फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Jhansi: Returned to her soil after 25 years...Along with treatment, she is also creating awareness

Jhansi: 25 साल बाद अपनी मिट्टी में लौटीं...इलाज के साथ जागरुक भी कर रहीं

Wed, 03 Sep 2025 09:57 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Wed, 03 Sep 2025 09:57 PM IST
सार

डॉ. सुनयना आईआईएमए से जुड़कर स्कूली छात्राओं को गुड टच, बैड टच, हाईजीन के बारे में जागरूक करती हैं।

विज्ञापन
Jhansi: Returned to her soil after 25 years...Along with treatment, she is also creating awareness
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनयना उपाध्याय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनयना उपाध्याय ने पढ़ाई के बाद 25 साल बुंदेलखंड के बाहर ही चिकित्सा कार्य किया लेकिन जड़ों ने से जुड़ाव उन्हें बुंदेलखंड खींच लाया। यहां ग्रामीण अंचल की महिलाओं में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए उन्होंने डेढ़ साल पहले रक्सा में अपना हॉस्पिटल खोला। उनके यहां नर्सिंग से लेकर सफाई कर्मचारी तक महिलाओं का स्टाफ है। वह महिलाओं को हाईजीन और अन्य समस्याओं के बारे में जागरूक भी करती हैं।
विज्ञापन


झांसी की रहने वाली डॉ. सुनयना उपाध्याय बताती हैं कि स्कूलिंग के बाद बांदा से बीएएमएस और फिर मुंबई से पढ़ाई के बाद प्रदेश के कई जिलों में प्रैक्टिस की। इस बीच कहीं न कहीं यह टीस खलती रही कि बुंदेलखंड के पिछड़े इलाके में आज भी ग्रामीण अंचल की महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं मिल पा रही हैं। जागरुकता के अभाव और तंगहाली के चलते कई महिलाएं यौन और अन्य समस्याओं से जूझती रहती हैं मगर इलाज कराने शहर तक नहीं आ पाती हैं। ऐसे में डॉ. सुनयना ने अपनी जन्मभूमि में लौटने का फैसला किया। डेढ़ साल पहले रक्सा में श्रीमंगलम पॉली क्लीनिक शुरू किया। उन्होंने अपने अस्पताल में एक भी पुरुष स्टाफ नहीं रखा है। नर्सिंग स्टाफ, फॉमर्मासिस्ट और केमिस्ट का काम भी महिलाएं संभालती हैं।
विज्ञापन


उनका कहना है कि ग्रामीण अंचल की महिलाएं अपनी समस्या को पुरुष स्टाफ के सामने खुलकर नहीं बता पाती हैं। वह बेहद कम शुल्क लेकर मरीजों का उपचार करती हैं। गरीब महिलाओं को निःशुल्क भी देखते हैं। डॉ. सुनयना आईआईएमए से जुड़कर स्कूली छात्राओं को गुड टच, बैड टच, हाईजीन के बारे में जागरूक करती हैं। निःशुल्क शिविर लगाती हैं और कई बार गांवों में जाकर महिलाओं को हाईजीन के महत्व और इसकी अनदेखी से होने वाली बीमारियों की जानकारी देकर बचाव के तरीके भी बताती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed