झांसी: मऊरानीपुर की पूर्व विधायक डॉ. रश्मि आर्य ने सपा छोड़ी, भाजपा में हुईं शामिल
डॉ. आर्य 2012 में सपा की टिकट से विधायक बनी थीं। रश्मि का भाजपा में जाना सपा के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि उनके एक देवर मऊरानीपुर नगर पालिका अध्यक्ष हैं, जबकि दूसरे देवर जिला पंचायत सदस्य हैं।
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विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जिले की सियासत में समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। मऊरानीपुर की सपा की पूर्व विधायक डॉ. रश्मि आर्य ने सोमवार को सपा छोड़ भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। जबकि, इससे पहले सपा की विधान परिषद सदस्य रमा आरपी निरंजन भी भाजपा में शामिल हो चुकी हैं।
काफी समय से चली आ रही कयासबाजी को विराम देते हुए आखिरकार पूर्व विधायक डॉ. रश्मि आर्या ने समाजवादी पार्टी को छोड़ दिया। सोमवार को उन्होंने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के समक्ष लखनऊ में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। विदित हो कि डॉ. आर्य पिछले 25 साल से समाजवादी पार्टी में सक्रिय थीं।
साल 2012 में विधायक बनने से पहले आर्या ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत की सदस्य भी रह चुकी थीं। जबकि, उनके देवर हरिश्चंद्र आर्य मऊरानीपुर नगर पालिका के अध्यक्ष हैं और दूसरे देवर हेमंत सेठ जिला पंचायत सदस्य हैं। मऊरानीपुर की राजनीति में आर्य परिवार का मजबूत जनाधार माना जाता है। वहीं, इससे पहले 17 नवंबर 2021 को एमएलसी रमा आरपी निरंजन ने सपा छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया था।
समर्थकों के साथ हो रही थी अभद्रता: रश्मि
पूर्व विधायक डॉ. रश्मि आर्य ने कहा कि सपा नेता और उनके समर्थकों के साथ लगातार अभद्रता कर रहे थे। उन्हें क्षेत्र में प्रचार के लिए जाने से रोका जाता था। शिकायत पर पार्टी के बड़े नेता भी लगातार उपेक्षा कर रहे थे। ऐसे में सपा में रहने लायक माहौल नहीं रह गया था, जिससे मजबूरन सपा को छोड़ना पड़ा।
भाजपा में जाना पहले से ही था तय: कश्यप
सपा के जिलाध्यक्ष महेश कश्यप ने कहा कि पूर्व विधायक आर्य का भाजपा में जाना पहले से ही तय था। जिला पंचायत के चुनाव में उन्होंने खुलकर भाजपा की मदद की थी। समर्थकों से अभद्रता का आरोप निराधार है। सपा में हमेशा से ही उन्हें पूरा सम्मान मिला। हालांकि, उनके जाने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। सपा मऊरानीपुर में प्रचंड जीत हासिल करेगी।