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Jhansi: डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की चरमरा सकती है व्यवस्था, निगम ने फर्म को नहीं किया आठ माह का 18 करोड़ भुगतान

Sat, 18 Apr 2026 12:32 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Sat, 18 Apr 2026 12:32 PM IST
सार

रोजाना कूड़ा उठान के लिए 190 वाहन लगे हैं, इनमें 57 सीएनजी वाहन हैं। बाकी डीजल से संचालित होने वाले वाहन हैं। फर्म को अंतिम बार जुलाई 2025 में भुगतान किया गया था। उसके बाद से अब तक पैसा नहीं दिया गया है।

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Jhansi: Door-to-door garbage collection could collapse, corporation fails to pay firm Rs 18 crore for eight mo
नगर निगम, झांसी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महानगर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करने वाली फर्म पर नगर निगम की 18 करोड़ की देनदारी अब शहरवासियों पर भारी पड़ने लगी है। शुक्रवार को सीएनजी न भर पाने से आधे वाहनों ने शहर में कूड़ा नहीं उठाया। आज से सारे सीएनजी वाहनों के पहिये थमने की आशंका से व्यवस्था और चरमरा सकती है।
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नगर निगम ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठान का ठेका एक फर्म को दिया है। रोजाना कूड़ा उठान के लिए 190 वाहन लगे हैं, इनमें 57 सीएनजी वाहन हैं। बाकी डीजल से संचालित होने वाले वाहन हैं। सुपरवाइजर, ड्राइवर समेत लगभग 650 आउटसोर्स कर्मचारी लगे हैं। नगर निगम की ओर से हर महीने बिल में 10 फीसदी की कटौती करके सवा दो करोड़ रुपये फर्म को भुगतान किया जाता है। फर्म को अंतिम बार जुलाई 2025 में भुगतान किया गया था। उसके बाद से अब तक पैसा नहीं दिया गया है। ऐसे में पिछले आठ महीने में नगर निगम पर लगभग 18 करोड़ रुपये की देनदारी हो गई है। फर्म की ओर से नगर निगम प्रशासन को लगातार प्रार्थनापत्र देकर बकाया भुगतान न होने पर कूड़ा उठान में असमर्थता जताई जा रही थी।
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अधिकांश क्षेत्रों में कूड़ा उठान नहीं हो पाया
बृहस्पतिवार को काफी उधारी होने से पंप संचालक ने सीएनजी देने से हाथ खड़े कर दिए। करीब 50 फीसदी सीएनजी वाहन खड़े हो गए। बाकी वाहनों में पहले से जितनी सीएनजी डली थी, वो ही कूड़ा उठान करते रहे। चूंकि, सीएनजी वाहन अधिकतर शहरी इलाकों में चलते हैं, ऐसे में अधिकांश क्षेत्रों में कूड़ा उठान नहीं हो पाया। शहरवासी सुबह से दोपहर तक कचरा उठाने की गाड़ी आने का इंतजार करते रहे लेकिन जब कोई नहीं आया तो लोगों के घरों में ही कचरा रखा रह गया। वहीं, कचरा उठान पूरी तरह ठप होता है तो महानगर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे दिखाई देंगे।
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650 कर्मियों को मानदेय नहीं, पेट्रोल पंप पर 60 लाख बकाया
नगर निगम की ओर से भुगतान न करने पर फर्म ने भी 650 कर्मचारियों को मार्च का मानदेय नहीं दिया है। इससे कर्मचारी भी परेशान हैं। दूसरी तरफ, जिस पेट्रोल पंप से फर्म गाड़ियों में डीजल डलवाती है, उस पर भी 60 लाख रुपये से ज्यादा की उधारी हो गई है।

एक हफ्ते से निगम डलवा रहा है गाड़ियों में डीजल
उधारी के चलते पेट्रोल पंप ने गाड़ियों में डीजल डालने से हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में नगर निगम प्रशासन की ओर से पिछले एक हफ्ते से गाड़ियों में डीजल डलवाया जा रहा है। तब जाकर कहीं बाकी गाड़ियां कूड़ा उठान कर पा रही हैं।


शासन जारी कर चुका बजट, फिर भी लटका है भुगतान
शासन की ओर से 15वें वित्त के तहत नगर निगम को 23.17 करोड़ रुपये जनवरी के अंतिम सप्ताह में दिए गए थे। बताया गया कि 15वें वित्त आयोग की शर्तों के मुताबिक टाइड फंड के 13.90 करोड़ रुपये सफाई जैसी मूलभूत सहूलियतों पर खर्च किए जाते हैं, जिसमें डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करने वाली फर्म का भुगतान भी शामिल है। जबकि अनटाइड फंड के 9.27 करोड़ रुपये अवस्थापना संबंधी कार्यों जैसे सड़क, नाला-नाली आदि पर निर्माण पर खर्च किए जाने हैं। नगर आयुक्त की ओर से डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करने वाली फर्म के बकाया का भुगतान करने के लिए फाइल आगे बढ़ाई जा चुकी है। मेयर की अध्यक्षता वाली समिति की मुहर लगनी बाकी है।

डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाली फर्म को बकाया भुगतान करने की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही भुगतान हो जाएगा। - आकांक्षा राणा, नगर आयुक्त।
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