके लिए दस फीसदी कमीशन वसूलता है।
सुनील का यहां तक कहना है कि एडवांस में कमीशन चुकाने के बावजूद पुलिसकर्मियों को पैसा नहीं मिला। उसने अफसरों पर भी आरोप लगाए। सुनील की यह रील कुछ घंटे में ही वायरल हो गई। तमाम पुलिस कर्मियों के मोबाइल फोन में यह रील घूमने लगी। देखते-देखते हजारों लोगों ने लाइक करने के साथ ही कमेंट करना शुरू कर दिया। रात 10 बजे तक 250 से अधिक लोग कमेंट कर चुके। इनमें तमाम लोगों ने सुनील की बात से सहमति जताई। सहमति जताने वालों में कई पुलिसकर्मी भी थे। इस रील के वायरल होने की भनक लगते ही पुलिस अफसरों की टीम भी सक्रिय हो उठी। कई सिपाहियों को जवाब में कमेंट के लिए उतारा गया। महज कुछ देर में ही कई यूजर की ओर से भुगतान नियमित तौर पर किए जाने के कमेंट किए गए। सूत्रों का कहना है कि इस रील पर कमेंट करने के लिए खास तौर से निर्देश भी दिए गए थे। यह सभी कमेंट देखने से भी एक जैसे लग रहे थे वहीं, एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है कि जितना डीए-टीए के बकाया होने की बात कही जा रही है, वह गलत है। इस मामले की जांच एसपी सिटी प्रीति सिंह को सौंपी गई है। रिपोर्ट जल्द ही देने के लिए कहा गया है।
दबिश में जाने के कई साल बाद भी नहीं मिला भत्ता
बदमाशों की तलाश में गैर जनपद जाने वाले तमाम पुलिसकर्मियों को कई साल बाद भी अभी तक यात्रा भत्ता नहीं मिला। कई दरोगा एवं निरीक्षक ऐसे हैं जिनका तीन साल से भी पुराना टीए-डीए बिल आलमारी में पड़ा धूल फांक रहा है। उनका हजारों रुपये का डीए बिल बकाया हो चुका। यही हाल वीआईपी ड्यूटी का है। नियमों के मुताबिक वीआईपी ड्यूटी से लौटने के बाद भुगतान होना चाहिए लेकिन, हकीकत में दर्जनों वीआईपी ड्यूटी करने के लौटने के बाद भी उनका भुगतान नहीं हुआ।
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सुनील का यहां तक कहना है कि एडवांस में कमीशन चुकाने के बावजूद पुलिसकर्मियों को पैसा नहीं मिला। उसने अफसरों पर भी आरोप लगाए। सुनील की यह रील कुछ घंटे में ही वायरल हो गई। तमाम पुलिस कर्मियों के मोबाइल फोन में यह रील घूमने लगी। देखते-देखते हजारों लोगों ने लाइक करने के साथ ही कमेंट करना शुरू कर दिया। रात 10 बजे तक 250 से अधिक लोग कमेंट कर चुके। इनमें तमाम लोगों ने सुनील की बात से सहमति जताई। सहमति जताने वालों में कई पुलिसकर्मी भी थे। इस रील के वायरल होने की भनक लगते ही पुलिस अफसरों की टीम भी सक्रिय हो उठी। कई सिपाहियों को जवाब में कमेंट के लिए उतारा गया। महज कुछ देर में ही कई यूजर की ओर से भुगतान नियमित तौर पर किए जाने के कमेंट किए गए। सूत्रों का कहना है कि इस रील पर कमेंट करने के लिए खास तौर से निर्देश भी दिए गए थे। यह सभी कमेंट देखने से भी एक जैसे लग रहे थे वहीं, एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है कि जितना डीए-टीए के बकाया होने की बात कही जा रही है, वह गलत है। इस मामले की जांच एसपी सिटी प्रीति सिंह को सौंपी गई है। रिपोर्ट जल्द ही देने के लिए कहा गया है।
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दबिश में जाने के कई साल बाद भी नहीं मिला भत्ता
बदमाशों की तलाश में गैर जनपद जाने वाले तमाम पुलिसकर्मियों को कई साल बाद भी अभी तक यात्रा भत्ता नहीं मिला। कई दरोगा एवं निरीक्षक ऐसे हैं जिनका तीन साल से भी पुराना टीए-डीए बिल आलमारी में पड़ा धूल फांक रहा है। उनका हजारों रुपये का डीए बिल बकाया हो चुका। यही हाल वीआईपी ड्यूटी का है। नियमों के मुताबिक वीआईपी ड्यूटी से लौटने के बाद भुगतान होना चाहिए लेकिन, हकीकत में दर्जनों वीआईपी ड्यूटी करने के लौटने के बाद भी उनका भुगतान नहीं हुआ।
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