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झांसी सीट : नौ बार कांग्रेस और छह बार भाजपा ने जीता लोकसभा चुनाव
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जनता ने निर्दलियों पर कभी नहीं जताया भरोसा, 1991 में दूसरे स्थान पर रहा था निर्दल प्रत्याशी
भाजपा के राजेंद्र अग्निहोत्री लगातार चार बार सांसद रहे
कांग्रेस की सुशीला नैय्यर ने लगातार तीन बार जीता चुनाव
नगेश शर्मा
झांसी। झांसी लोकसभा सीट पर अब तक हुए 17 लोकसभा चुनावों में नौ बार कांग्रेस और छह बार भाजपा के प्रत्याशियों ने जीत का परचम लहराया। इस सीट पर कभी निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत सका। 1991 के चुनाव में निर्दल प्रत्याशी ओमप्रकाश रिछारिया दूसरे स्थान पर रहे थे। भाजपा के राजेंद्र अग्निहोत्री यहां से लगातार चार बार सांसद रहे हैं और कांग्रेस की सुशीला नैय्यर ने लगातार तीन बार चुनाव जीता है।
बुंदेलखंड की राजधानी मानी जाने वाली झांसी लोकसभा सीट पर लंबे समय तक कांग्रेस का दबदबा रहा है। हालांकि बीच-बीच में भारतीय जनता पार्टी ने भी सेंध लगाई है। वहीं, सुशीला नैय्यर 1977 में भारतीय लोकदल के टिकट पर चुनाव जीतीं थीं। 1952 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रघुनाथ विनायक धुलेकर सांसद बने थे। इसके बाद 1957, 1962 और 1967 के चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी सुशीला नैय्यर लगातार तीन बार सांसद चुनी गईं। 1971 के चुनाव में कांग्रेस के गोविंद दास रिछारिया ने जीत हासिल की। इस चुनाव में सुशीला नैय्यर ने इंडियन नेशनल कांग्रेस ऑर्गनाइजेशन से चुनाव लड़ा और हार गईं। 1977 के चुनाव में सुशीला नैय्यर ने भारतीय लोकदल से चुनाव लड़ा और कांग्रेस प्रत्याशी गोविंद दास रिछारिया को हराया। 1980 में हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी विश्वनाथ शर्मा विजयी रहे। 1984 में कांग्रेस के सुजान सिंह बुंदेला चुनाव जीते थे। दूसरे स्थान पर भाजपा के राजेंद्र अग्निहोत्री रहे थे।
1989 के चुनाव में भाजपा के राजेंद्र अग्निहोत्री चुनाव जीते और कांग्रेस प्रत्याशी सुजान सिंह बुंदेला दूसरे स्थान पर रहे। 1991, 1996, 1998 के चुनाव में भी राजेंद्र अग्निहोत्री सांसद चुने गए। इस तरह राजेंद्र अग्निहोत्री लगातार चार बार सांसद चुने गए। 1999 में कांग्रेस ने फिर वापसी की और सुजान सिंह बुंदेला सांसद चुने गए और उन्होंने भाजपा के राजेंद्र अग्निहोत्री को 82521 वोटों से हराया। 2004 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के चंद्रपाल सिंह यादव ने जीत हासिल की। इस चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी बाबू लाल कुशवाह दूसरे स्थान पर रहे। 2009 में कांग्रेस के प्रदीप कुमार जैन ने चुनाव जीता था। 2014 के चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर पहली बार महिला प्रत्याशी को उतारते हुए भाजपा की फायरब्रांड नेता उमा भारती को टिकट दिया। उमा भारती ने 190467 वोटों के अंतर से सपा प्रत्याशी चंद्रपाल सिंह यादव को हराकर जीत दर्ज की। 2019 में भाजपा के अनुराग शर्मा चुनाव जीते। 2024 के चुनाव में भी भाजपा ने अनुराग शर्मा को इस सीट पर लोकसभा चुनाव का टिकट दिया है।
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चार बार ही प्रथम श्रेणी में पास हुए प्रत्याशी
इस सीट पर अब तक हुए 17 लोकसभा चुनावों में चार बार ही प्रत्याशी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। यानी 60 फीसदी से अधिक वोट मिले हैं। 1984 में हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी सुजान सिंह बुंदेला ने 61.27 प्रतिशत वोट प्राप्त किए थे। 1998 में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र अग्निहोत्री को 60 फीसदी वोट मिले। 2014 में भाजपा प्रत्याशी उमा भारती को 68 फीसदी वोट मिले। इसी तरह 2019 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अनुराग शर्मा ने 68 फीसदी वोट प्राप्त किए थे।
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इस सीट पर अब तक पांच बार रहीं महिला सांसद
इस सीट पर पांच बार महिला सांसद रही हैं। 1957 में पहली बार कांग्रेस से सुशीला नैय्यर सांसद चुनी गईं। 1962 और 1967 के चुनावों में भी कांग्रेस से सुशीला नैय्यर सांसद बनीं। 1977 में भारतीय लोकदल से सुशीला नैय्यर सांसद चुनी गईं। 2014 में उमा भारती भाजपा से सांसद बनीं।
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1962 में सुशीला नैय्यर ने सबसे कम अंतर से जीता चुनाव
इस सीट पर 1962 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी सुशीला नैय्यर ने 11090 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। उन्हें 89445 वोट मिले थे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रत्याशी पन्ना लाल ने 78355 वोट प्राप्त किए थे।
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भाजपा के राजेंद्र अग्निहोत्री लगातार चार बार सांसद रहे
कांग्रेस की सुशीला नैय्यर ने लगातार तीन बार जीता चुनाव
नगेश शर्मा
झांसी। झांसी लोकसभा सीट पर अब तक हुए 17 लोकसभा चुनावों में नौ बार कांग्रेस और छह बार भाजपा के प्रत्याशियों ने जीत का परचम लहराया। इस सीट पर कभी निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत सका। 1991 के चुनाव में निर्दल प्रत्याशी ओमप्रकाश रिछारिया दूसरे स्थान पर रहे थे। भाजपा के राजेंद्र अग्निहोत्री यहां से लगातार चार बार सांसद रहे हैं और कांग्रेस की सुशीला नैय्यर ने लगातार तीन बार चुनाव जीता है।
बुंदेलखंड की राजधानी मानी जाने वाली झांसी लोकसभा सीट पर लंबे समय तक कांग्रेस का दबदबा रहा है। हालांकि बीच-बीच में भारतीय जनता पार्टी ने भी सेंध लगाई है। वहीं, सुशीला नैय्यर 1977 में भारतीय लोकदल के टिकट पर चुनाव जीतीं थीं। 1952 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रघुनाथ विनायक धुलेकर सांसद बने थे। इसके बाद 1957, 1962 और 1967 के चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी सुशीला नैय्यर लगातार तीन बार सांसद चुनी गईं। 1971 के चुनाव में कांग्रेस के गोविंद दास रिछारिया ने जीत हासिल की। इस चुनाव में सुशीला नैय्यर ने इंडियन नेशनल कांग्रेस ऑर्गनाइजेशन से चुनाव लड़ा और हार गईं। 1977 के चुनाव में सुशीला नैय्यर ने भारतीय लोकदल से चुनाव लड़ा और कांग्रेस प्रत्याशी गोविंद दास रिछारिया को हराया। 1980 में हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी विश्वनाथ शर्मा विजयी रहे। 1984 में कांग्रेस के सुजान सिंह बुंदेला चुनाव जीते थे। दूसरे स्थान पर भाजपा के राजेंद्र अग्निहोत्री रहे थे।
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1989 के चुनाव में भाजपा के राजेंद्र अग्निहोत्री चुनाव जीते और कांग्रेस प्रत्याशी सुजान सिंह बुंदेला दूसरे स्थान पर रहे। 1991, 1996, 1998 के चुनाव में भी राजेंद्र अग्निहोत्री सांसद चुने गए। इस तरह राजेंद्र अग्निहोत्री लगातार चार बार सांसद चुने गए। 1999 में कांग्रेस ने फिर वापसी की और सुजान सिंह बुंदेला सांसद चुने गए और उन्होंने भाजपा के राजेंद्र अग्निहोत्री को 82521 वोटों से हराया। 2004 के चुनाव में समाजवादी पार्टी के चंद्रपाल सिंह यादव ने जीत हासिल की। इस चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी बाबू लाल कुशवाह दूसरे स्थान पर रहे। 2009 में कांग्रेस के प्रदीप कुमार जैन ने चुनाव जीता था। 2014 के चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर पहली बार महिला प्रत्याशी को उतारते हुए भाजपा की फायरब्रांड नेता उमा भारती को टिकट दिया। उमा भारती ने 190467 वोटों के अंतर से सपा प्रत्याशी चंद्रपाल सिंह यादव को हराकर जीत दर्ज की। 2019 में भाजपा के अनुराग शर्मा चुनाव जीते। 2024 के चुनाव में भी भाजपा ने अनुराग शर्मा को इस सीट पर लोकसभा चुनाव का टिकट दिया है।
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चार बार ही प्रथम श्रेणी में पास हुए प्रत्याशी
इस सीट पर अब तक हुए 17 लोकसभा चुनावों में चार बार ही प्रत्याशी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। यानी 60 फीसदी से अधिक वोट मिले हैं। 1984 में हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी सुजान सिंह बुंदेला ने 61.27 प्रतिशत वोट प्राप्त किए थे। 1998 में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र अग्निहोत्री को 60 फीसदी वोट मिले। 2014 में भाजपा प्रत्याशी उमा भारती को 68 फीसदी वोट मिले। इसी तरह 2019 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अनुराग शर्मा ने 68 फीसदी वोट प्राप्त किए थे।
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इस सीट पर अब तक पांच बार रहीं महिला सांसद
इस सीट पर पांच बार महिला सांसद रही हैं। 1957 में पहली बार कांग्रेस से सुशीला नैय्यर सांसद चुनी गईं। 1962 और 1967 के चुनावों में भी कांग्रेस से सुशीला नैय्यर सांसद बनीं। 1977 में भारतीय लोकदल से सुशीला नैय्यर सांसद चुनी गईं। 2014 में उमा भारती भाजपा से सांसद बनीं।
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1962 में सुशीला नैय्यर ने सबसे कम अंतर से जीता चुनाव
इस सीट पर 1962 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी सुशीला नैय्यर ने 11090 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। उन्हें 89445 वोट मिले थे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रत्याशी पन्ना लाल ने 78355 वोट प्राप्त किए थे।