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झांसी: माहवारी के दौरान सफाई में चूक बन सकती है बांझपन की वजह, विशेषज्ञों ने महिलाओं व किशोरियों को किया अवेयर

Thu, 28 May 2026 08:32 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Thu, 28 May 2026 08:32 PM IST
सार

अंतरराष्ट्रीय माहवारी स्वच्छता दिवस पर स्त्री रोग विशेषज्ञों ने महिलाओं और किशोरियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी।

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Jhansi: Laxity in cleaning during menstruation can cause infertility
मेडिकल कॉलेज, झांसी - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

माहवारी के दौरान साफ-सफाई में लापरवाही महिलाओं के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। संक्रमण बढ़ने पर यह समस्या गर्भनाल तक पहुंच सकती है, जो आगे चलकर बांझपन का कारण भी बन सकती है। अंतरराष्ट्रीय माहवारी स्वच्छता दिवस पर स्त्री रोग विशेषज्ञों ने महिलाओं और किशोरियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी।
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मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सिप्पी अग्रवाल ने बताया कि माहवारी के दौरान स्वच्छता नहीं रखने से खुजली और संक्रमण की समस्या बढ़ जाती है। अधिक खुजलाने से जख्म हो जाते हैं, जिससे संक्रमण तेजी से फैलता है। यदि समय पर उपचार नहीं कराया जाए तो संक्रमण गर्भनाल तक पहुंच सकता है।
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वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. विद्या चौधरी ने बताया कि माहवारी के दिनों में हर छह से आठ घंटे में सैनिटरी पैड बदलना चाहिए। पैड बदलने से पहले हाथों को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। लापरवाही बरतने पर संक्रमण फैलोपियन ट्यूब तक पहुंच सकता है, जिससे सूजन या ट्यूब ब्लॉक होने की आशंका रहती है। यही आगे चलकर बांझपन की वजह बन सकता है। डॉक्टरों ने बताया कि माहवारी के दौरान करीब 50 फीसदी महिलाओं को पेट और कमर दर्द की शिकायत होती है। यदि दर्द असामान्य रूप से अधिक हो तो तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
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छात्राओं को बांटे सैनिटरी पैड
जागरूकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष 28 मई को अंतरराष्ट्रीय माहवारी स्वच्छता दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम है-माहवारी अनुकूल दुनिया के लिए एकजुटता। इस अवसर पर बुधवार को महिला जिला अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छात्राओं और युवतियों को माहवारी से जुड़ी भ्रांतियों से दूर रहने और वैज्ञानिक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।


राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनुप्रिया जैन ने कहा कि माहवारी को लेकर झिझक और रूढ़िवादिता को छोड़ने की जरूरत है। इस दौरान पौष्टिक और सुपाच्य भोजन लेना चाहिए। कार्यक्रम में सीएमएस डॉ. राजनारायण समेत अन्य चिकित्सकों ने छात्राओं को सैनिटरी पैड वितरित किए।
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