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देश मेरा रंगरेज ए बाबू, घाट-घाट यहां घटता जादू...

Tue, 29 Dec 2015 01:08 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Tue, 29 Dec 2015 01:08 AM IST
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jhansi jan mahotsava
झांसी। सोमवार को झांसी जन महोत्सव- 2015-16 ‘परंपरा’ के मंच पर देश के शीर्ष बैंडों में शुमार इंडियन ओशियन बैंड, मुंबई ने धमाकेदार प्रस्तुति दी। इस दौरान मंच बुंदेली कलाकारों ने भी संभाला। उन्होंने लोक गीत व नृत्य के माध्यम से बुंदेली संस्कृति के विविध रंग बिखेरे।
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किले की तलहटी में स्थित मुक्ताकाशी मंच पर दूसरे दिन कार्यक्रमों की शुरुआत बुंदेली विधाओं से हुई। मातादीन जोशी, हरविंद नीरज व साथियों ने बुंदेली गायन किया। महोबा के लल्लूराम कुशवाहा व साथियों ने तमूरा पर गायन प्रस्तुत किया। भगवत नारायण समाधिया ने बांसुरी व घुंघरू वादन से समां बांधा। इस दौरान राई नृत्य की भी प्रस्तुति हुई। इससे पूर्व बुंदेली कार्यक्रमों का शुभारंभ अंतर्राष्ट्रीय शायर सागर त्रिपाठी ने किया।
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इसके बाद मंच मुंबई के ओशियन बैंड ने संभाला। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मंडल रेल प्रबंधक एसके अग्रवाल ने किया। शुरुआत में कलाकारों ने गिटार व ड्रम की जुगलबंदी के साथ वंदना की। इसके बाद उन्होंने अपने ‘तनदनु’ एलबम के चर्चित गीत सुनाए। ‘नदियां हैं हम बहने दो, रोके से हम कब रुके हैं, बंधने से हम कब बंधे हैं,’‘घूम रहा है चरखा, रे जोगिया घूम रहा है चरखा...’ व पीपली लाइव फिल्म के गीत ‘देश मेरा रंगरेज ए बाबू, घाट-घाट यहां घटता जादू....’ के जरिये समां बांधा।
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कबीर दास के भजन ‘झीनी रे झीनी रे झीनी, चदरिया झीनी रे झीनी....’ को बैंड के कलाकारों ने अपने अनूठे अंदाज में पेश किया। ओशियन बैंड की प्रस्तुति देर रात चल चलती रही, जिसका लोगों ने जमकर लुत्फ लिया। युवा तो थिरकते नजर आए।

जन महोत्सव में आज
झांसी जन महोत्सव में मंगलवार को मुक्ताकाशी मंच पर सायं अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन होगा। प्रसिद्ध शायरों एवं कवियों डॉ. राहत इंदौरी, डॉ. वसीम बरेलवी, डॉ. निजामी, डॉ. कुंवर बेचैन, सागर त्रिपाठी, राजेंद्र मालवीय, मुजब्बर मालेगावी आदि अपनी कविताओं व शायरी से दर्शकों को पूरा लुत्फ दिलाएंगे।

वहीं बुंदेली कला पर्व में सीताराम कुशवाहा एवं साथियों द्वारा कछियाई नृत्य, प्रमोद सेन एवं साथियों द्वारा बुंदेली गायन, उमाशंकर सेन एवं साथियों द्वारा आल्हा गायन, राम प्रसाद अहिरवार एवं साथियों द्वारा राई नृत्य, ज्ञान सिंह यादव द्वारा एकल में बांसुरी वादन एवं रमेश पाल द्वारा पाई डंडा का प्रदर्शन किया जाएगा।


कला पर्व के अंतर्गत लक्ष्मी व्यायाम मंदिर में प्रात: 10:30 बजे से बालिका वर्ग की साइकिल रेस एवं दीन दयाल सभागार में पूर्वाह्न 11 बजे से आन स्पॉट पेंटिंग सीनियर व ओपन होगी। संयोजक जीएस भोगल ने बताया कि प्रतिभागियों का पंजीकरण दीन दयाल सभागार में प्रात: 10 बजे से होगा। वहीं नेशनल हाफिज सिद्दीकी गर्ल्स इंटर कालेज में व्यंजन उत्सव में मैदे के व्यंजन बनाओ प्रतियोगिता होगी।
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