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Jhansi News: देश के 100 साफ शहरों में शामिल हुआ अपना झांसी
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झांसी। स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में झांसी देश के शीर्ष 100 शहरों में अपनी जगह बनाने में कामयाब हो गया है। इस बार झांसी की ऑल इंडिया रैंक 96वीं और उत्तर प्रदेश में 14वीं रैंक आई है। पिछले साल तक आबादी के हिसाब से शहरों को अलग-अलग श्रेणियों में रैंकिंग जारी की जाती थी। मगर इस बार एक लाख से अधिक आबादी वाले सभी शहरों की एक साथ रैंकिंग जारी की गई है।
केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए जुलाई 2023 से फील्ड असेसमेंट शुरू कराया था। मूल्यांकनकर्ताओं ने 46 संकेतकों में स्वच्छता को लेकर किए गए शहरों के कामकाज का अध्ययन किया। इसके बाद अपनी रिपोर्ट सौंपी। बृहस्पतिवार को रैंकिंग जारी कर दी गई। ऑल इंडिया रैंकिंग में जहां इंदौर पहले पायदान पर है। वहीं, झांसी को 96वीं रैंक हासिल हुई है। प्रदेश स्तर पर झांसी की 14वीं रैंक आई है। सर्वेक्षण के दौरान झांसी को 9500 अंकों में 6065.1 अंक प्राप्त हुए हैं। नगर निगम में स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी मो. कमर ने बताया कि पिछले साल तक एक से तीन लाख, तीन से 10 लाख, 10 से 40 लाख और 40 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को अलग-अलग श्रेणियों में रखकर रैंकिंग जारी की जाती थी। मगर इस बार एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की एक साथ रैंकिंग जारी हुई है।
किसमें कितने अंक मिले
- सर्विस लेवल प्रोग्रेस में 4830 में से 2896 अंक।
- गार्बेज फ्री सिटी में 1375 में से 725 अंक।
- ओडीएफ में 1125 में से 725 अंक।
- सिटीजन वॉइस में 2170 में 1719.1 अंक।
सूखा-गीला कचरा अलग नहीं होने से फिसली रैंक
पिछले साल तीन से 10 लाख शहरों की रैंकिंग में झांसी की ऑल इंडिया रैंक 57वीं और प्रदेश में पांचवीं थी। जबकि, इस बार रैंकिंग फिसली है। शहर के रिपोर्ट कार्ड को देखें तो सूखा और गीला कचरा अलग-अलग न किए जाने की वजह से रैंकिंग गिर गई है। इसमें झांसी को सिर्फ 43 फीसदी अंक प्राप्त हुए हैं। जबकि, जल निकायों की स्वच्छता व डंप साइट के निवारण में 100-100 फीसदी, डूर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में 97 फीसदी, पब्लिक टॉयलेट की सफाई में 95 प्रतिशत, अपशिष्ट उत्पादन बनाम प्रसंस्करण में 94 फीसदी और शहरी क्षेत्रों तथा बाजारों की साफ-सफाई में 93-93 प्रतिशत अंक मिले हैं।
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झांसी कैंट बोर्ड का देश में 44वां और यूपी में 10वां स्थान
झांसी। स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 के तहत देश भर के 61 कैंट बोर्ड की रैंकिंग जारी हुई है। इसमें झांसी के बबीना कैंट बोर्ड को 9500 में 1432.8 अंक प्राप्त हुए हैं। ऑल ओवर इंडिया 44वीं और प्रदेश में 13 में 10वीं रैंक आई है। सिटीजन फीड बैक में झांसी कैंट को सेवा स्तर की प्रगति में 4830 में 719.1, नागरिक फीडबैक में 2170 में 518.2 और ओडीएफ में 1125 में 325 अंक प्राप्त हुए हैं।
इस बार कूड़ा मुक्त शहर की श्रेणी में झांसी को तीन स्टार मिले हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी स्वच्छ सर्वेक्षण में शीर्ष 100 शहरों में झांसी शामिल हुआ है। अगले साल झांसी की रैकिंग को और बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा। झांसी को देश में प्रथम स्थान पर लाने का लक्ष्य तय कर काम किया जाएगा।
बिहारी लाल आर्य, महापौर
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केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए जुलाई 2023 से फील्ड असेसमेंट शुरू कराया था। मूल्यांकनकर्ताओं ने 46 संकेतकों में स्वच्छता को लेकर किए गए शहरों के कामकाज का अध्ययन किया। इसके बाद अपनी रिपोर्ट सौंपी। बृहस्पतिवार को रैंकिंग जारी कर दी गई। ऑल इंडिया रैंकिंग में जहां इंदौर पहले पायदान पर है। वहीं, झांसी को 96वीं रैंक हासिल हुई है। प्रदेश स्तर पर झांसी की 14वीं रैंक आई है। सर्वेक्षण के दौरान झांसी को 9500 अंकों में 6065.1 अंक प्राप्त हुए हैं। नगर निगम में स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी मो. कमर ने बताया कि पिछले साल तक एक से तीन लाख, तीन से 10 लाख, 10 से 40 लाख और 40 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों को अलग-अलग श्रेणियों में रखकर रैंकिंग जारी की जाती थी। मगर इस बार एक लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की एक साथ रैंकिंग जारी हुई है।
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किसमें कितने अंक मिले
- सर्विस लेवल प्रोग्रेस में 4830 में से 2896 अंक।
- गार्बेज फ्री सिटी में 1375 में से 725 अंक।
- ओडीएफ में 1125 में से 725 अंक।
- सिटीजन वॉइस में 2170 में 1719.1 अंक।
सूखा-गीला कचरा अलग नहीं होने से फिसली रैंक
पिछले साल तीन से 10 लाख शहरों की रैंकिंग में झांसी की ऑल इंडिया रैंक 57वीं और प्रदेश में पांचवीं थी। जबकि, इस बार रैंकिंग फिसली है। शहर के रिपोर्ट कार्ड को देखें तो सूखा और गीला कचरा अलग-अलग न किए जाने की वजह से रैंकिंग गिर गई है। इसमें झांसी को सिर्फ 43 फीसदी अंक प्राप्त हुए हैं। जबकि, जल निकायों की स्वच्छता व डंप साइट के निवारण में 100-100 फीसदी, डूर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में 97 फीसदी, पब्लिक टॉयलेट की सफाई में 95 प्रतिशत, अपशिष्ट उत्पादन बनाम प्रसंस्करण में 94 फीसदी और शहरी क्षेत्रों तथा बाजारों की साफ-सफाई में 93-93 प्रतिशत अंक मिले हैं।
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झांसी कैंट बोर्ड का देश में 44वां और यूपी में 10वां स्थान
झांसी। स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 के तहत देश भर के 61 कैंट बोर्ड की रैंकिंग जारी हुई है। इसमें झांसी के बबीना कैंट बोर्ड को 9500 में 1432.8 अंक प्राप्त हुए हैं। ऑल ओवर इंडिया 44वीं और प्रदेश में 13 में 10वीं रैंक आई है। सिटीजन फीड बैक में झांसी कैंट को सेवा स्तर की प्रगति में 4830 में 719.1, नागरिक फीडबैक में 2170 में 518.2 और ओडीएफ में 1125 में 325 अंक प्राप्त हुए हैं।
इस बार कूड़ा मुक्त शहर की श्रेणी में झांसी को तीन स्टार मिले हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी स्वच्छ सर्वेक्षण में शीर्ष 100 शहरों में झांसी शामिल हुआ है। अगले साल झांसी की रैकिंग को और बेहतर करने का प्रयास किया जाएगा। झांसी को देश में प्रथम स्थान पर लाने का लक्ष्य तय कर काम किया जाएगा।
बिहारी लाल आर्य, महापौर