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Jhansi :150 रुपये की चोरी में 49 साल बाद सजा, कोर्ट में बोला दोषी, मुकदमा लड़ने की शक्ति नहीं बची

Tue, 05 Aug 2025 07:27 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क Published by: दीपक महाजन Updated Tue, 05 Aug 2025 07:27 PM IST
सार

सहकारी समिति में चोरी के बाद 1976 में रिपार्ट दर्ज कराई गई थी। कन्हैया हर तारीख पर कोर्ट पहुंचता रहा। करीब 75 साल की उम्र में भी तारीख पर वह टहरौली से न्यायालय आता था। 
 

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Jhansi: Sentenced after 49 years for theft of Rs 150
कोर्ट का फैसला - फोटो : FreePik

विस्तार

टहरौली स्थित सहकारी समिति में हुई चोरी के मामले में अपना जुर्म कुबूल कर लेने पर कोर्ट ने 49 साल बाद अभियुक्त कन्हैया लाल को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उसे जेल में बिताई अवधि समेत नौ सौ रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।

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अपना जुर्म कुबूल करते हुए अभियुक्त ने कोर्ट से कहा कि कई साल से तारीख पर आते-आते वह परेशान हो गया है। मुकदमा लड़ने की शक्ति नहीं बची। वह जुर्म इकबाल करके अपने मुकदमे का निस्तारण करना चाहता है। उसकी गुहार के बाद कोर्ट ने सजा सुनाई।
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टहरौली थाने के बमनुआ गांव स्थित एलएसएस सहकारी समिति में कन्हैया लाल, लक्ष्मी प्रसाद एवं रघुनाथ कर्मचारी थे। 1976 में सचिव बिहारीलाल गौतम ने टहरौली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि रसीद एवं चंडी (कीमत 150 रुपये) की चोरी की गई। रसीद बुक पर सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर करके कूट रचना करते हुए 14,472 रुपये वसूल किया।
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लक्ष्मी प्रसाद ने 3887.40 रुपये की रसीद काट ली। फर्जी हस्वाधर करके धनराशि का गबन कर लिया। आरोपियों में लक्ष्मी प्रसाद एवं रघुनाथ की मृत्यु हो गई जबकि पुलिस ने कनौया को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था।

इसके बाद, जमानत पर यह बाहर आ गया लेकिन मुकदमा लगाकर चलता रहा। विवेचना के बाद पुलिस ने 19 सितंबर 1984 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। इसके बाद से मामला लगातार कोर्ट में चलता रहा। इस मामले में तारीख पर तारीख लगती रही। फैसला नहीं हो सका।

आरोपी कन्हैया हर करीख पर कोर्ट पहुंचता रहा। करीब 75 साल की उम्र में भी तारीख पर यह टहरौली से कोर्ट आता था। 23 दिसंबर 2023 को उस पर आरोप तप हुए। इसके बाद भी फैसले के लिए उसे तीन साल इंतजार करना पड़ा

जेल में बिताई गई अवधि की सुनाई सजा


मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने अभियुक्त आकाश अहिरकर निवासे हंसारी को चोरी के आरोप में दोषी करार देते हुए जेल में बिताई गई अवधि समेत 500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियुक्त आकाश के खिलाफ 9 अप्रैल 2015 को कोतवाली में चोरी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर गई थी अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुतको मजबूत मानते हुए कोर्ट ने अभियुक्त को सजा सुनाई दंडित कहने में पीओ अखिलेश कुमार मौर्य, विवेयक उपनिरीक्षक अरविंद सिंह की भूमिका अहम रही।

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