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Jhansi: नहीं थमा बच्चों से भीख मंगवाने का सिलसिला, एक के पकड़े जाने के बाद भी गिरोह पर नकेल नहीं कस सकी पुलिस
Sun, 18 Jan 2026 08:57 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sun, 18 Jan 2026 08:57 PM IST
सार
शनिवार को झांसी मेला ग्राउंड में आठ-दस बच्चे भीख मांगते नजर आए। इन सभी बच्चों की उम्र 8-12 साल के बीच है। पूरे दिन यह बच्चे मेले में घूम-घूमकर भीख मांगते दिखे।
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पुलिस
- फोटो : प्रतीकात्मक
विस्तार
झांसी मेले में बच्चों से भीख मंगवाने वाले युवक के पकड़े जाने के बाद भी गिरोह के काम पर कोई असर नहीं पड़ा। अभी भी झांसी मेले में रोजाना दस से अधिक बच्चों से सरेआम भीख मंगवाई जा रही है। कई बच्चे ऐसे भी नजर आए जो महिलाओं के साथ भीख मांगते दिखे। इस पूरे खेल में मेला आयोजकों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
एक पकड़ चुका लेकिन नहीं थमा भीख का सिलसिला
झांसी मेले में बृहस्पतिवार को बच्चों से भीख मंगवाने वाले गिरोह का एक गुर्गा आसिफ पुलिस के हत्थे चढ़ा था। आसिफ के खिलाफ एएचटी शाखा में प्राथमिकी भी दर्ज हुई। उसने पूछताछ में बच्चों से भीख मंगवाने वाले गिरोह की बात कुबूल की थी। आरोपी को इसके बाद जेल भेज दिया गया लेकिन, एएचटी शाखा गिरोह के दूसरे सदस्यों की धरपकड़ नहीं कर सकी। इस वजह से गिरोह के सदस्यों के हौसले बुलंद हैं।
भीख मांगते नजर आए बच्चे
शनिवार को झांसी मेला ग्राउंड में आठ-दस बच्चे भीख मांगते नजर आए। इन सभी बच्चों की उम्र 8-12 साल के बीच है। पूरे दिन यह बच्चे मेले में घूम-घूमकर भीख मांगते दिखे। मेला के अंदर बने पुलिस सहायता केंद्र के पास ही दो बच्चे बैठकर भीख मांगते दिखे। मेला के प्रवेश द्वार के पास एक महिला अपने दूधमुंहे बच्चे के साथ बैठकर भीख मांगती दिखी। यह सभी पूरे दिन मेले के अंदर ही घूम-घूमकर भीख मांगते दिखे लेकिन, न पुलिस प्रशासन ने कोई कार्रवाई की न ही मेला आयोजकों को इसकी कोई परवाह रही। मेले के अंदर प्रवेश करने के लिए आयोजकों की अनुमति आवश्यक है। ऐसे में मेले के अंदर इन बच्चों के घूमने से आयोजकों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। प्रेमनगर निवासी उपेंद्र बबेले, ऋषभ, सोमेंद्र आदि ने पुलिस से शिकायत भी की लेकिन शनिवार को कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है इनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
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जानबूझकर बेदर्दी से तोड़ देते हैं बच्चों की हड्डियां
भिखारी गैंग चलाने वाले बेहद खतरनाक होते हैं। बच्चों से भीख मंगवाने के लिए उनके अंग भंग कर देने से गुरेज नहीं होता। जानकारों का कहना है बच्चों को कमर के पास इस तरह की चोट पहुंचाई जाती है कि उनका शरीर बढ़ता है लेकिन, पांव नहीं बढ़ पाते। पांव मुड़कर वी शेप के हो जाते हैं। ऐसे बच्चों को अधिक भीख मिलती है, इस वजह से यह बेदर्दी उनके साथ की जाती है।
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एक पकड़ चुका लेकिन नहीं थमा भीख का सिलसिला
झांसी मेले में बृहस्पतिवार को बच्चों से भीख मंगवाने वाले गिरोह का एक गुर्गा आसिफ पुलिस के हत्थे चढ़ा था। आसिफ के खिलाफ एएचटी शाखा में प्राथमिकी भी दर्ज हुई। उसने पूछताछ में बच्चों से भीख मंगवाने वाले गिरोह की बात कुबूल की थी। आरोपी को इसके बाद जेल भेज दिया गया लेकिन, एएचटी शाखा गिरोह के दूसरे सदस्यों की धरपकड़ नहीं कर सकी। इस वजह से गिरोह के सदस्यों के हौसले बुलंद हैं।
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भीख मांगते नजर आए बच्चे
शनिवार को झांसी मेला ग्राउंड में आठ-दस बच्चे भीख मांगते नजर आए। इन सभी बच्चों की उम्र 8-12 साल के बीच है। पूरे दिन यह बच्चे मेले में घूम-घूमकर भीख मांगते दिखे। मेला के अंदर बने पुलिस सहायता केंद्र के पास ही दो बच्चे बैठकर भीख मांगते दिखे। मेला के प्रवेश द्वार के पास एक महिला अपने दूधमुंहे बच्चे के साथ बैठकर भीख मांगती दिखी। यह सभी पूरे दिन मेले के अंदर ही घूम-घूमकर भीख मांगते दिखे लेकिन, न पुलिस प्रशासन ने कोई कार्रवाई की न ही मेला आयोजकों को इसकी कोई परवाह रही। मेले के अंदर प्रवेश करने के लिए आयोजकों की अनुमति आवश्यक है। ऐसे में मेले के अंदर इन बच्चों के घूमने से आयोजकों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। प्रेमनगर निवासी उपेंद्र बबेले, ऋषभ, सोमेंद्र आदि ने पुलिस से शिकायत भी की लेकिन शनिवार को कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है इनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
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जानबूझकर बेदर्दी से तोड़ देते हैं बच्चों की हड्डियां
भिखारी गैंग चलाने वाले बेहद खतरनाक होते हैं। बच्चों से भीख मंगवाने के लिए उनके अंग भंग कर देने से गुरेज नहीं होता। जानकारों का कहना है बच्चों को कमर के पास इस तरह की चोट पहुंचाई जाती है कि उनका शरीर बढ़ता है लेकिन, पांव नहीं बढ़ पाते। पांव मुड़कर वी शेप के हो जाते हैं। ऐसे बच्चों को अधिक भीख मिलती है, इस वजह से यह बेदर्दी उनके साथ की जाती है।