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49 केंद्र की जगह गेहूं खरीद के खुले सिर्फ आठ केंद्र

Thu, 08 Apr 2021 01:40 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 08 Apr 2021 01:40 AM IST
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jhansi. grain purshased in 8 centre.
झांसी। गेहूं खरीद एक अप्रैल से आरंभ हो गई लेकिन, एक सप्ताह बाद भी निर्धारित क्रय केंद्र नहीं खोले जा सके। पीसीएफ को 49 केंद्र खोलने थे लेकिन, वह सिर्फ आठ केंद्र ही खोल सका है। क्रय केंद्रोें के न खुलने से किसानों को गेहूं बेचने के लिए दूरदराज तक भटकना पड़ रहा।
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उपज की सरकारी खरीद खत्म हो जाने की आशंका के चलते किसान आंदोलन पिछले कई माह से चल रहा है। इसको देखते हुए सरकार ने इस बार एक अप्रैल से गेहूं खरीद आरंभ करा दी। कागजों में भले खरीद केंद्र एक अप्रैल से आंरभ कर दिए गए हों लेकिन, मौके पर सिर्फ दस प्रतिशत केंद्र ही आरंभ हो सके हैं। झांसी मंडल में कुल 161 केंद्र खोले जाने थे। इनमें से खाद्य विभाग को 25, पीसीयू को 11, यूपीएसएस को तीन, भारतीय खाद्य निगम को छह, कृषि उत्पादन मंडी समिति को तीन केंद्र खोलने थे। मंडल में पीसीएफ को 113 केंद्र खोलने थे। इनमें से झांसी में उसे 49 केंद्र खोलने थे लेकिन, एक सप्ताह बाद भी उसकी ओर से सिर्फ आठ केंद्र ही खोले जा सकेे हैं। तमाम इलाकों में क्रय केंद्र न होने से किसानों को काफी मुश्किल उठानी पड़ रही। मऊरानीपुर, रानीपुर, बंगरा, गरौठा, बबीना आदि इलाकों में किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है। यह हालत तब सामने आ रही जब, सिर्फ करीब बीस फीसदी फसल ही अभी तक कटी है। अगले सप्ताह तक फसल कटाई में तेजी आने की उम्मीद है। उधर, आरएफसी नरेंद्र कुमार का कहना है कि जहां केंद्र नहीं चल रहे, वहां जल्द शुरू कराए जाएंगे।
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तकनीकी खामियों के चलते नहीं जनरेट हो रहे टोकन
गेहूं खरीद आरंभ हुए करीब एक सप्ताह होने को लेकिन, खरीद अभी तक रफ्तार नहीं पकड़ सकी। सरकारी खरीद केंद्रों मेें गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण को अनिवार्य किया गया है लेकिन, पंजीकरण में परेशानी होने से तमाम किसानों का टोकन भी जनरेट नहीं हो रहा। मऊरानीपुर के सिजारी बुर्जुग, सौनकपुरा, बरौरा, लहचूरा, इमलौटा आदि स्थानों पर किसानों को टोकन नहीं मिल रहा। गौरीशंकर रामचरण, बैजनाथ पांचाल, प्यारेलाल आदि का कहना है कई दिनों से वह रजिस्ट्रेशन कराने की कोशिश कर रहे लेकिन, उनको टोकन नहीं मिल रहा। इन किसानों का कहना है कि उनकी फसल कट चुकी है लेकिन, टोकन न मिलने की वजह से वह क्रय केंद्र नहीं जा पा रहे हैं।
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