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बीयू: पहले पीएचडी को बताया फर्जी...फिर बताया सही, पूर्व कुलपति की उपाधि के सत्यापन में सामने आई बड़ी चूक
Sun, 05 Oct 2025 10:20 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Sun, 05 Oct 2025 10:20 AM IST
सार
जांच के दौरान पता चला कि पूर्व कुलपति की पीएचडी की उपाधि सही है। इसके बाद बीयू ने आवेदक को फिर से सत्यापन रिपोर्ट भेजी। बताया गया कि बीयू ने जो पहली गलत रिपोर्ट भेजी थी, उससे पूर्व वीसी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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बीयू, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में पूर्व कुलपति की पीएचडी की उपाधि के सत्यापन में चूक सामने आई है। बीयू को इस मामले में दो बार रिपोर्ट भेजनी पड़ी। पहली रिपोर्ट में जहां उनकी उपाधि को बीयू ने फर्जी बताया तो दूसरी में सही होने की जानकारी दी। इससे बीयू की सत्यापन व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। गुजरात के एक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति विजय कुमार श्रीवास्तव की पीएचडी डिग्री के संबंध में एक व्यक्ति ने बीयू से जानकारी मांगी थी।
डिग्री फर्जी बताने पर छिड़ा विवाद
बताया गया कि दो सितंबर को बीयू की ओर से भेजी गई सत्यापन रिपोर्ट में उनकी डिग्री को फर्जी बता दिया गया था। इस पर काफी विवाद छिड़ गया था। मामला बीयू के आला अधिकारियों तक पहुंच गया। बताया गया कि पूर्व वीसी ने पीएचडी से संबंधित दस्तावेज भी बीयू प्रशासन को उपलब्ध कराए। इस पर कुलपति ने पूरे मामले में रिपोर्ट मांग ली।
पूर्व कुलपति रहे परेशान
जांच के दौरान पता चला कि पूर्व कुलपति की पीएचडी की उपाधि सही है। इसके बाद बीयू ने आवेदक को फिर से सत्यापन रिपोर्ट भेजी। इसमें लिखा कि पूर्व वीसी की डिग्री सही है। बताया गया कि बीयू ने जो पहली गलत रिपोर्ट भेजी थी, उससे पूर्व वीसी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पूर्व कुलपति की शिकायत पर उनकी उपाधि को फर्जी बताने वाले गुजरात के एक शिक्षक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो गई है। ऐसे में बीयू ने हाल ही में फिर सूचना भेजी है।
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बीयू परीक्षा नियंत्रक राज बहादुर का कहना है कि बीयू के दस्तावेजों में पूर्व वीसी का नाम विजय कुमार लिखा है। हालांकि, उनके पिता के नाम में सरनेम श्रीवास्तव लिखा है। जब फिर से जांच की गई तो उनकी पीएचडी उपाधि सही मिली। इसकी रिपोर्ट आवेदक को भेज दी गई है।
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डिग्री फर्जी बताने पर छिड़ा विवाद
बताया गया कि दो सितंबर को बीयू की ओर से भेजी गई सत्यापन रिपोर्ट में उनकी डिग्री को फर्जी बता दिया गया था। इस पर काफी विवाद छिड़ गया था। मामला बीयू के आला अधिकारियों तक पहुंच गया। बताया गया कि पूर्व वीसी ने पीएचडी से संबंधित दस्तावेज भी बीयू प्रशासन को उपलब्ध कराए। इस पर कुलपति ने पूरे मामले में रिपोर्ट मांग ली।
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पूर्व कुलपति रहे परेशान
जांच के दौरान पता चला कि पूर्व कुलपति की पीएचडी की उपाधि सही है। इसके बाद बीयू ने आवेदक को फिर से सत्यापन रिपोर्ट भेजी। इसमें लिखा कि पूर्व वीसी की डिग्री सही है। बताया गया कि बीयू ने जो पहली गलत रिपोर्ट भेजी थी, उससे पूर्व वीसी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पूर्व कुलपति की शिकायत पर उनकी उपाधि को फर्जी बताने वाले गुजरात के एक शिक्षक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो गई है। ऐसे में बीयू ने हाल ही में फिर सूचना भेजी है।
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बीयू परीक्षा नियंत्रक राज बहादुर का कहना है कि बीयू के दस्तावेजों में पूर्व वीसी का नाम विजय कुमार लिखा है। हालांकि, उनके पिता के नाम में सरनेम श्रीवास्तव लिखा है। जब फिर से जांच की गई तो उनकी पीएचडी उपाधि सही मिली। इसकी रिपोर्ट आवेदक को भेज दी गई है।